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दोआबा की 20 ग्राम पंचायतों में रुका विकास का पहिया
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जिले की 20 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पूरी तरह से थम गए हैं। यहां के बाशिंदे विकास कार्यों के लिए सरकार के आदेश का इंतजार कर रहे हैं। ये ग्राम पंचायतें नवसृजित नगर पालिका परिषद मंझनपुर व नगर पंचायत दारानगर-कड़ाधाम में समाहित कर दी गई हैं। पर, डी नोटिफिकेशन नहीं जारी होने के कारण समस्या खड़ी हो गई है। इसी वजह से पंचायतराज विभाग नेे इन ग्राम पंचायतों को विकास कार्य के लिए धनराशि का भी आवंटन नहीं किया है।
शासन ने नगर पंचायत मंझनपुर को नगर पालिका का दर्जा दे दिया है। नवगठित नगरपालिका में सीमावर्ती 13 गांव पूरी तरह से व चार ग्राम पंचायतों के कुछ हिस्से को शामिल किया गया है। इसी तरह कड़ा ब्लॉक में दारानगर-कड़ाधाम नाम से एक नई टाउनएरिया बना दी गई है। नवसृजित नगर पंचायत में कड़ा ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतों को पूरी तरह से तथा दो गांव का कुछ हिस्सा समाहित किया गया है। निकायों में शामिल हुई इन ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बेहद खुश थे कि उन्हें अब शहरी मतदाता होने का अधिकार मिलेगा। साथ ही शहरी क्षेत्र की सुविधाएं उन्हें भी मुहैया होंगी। पर, इसमें अभी थोड़ा देर लग रही है। डी नोटिफिकेशन नहीं जारी होने की वजह से पंचायती राज विभाग ने इन ग्राम पंचायतों से अपना हाथ खीच लिया है। विभाग की ओर से पिछले दिनों जारी की गई 15 वें वित्त आयोग की धनराशि इन ग्राम पंचायतों केे खाते में नहीं भेजी गई है। यह धनराशि नव सृजित नगर पालिका परिषद मंझनपुर व दारानगर-कड़ा धाम टाउनएरिया में पूरी तरह से समाहित ग्राम पंचायतों को छोडक़र सभी को दी गई।
इस कारण इन ग्राम पंचायतों में विकास का पहिया पूरी तरह से थम गया है। सरकार की ओर से डी नोटिफिकेशन नहीं जारी होने के कारण इन ग्राम पंचायतों का विकास कार्य फिलहाल निकायों से भी नहीं कराया जा सकता है। इसके चलते यहां के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। डीपीआरओ गोपालजी ओझा का कहना है कि मामला शासन स्तर का है। इसलिए स्थानीय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता है। हालांकि, जल्द ही सबकुछ सामान्य होने के संकेत मिले हैं। इन ग्राम प्रचायतों में कोर्रों, असकरनपुर मगरोहनी, हाजिपुर पतौना, मवई केवट, सेहिया आमद करारी, ओसा, बंधवा रजबर,गौसपुर टिकरी, भेलखा, गौरा, समदा, बंबुरा, पाता ग्रामीण, स्वातखत उर्फ कड़ा, सुल्तानपुर ख्वाजा कडक़, कमालपुर, विहामिदपुर,चकचमरूपुर, दारानगर, म्योहरा और नासिरपुरंबतरीदगंज शामिल हैं।
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शासन ने नगर पंचायत मंझनपुर को नगर पालिका का दर्जा दे दिया है। नवगठित नगरपालिका में सीमावर्ती 13 गांव पूरी तरह से व चार ग्राम पंचायतों के कुछ हिस्से को शामिल किया गया है। इसी तरह कड़ा ब्लॉक में दारानगर-कड़ाधाम नाम से एक नई टाउनएरिया बना दी गई है। नवसृजित नगर पंचायत में कड़ा ब्लॉक की आठ ग्राम पंचायतों को पूरी तरह से तथा दो गांव का कुछ हिस्सा समाहित किया गया है। निकायों में शामिल हुई इन ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बेहद खुश थे कि उन्हें अब शहरी मतदाता होने का अधिकार मिलेगा। साथ ही शहरी क्षेत्र की सुविधाएं उन्हें भी मुहैया होंगी। पर, इसमें अभी थोड़ा देर लग रही है। डी नोटिफिकेशन नहीं जारी होने की वजह से पंचायती राज विभाग ने इन ग्राम पंचायतों से अपना हाथ खीच लिया है। विभाग की ओर से पिछले दिनों जारी की गई 15 वें वित्त आयोग की धनराशि इन ग्राम पंचायतों केे खाते में नहीं भेजी गई है। यह धनराशि नव सृजित नगर पालिका परिषद मंझनपुर व दारानगर-कड़ा धाम टाउनएरिया में पूरी तरह से समाहित ग्राम पंचायतों को छोडक़र सभी को दी गई।
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इस कारण इन ग्राम पंचायतों में विकास का पहिया पूरी तरह से थम गया है। सरकार की ओर से डी नोटिफिकेशन नहीं जारी होने के कारण इन ग्राम पंचायतों का विकास कार्य फिलहाल निकायों से भी नहीं कराया जा सकता है। इसके चलते यहां के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान हो रहे हैं। डीपीआरओ गोपालजी ओझा का कहना है कि मामला शासन स्तर का है। इसलिए स्थानीय स्तर से कुछ नहीं किया जा सकता है। हालांकि, जल्द ही सबकुछ सामान्य होने के संकेत मिले हैं। इन ग्राम प्रचायतों में कोर्रों, असकरनपुर मगरोहनी, हाजिपुर पतौना, मवई केवट, सेहिया आमद करारी, ओसा, बंधवा रजबर,गौसपुर टिकरी, भेलखा, गौरा, समदा, बंबुरा, पाता ग्रामीण, स्वातखत उर्फ कड़ा, सुल्तानपुर ख्वाजा कडक़, कमालपुर, विहामिदपुर,चकचमरूपुर, दारानगर, म्योहरा और नासिरपुरंबतरीदगंज शामिल हैं।
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