{"_id":"699a04279389bef8ac026ae0","slug":"paddy-procurement-will-continue-for-a-week-kaushambi-news-c-261-1-kmb1004-136910-2026-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: हफ्ते भर और होगी धान खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: हफ्ते भर और होगी धान खरीद
विज्ञापन
जिले में धान खरीद की प्रक्रिया सप्ताह भर और चलेगी। 28 फरवरी से धान की खरीद बंद हो जाएगी। वर्तमान में जिले के 16 क्रय केंद्रों पर धान खरीद का काम चल रहा है। अब तक 13,296 किसानों से करीब 60 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। विभाग ने 100 फीसदी लक्ष्य पूरा होने के बाद लक्ष्य में वृद्धि कर दी है।
जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया है। इसके बाद शासन ने लक्ष्य को 1,600 मीट्रिक टन और बढ़ा दिया। यह लक्ष्य भी पूरा होने की कगार पर है। सोमवार से सरसवां क्षेत्र के दो क्रय केंद्रों पर ही धान खरीद की जाएगी। अन्य केंद्रों में धान की खरीद पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
धान खरीद के सापेक्ष चावल की आपूर्ति की स्थिति अपेक्षाकृत धीमी है। अब तक कुल खरीद के मुकाबले 61 फीसदी चावल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को भेजा गया है। एफसीआई गोदामों में जरूरत के अनुसार स्थान नहीं होने के कारण धान के उठान में देरी हो रही है। इससे विभाग को भंडारण और परिवहन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
डिप्टी आरएमओ सुधांशु चौबे ने बताया कि विभाग का पूरा ध्यान धान की उठान और मिलर के बाद चावल की आपूर्ति पर केंद्रित है। पूरी खरीद के बाद विभाग को 41,549 मीट्रिक टन चावल एफसीआई को देना है।
अब तक केवल 25,394 मीट्रिक टन चावल ही एफसीआई को भेजा जा सका है। उन्होंने बताया कि एफसीआई के गोदामों में स्थान नहीं होने से उठान की प्रक्रिया धीमी है। समस्या दूर होते ही जल्द उठान तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
जिले में धान खरीद का लक्ष्य पूरा हो गया है। इसके बाद शासन ने लक्ष्य को 1,600 मीट्रिक टन और बढ़ा दिया। यह लक्ष्य भी पूरा होने की कगार पर है। सोमवार से सरसवां क्षेत्र के दो क्रय केंद्रों पर ही धान खरीद की जाएगी। अन्य केंद्रों में धान की खरीद पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी।
विज्ञापन
धान खरीद के सापेक्ष चावल की आपूर्ति की स्थिति अपेक्षाकृत धीमी है। अब तक कुल खरीद के मुकाबले 61 फीसदी चावल भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को भेजा गया है। एफसीआई गोदामों में जरूरत के अनुसार स्थान नहीं होने के कारण धान के उठान में देरी हो रही है। इससे विभाग को भंडारण और परिवहन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
डिप्टी आरएमओ सुधांशु चौबे ने बताया कि विभाग का पूरा ध्यान धान की उठान और मिलर के बाद चावल की आपूर्ति पर केंद्रित है। पूरी खरीद के बाद विभाग को 41,549 मीट्रिक टन चावल एफसीआई को देना है।
अब तक केवल 25,394 मीट्रिक टन चावल ही एफसीआई को भेजा जा सका है। उन्होंने बताया कि एफसीआई के गोदामों में स्थान नहीं होने से उठान की प्रक्रिया धीमी है। समस्या दूर होते ही जल्द उठान तेज किया जाएगा।