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Court : अपहरण कर किशोर की हत्या में एक को उम्रकैद व सहयोगी महिला को दस साल की सजा

Wed, 21 Dec 2022 08:08 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 21 Dec 2022 08:08 PM IST
सार

वादी अभियोजन के अनुसार करारी कोतवाली के रहीमपुर मोलानी निवासी वादी भोंदल मुंबई में काम करता है। घर पर उसकी पत्नी बच्चों के साथ रहती है। 23 जुलाई 2008 को भोंदल का 16 वर्षीय बेटा असलम अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में घर से गायब हो गया।

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One sentenced to life imprisonment and 10 years to an associate woman for kidnapping and killing a teenager
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय देवेश चंद्र गुप्ता की अदालत ने अपहरण कर किशोर की हत्या के  मामले में बुधवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले में एक अभियुक्त को आजीवन कारावास व सहयोगी महिला को दस साल की सजा सुनाई। दोनों अभियुक्तों पर क्रमश: 23 व 13 हजार का जुर्माना भी लगाया गया।

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वादी अभियोजन के अनुसार करारी कोतवाली के रहीमपुर मोलानी निवासी वादी भोंदल मुंबई में काम करता है। घर पर उसकी पत्नी बच्चों के साथ रहती है। 23 जुलाई 2008 को भोंदल का 16 वर्षीय बेटा असलम अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में घर से गायब हो गया। तमाम खोजबीन के बाद भी सुराग नहीं लगने पर भोंदल ने गांव की ही संजना व एक अन्य के खिलाफ बेटे के अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
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दो अगस्त को पुलिस ने हसनपुर गांव में पंचायत भवन के समीप बने शौचालय के पास ईंटों के ढेर से दबी असलम की लाश व मौके से एक गड़ासा बरामद किया। अपहरण को हत्या में तरमीम कर पुलिस ने गांव की ही संजना देवी, जवाहर पासी, धनराज और राजेश व हसनपुर निवासी राजू दर्जी समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। विवचेना के बाद पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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मुकदमे की सुनवाई एडीजे एफटीसी-2 की अदालत में चली। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता प्रेमप्रकाश चौधरी ने नौ गवाहों को परीक्षित कराया। दौरान मुकदमा आरोपी राजेश की मौत हो गई। दोनों पक्षों की बहस सुनने व पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने राजू दर्ज को मुख्य दोषी करार देते हुए उम्रकैद व संजना को घटना का सहयोगी मानते हुए दस साल की सजा सुना दी।जबकि,दो अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

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