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मतदाता सूची में गड़बड़ी से गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 21 Nov 2015 11:37 PM IST
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मतदाता सूची में फर्जी वोटरों का नाम दर्ज होने को लेकर चायल के मोहम्मदपुर गांव के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। प्रधान पद के उम्मीदवारों के साथ ही गांववालों ने इसे लेकर मतदान के दिन झगड़े की आशंका जाहिर करते हुए शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को शिकायतीपत्र देकर सूची दुरुस्त कराकर ही वोटिंग कराने की मांग की। चायल तहसील के मोहम्मदपुर (इब्राहीमपुर झपिया) गांव के रहने वाले शाहे आलम, नयाब आलम, मोहम्मद उवैश, मोहम्मद उबैद, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद नसीम, मोहम्मद मियां, मैमूना पत्नी छोटे मियां, आसिफ अनीस, शबनम बेगम, मोहम्मद अख्तर आदि ने पंचायत चुनाव (ग्राम प्रधान) के लिए तैयार की गई मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
गांववालों की मानें तो सूची में दूसरे गांव के भी तमाम लोगों का नाम शामिल कर लिया गया है। सूची में गड़बड़ी का आलम है कि कुल आबादी के 90 फीसदी वोटर प्रदर्शित किए गए हैं जबकि आयोग के दिशा-निर्देश कुल आबादी से 75 फीसदी ही मतदाता होने चाहिए। आरोप है कि इसकी शिकायत पहले भी तहसील स्तर के अफसरों से की जा चुकी है। इसके बाद भी सूची में दर्ज फर्जी नामों को अब तक हटाया नहीं जा सका है। इससे प्रधान पद के मतदान के दौरान मतदेयस्थल पर झगड़े और बवाल की आशंका बनी हुई है। गांववालों के साथ ही प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने भी शिकायतीपत्र डीएम को देकर सूची की जांच कराकर इसे दुरुस्त कराने और मतदाता सूची ठीक कराए बगैर चुनाव नहीं कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने डीएम के साथ ही शिकायतीपत्र राज्य निर्वाचन आयोग, मंडलायुक्त, एसडीएम सदर और तहसीलदार को भी भेजा है।
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गांववालों की मानें तो सूची में दूसरे गांव के भी तमाम लोगों का नाम शामिल कर लिया गया है। सूची में गड़बड़ी का आलम है कि कुल आबादी के 90 फीसदी वोटर प्रदर्शित किए गए हैं जबकि आयोग के दिशा-निर्देश कुल आबादी से 75 फीसदी ही मतदाता होने चाहिए। आरोप है कि इसकी शिकायत पहले भी तहसील स्तर के अफसरों से की जा चुकी है। इसके बाद भी सूची में दर्ज फर्जी नामों को अब तक हटाया नहीं जा सका है। इससे प्रधान पद के मतदान के दौरान मतदेयस्थल पर झगड़े और बवाल की आशंका बनी हुई है। गांववालों के साथ ही प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों ने भी शिकायतीपत्र डीएम को देकर सूची की जांच कराकर इसे दुरुस्त कराने और मतदाता सूची ठीक कराए बगैर चुनाव नहीं कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने डीएम के साथ ही शिकायतीपत्र राज्य निर्वाचन आयोग, मंडलायुक्त, एसडीएम सदर और तहसीलदार को भी भेजा है।
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