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पंचायत भवन: कहीं बना तबेला, कहीं होता है जुआ

Sat, 15 Feb 2020 12:36 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 15 Feb 2020 12:36 AM IST
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Panchayat Bhavan: Tabela built somewhere, gambling takes place somewhere
Panchayat Bhavan: Tabela built somewhere, gambling takes place somewhere - फोटो : KAUSHAMBI
पंचायत भवन: कहीं बना तबेला, कहीं होता है जुआ
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जिले के अधिकतर गांवों में नहीं किया जा रहा है पंचायत भवन का सदुपयोग
न ग्राम सभा की बैठक होती है और न होते हैं जागरुकता कार्यक्रम, महिलाएं पाथती हैं उपले
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। दोआबा में अधिकतर पंचायत भवनों का सदुपयोग नहीं हो रहा है। यहां न तो खुली बैठकें होती हैं और न ही जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। आलम यह है कि कुछ जगह मवेशी डेरा डाले रहते हैं। कुछ जगह ग्रामीणों ने कब्जा कर रखा है। महिलाएं उपलें पाथती हैं तो अराजकतत्वों ने शराब पीने व जुआ खेलने के लिए इन भवनों को सुरक्षित स्थान समझ लिया है।
दोआबा में मंझनपुर, कड़ा, सिराथू, सरसवां, बारा, चायल, नेवादा व मूरतगंज समेत कुल आठ विकास खंड क्षेत्र हैं। ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार को अधिकतर ब्लॉक क्षेत्रों में पंचायत भवनों की पड़ताल की। स्थिति बेहद खराब देखने को मिली। कड़ा के कछुआ गांव स्थित पंचायत भवन की बिल्ंिडग जर्जर है। निर्माण के बाद आज तक यहां एक भी बार ग्राम सभा की खुली बैठक नहीं कराई गई। कोई जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन नहीं हुआ। चायल ब्लॉक के चरवा, काजू, समसपुर, टाटा व रैया देह माफी गांवों में भी पंचायत भवनों की दशा भी काफी खराब है। इन गांवों के जर्जर भवनों में दिनभर मवेशी बैठे रहते हैं। महिलाएं उपले पाथती हैं। सूरज ढलते ही अराजकतत्वों का जमावड़ा लग जाता है। कौशाम्बी विकास खंड क्षेत्र के बैगवां फतेहपुर तथा सचवारा गांव का पंचायत भवन भी खंडहर में तब्दील हो चुका है। यहां ग्रामीणों ने गंदगी फेंकना शुरू कर दिया है। अन्य विकास खंड क्षेत्रों के गांवों में भी पंचायत भवनों की दशा कमोवेश ऐसी ही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और सरकारी कर्मचारी योजनाएं लागू करने के बाद उसे भूल जाते हैं। पंचायत भवनों की बदहाली इसी का उदाहरण है।
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डीपीआरओ बोले
क्षतिग्रस्त पंचायत भवनों को जल्द ही दुरुस्त करा दिया जाएगा। साथ ही इसका सरकारी उपयोग भी होगा। कब्जेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अराजकतत्वों का अड्डा खत्म करने के लिए संबंधित थाने की पुलिस को पत्र भेजा जाएगा।
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