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नोनोडल अफसर ने ऐतिहासिक स्थल कौशाम्बी का भ्रमण कर जाना इतिहास
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Nodal officer made history by visiting historical site Kaushambi
- फोटो : KAUSHAMBI
प्रमुख सचिव, दुग्ध विकास, मत्स्य समन्वय तथा पशुधन एवं जनपद के नामित नोडल अधिकारी भुवनेेश कुमार ने मंगलवार को ऐतिहासिक स्थल कौशाम्बी का भ्रमण किया। सबसे पहले कंबोडिया बौद्घ मंदिर पहुंचे नोडल अफसर को बौद्ध पुजारी (भन्तेजी) चंदेन ने मंदिर व बौद्ध धर्म के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद कौशाम्बी किला, अशोक स्तम्भ पहुंचे। यहां पुरात्व सर्वेक्षण विभाग के परिचारक पारस नाथ दुबे ने अशोक स्तम्भ व उसके क्षेत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध ने घोसिता राम सेठ के सराय में चतुर्मास बिताया था। जैन धर्म के चौथे तीर्थांकर पार्श्वनाथ जी का जन्म स्थान भी यहीं है। प्रमुख सचिव ने घोसिताराम बिहार, राजप्रसाद का भी भ्रमण किया।
किले मे चल रहे मरम्मत कार्य की सराहना की। प्रमुख सचिव ने बताया कि वह यहां पर 18 वर्ष पहले भी आए थे। लेकिन तब से आज तक काफी कुछ बदल गया है। नोडल अफसर ने ऐतिहासिक स्थल की हकीकत से वाकिफ होने के बाद आश्वस्त किया कि यहां के विकास के लिए तैयार परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने में तेजी लाई जाएगी। इस दौरान एसडीएम सदर राजेश चंद्रा, सीवीओ डॉ. बीपी पाठक, नायब तहसीलदार भानू प्रताप सिंह डिप्टी डॉयरेक्टर पर्यटन विभाग दिनेश कुमार, कोतवाल हेमराज सरोज आदि मौजूद रहे।
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इसके बाद कौशाम्बी किला, अशोक स्तम्भ पहुंचे। यहां पुरात्व सर्वेक्षण विभाग के परिचारक पारस नाथ दुबे ने अशोक स्तम्भ व उसके क्षेत्र के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध ने घोसिता राम सेठ के सराय में चतुर्मास बिताया था। जैन धर्म के चौथे तीर्थांकर पार्श्वनाथ जी का जन्म स्थान भी यहीं है। प्रमुख सचिव ने घोसिताराम बिहार, राजप्रसाद का भी भ्रमण किया।
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किले मे चल रहे मरम्मत कार्य की सराहना की। प्रमुख सचिव ने बताया कि वह यहां पर 18 वर्ष पहले भी आए थे। लेकिन तब से आज तक काफी कुछ बदल गया है। नोडल अफसर ने ऐतिहासिक स्थल की हकीकत से वाकिफ होने के बाद आश्वस्त किया कि यहां के विकास के लिए तैयार परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाने में तेजी लाई जाएगी। इस दौरान एसडीएम सदर राजेश चंद्रा, सीवीओ डॉ. बीपी पाठक, नायब तहसीलदार भानू प्रताप सिंह डिप्टी डॉयरेक्टर पर्यटन विभाग दिनेश कुमार, कोतवाल हेमराज सरोज आदि मौजूद रहे।
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