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रात्रि निवास न करने पर नपेंगे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 28 Oct 2016 12:45 AM IST
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शाम होते ही मुख्यालय छोड़ने वाले अफसरों के खिलाफ अब शिकंजा कसना शुरू हो गया है। डीएम के निर्देश पर डीडीओ ने बुधवार को दो ब्लॉकों का निरीक्षण कर हकीकत खंगाली। एक ब्लॉक परिसर में विकास योजनाओं की वॉल पेंटिंग नहीं मिलने पर बीडीओ को फटकार लगाई तो ब्लॉक मुख्यालय से गायब रहने वाले एडीओ पंचायत के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीपीआरओ और सीडीओ को लिखा।
जिले के अधिकारी मुख्यालय में रात्रि निवास करें, इसके लिए शासन ने कई बार आदेश जारी किया। शासनादेश का पालन कराने के लिए पूर्व में डीएम स्तर से भी कई बार आदेश जारी किया गया।
शहरी चकाचौंध के लती हो चुके जिम्मेदारों पर इसका कुछ खास असर पड़ता नहीं दिखा। शाम होते ही अधिकारी तहसील, ब्लॉक और मंझनपुर छोड़कर पड़ोसी जनपद के लिए निकल लेते हैं, लेकिन अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी। डीएम अखंड प्रताप सिंह ने अफसरों के तैनाती वाले स्थलों पर रात्रि निवास कराने पर विशेष जोर दिया। डीएम के निर्देश पर डीडीओ डी.के. दोहरे बुधवार की दोपहर मूरतगंज ब्लॉक पहुंचे। यहां पर उन्होंने बीडीओ और एडीओ पंचायत के रात्रि निवास का जायजा लिया।
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इस दौरान उनकी नजर ब्लॉक परिसर की दीवारों पर गई तो उन्होंने देखा कि एक भी योजना की वॉल पेंटिंग नहीं कराई गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीडीओ स्वेता सिंह को फटकार लगाई। एक सप्ताह में उन्होंने लोहिया आवास, समाजवादी पेंशन, इंदिरा आवास, समूहों आदि की वॉल पेंटिंग कराने को कहा। रात लगभग आठ बजे वह सिराथू ब्लॉक पहुंचे। पता चला कि बीडीओ एक गांव के ओडीएफ अभियान का निरीक्षण करने गए हैं। इससे रात्रि निवास की पुष्टि हुई लेकिन एडीओ पंचायत राजेंद्र प्रसाद ने आवास तक नहीं आवंटित कराया। इस पर उन्होंने कार्रवाई के लिए डीपीआरओ और सीडीओ को पत्र लिखा है। उन्होंने जिले भर के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को चेतावनी दिया कि निरीक्षण में रात्रि निवास न मिलने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
अवकाश नहीं ले सकेंगे ब्लॉककर्मी
खंड स्तरीय विकास प्रशासन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए शासन संजीदा हो गया है। बीडीओ की अनुमति के बगैर एक भी ब्लॉक अधिकारी और कर्मचारी आकस्मिक अवकाश और भ्रमण पर नहीं जा सकेगा। इसके अलावा उसे प्रतिदिन उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने होंगे।
ब्लॉकों में तैनात ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सहकारिता, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, लघु सिंचाई, समाज कल्याण, युवा कल्याण, अर्थ एवं संख्या तथा क्षेत्र पंचायत स्तर पर नियोजित सभी प्रकार के अधिकारी-कर्मचारी मनमानी नहीं कर सकेंगे। इस पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत बीडीओ के पास रखी उपस्थिति पंजिका में मातहतों को प्रतिदिन हस्ताक्षर करना होगा। इसके अलावा बीडीओ की अनुमति बगैर आकस्मिक अवकाश एवं भ्रमण कार्यक्रमों पर भी नहीं जा सकेंगे। मुख्य सचिव शासन राहुल भटनागर का पत्र मिलते ही जिला विकास अधिकारी डी.के. दोहरे ने सभी बीडीओ को इसका पालन कराने का निर्देश दे दिया है।
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जिले के अधिकारी मुख्यालय में रात्रि निवास करें, इसके लिए शासन ने कई बार आदेश जारी किया। शासनादेश का पालन कराने के लिए पूर्व में डीएम स्तर से भी कई बार आदेश जारी किया गया।
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शहरी चकाचौंध के लती हो चुके जिम्मेदारों पर इसका कुछ खास असर पड़ता नहीं दिखा। शाम होते ही अधिकारी तहसील, ब्लॉक और मंझनपुर छोड़कर पड़ोसी जनपद के लिए निकल लेते हैं, लेकिन अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी। डीएम अखंड प्रताप सिंह ने अफसरों के तैनाती वाले स्थलों पर रात्रि निवास कराने पर विशेष जोर दिया। डीएम के निर्देश पर डीडीओ डी.के. दोहरे बुधवार की दोपहर मूरतगंज ब्लॉक पहुंचे। यहां पर उन्होंने बीडीओ और एडीओ पंचायत के रात्रि निवास का जायजा लिया।
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इस दौरान उनकी नजर ब्लॉक परिसर की दीवारों पर गई तो उन्होंने देखा कि एक भी योजना की वॉल पेंटिंग नहीं कराई गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीडीओ स्वेता सिंह को फटकार लगाई। एक सप्ताह में उन्होंने लोहिया आवास, समाजवादी पेंशन, इंदिरा आवास, समूहों आदि की वॉल पेंटिंग कराने को कहा। रात लगभग आठ बजे वह सिराथू ब्लॉक पहुंचे। पता चला कि बीडीओ एक गांव के ओडीएफ अभियान का निरीक्षण करने गए हैं। इससे रात्रि निवास की पुष्टि हुई लेकिन एडीओ पंचायत राजेंद्र प्रसाद ने आवास तक नहीं आवंटित कराया। इस पर उन्होंने कार्रवाई के लिए डीपीआरओ और सीडीओ को पत्र लिखा है। उन्होंने जिले भर के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को चेतावनी दिया कि निरीक्षण में रात्रि निवास न मिलने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
अवकाश नहीं ले सकेंगे ब्लॉककर्मी
खंड स्तरीय विकास प्रशासन व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए शासन संजीदा हो गया है। बीडीओ की अनुमति के बगैर एक भी ब्लॉक अधिकारी और कर्मचारी आकस्मिक अवकाश और भ्रमण पर नहीं जा सकेगा। इसके अलावा उसे प्रतिदिन उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने होंगे।
ब्लॉकों में तैनात ग्राम्य विकास, पंचायती राज, सहकारिता, कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, लघु सिंचाई, समाज कल्याण, युवा कल्याण, अर्थ एवं संख्या तथा क्षेत्र पंचायत स्तर पर नियोजित सभी प्रकार के अधिकारी-कर्मचारी मनमानी नहीं कर सकेंगे। इस पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने नया निर्देश जारी किया है। इसके तहत बीडीओ के पास रखी उपस्थिति पंजिका में मातहतों को प्रतिदिन हस्ताक्षर करना होगा। इसके अलावा बीडीओ की अनुमति बगैर आकस्मिक अवकाश एवं भ्रमण कार्यक्रमों पर भी नहीं जा सकेंगे। मुख्य सचिव शासन राहुल भटनागर का पत्र मिलते ही जिला विकास अधिकारी डी.के. दोहरे ने सभी बीडीओ को इसका पालन कराने का निर्देश दे दिया है।