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Kaushambi News: धान की फसल पर कंडो रोग का प्रकोप
Fri, 07 Nov 2025 01:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:39 AM IST
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कंडो रोग से ग्रसित धान। संवाद
जिले के कई क्षेत्रों में इन दिनों धान की फसल पर कंडो (कंडुआ) रोग का प्रकोप देखने को मिल रहा है। यह रोग फंगस के कारण होता है, जो फसल को भारी नुकसान पहुंचाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह रोग बालियां निकलने के समय अधिक फैलता है, जब वातावरण में नमी अधिक और तापमान 25 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह रोग पश्चिमशरीरा, नेवादा व कौशाम्बी ब्लॉक में देखने को अधिक मिला है। इस रोग में धान के दानों की जगह पीले, हरे या नारंगी रंग के फफूंदीदार गोल उभार बन जाते हैं, जो बाद में काले पड़कर नष्ट हो जाते हैं। इस बार बालियां निकलने के समय असमय वर्षा और खेत में अधिक नमी इसके फैलाव का मुख्य कारण बनी है। साथ ही यूरिया का अत्यधिक प्रयोग भी रोग को बढ़ावा दे रहा है।
किसानों को दी सलाह
जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि इस बार बोआई से पहले बीज का कार्बेन्डाजिम से उपचार जरूर करें। रोगग्रस्त पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट कर दें। फसल में रोग के लक्षण दिखते ही प्रोपिकोनाजोल, टेबुकोनाजोल या एजोक्सीस्ट्रोबिन युक्त फफूंदनाशकों का छिड़काव करें।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह रोग पश्चिमशरीरा, नेवादा व कौशाम्बी ब्लॉक में देखने को अधिक मिला है। इस रोग में धान के दानों की जगह पीले, हरे या नारंगी रंग के फफूंदीदार गोल उभार बन जाते हैं, जो बाद में काले पड़कर नष्ट हो जाते हैं। इस बार बालियां निकलने के समय असमय वर्षा और खेत में अधिक नमी इसके फैलाव का मुख्य कारण बनी है। साथ ही यूरिया का अत्यधिक प्रयोग भी रोग को बढ़ावा दे रहा है।
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किसानों को दी सलाह
जिला कृषि अधिकारी सुरुचि विश्वकर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि इस बार बोआई से पहले बीज का कार्बेन्डाजिम से उपचार जरूर करें। रोगग्रस्त पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट कर दें। फसल में रोग के लक्षण दिखते ही प्रोपिकोनाजोल, टेबुकोनाजोल या एजोक्सीस्ट्रोबिन युक्त फफूंदनाशकों का छिड़काव करें।
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