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विधायक के गोद लिए गांव चतुरीपुर में मूलभूत सुविधओं की दरकार
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no development in the adopted village of mla sirathu
- फोटो : KAUSHAMBI
विधायक सिराथू शीतला प्रसाद पटेल के गोद लिए गांव चतुरीपुर में भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। बजट के अभाव में यहां नाली, खड़ंजा एवं हैंडपंप बदहाल हैं। यूं कहें कि सब कुछ भगवान भरोसे ही चल रहा है। जनप्रतिनिधि और अफसर बाधित विकास के पीछे कोरोना संक्रमण को ढाल बना रहे हैं।‘अमर उजाला’ टीम विकास कार्यों का जायजा लेने सिराथू विधायक शीतला प्रसाद पटेल के गोद लिए गांव चतुरीपुर पहुंची। गांव की हालत देखने से लगा ही नहीं कि सत्ताधारी दल के विधायक ने इसे गोद ले रखा है। गांव में लगा खड़ंजा चार दशक पुराना होने के कारण अपना अस्तित्व ही खो चुका है। अब तक इस गांव में जलनिकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
बरसात के दिनों में जलभराव के कारण ग्रामीण परेशान होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा शासन काल में गांव का कोई विकास नहीं कराया गया है। विकास के नाम पर जो धन आया भी उसे प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय के कायाकल्प में खर्च कर दिया गया। गांव में पेयजल के लिए लगाए गए हैंडपंप भी भगवान भरोसे चल रहे हैं। धनाभाव में तीन हैंडपंप दो साल से खराब पड़े हैं। गांव में तमाम पात्रों को अभी तक आवास योजना से लाभान्वित नहीं किया जा सका है। गरीब अभी भी झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे हैं। वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन के तमाम पात्र योजना से लाभान्वित होने के लिए भटक रहे हैं। शौचालयों की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक के गोद लेने पर उन्हें उम्मीद थी कि गांव का विकास हो जाएगा। लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
बोले विधायक
चतुरीपुर गांव को गोद लिए जाने के बाद आवागमन के लिए सड़क निर्माण, विद्युतीकरण आदि के काम कराए गए। इधर छह महीने से कोरोना के चलते विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। फिर भी आने वाले दिनों में गांव का समुचित विकास कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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शीतला प्रसाद पटेल, विधायक, सिराथू
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बरसात के दिनों में जलभराव के कारण ग्रामीण परेशान होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा शासन काल में गांव का कोई विकास नहीं कराया गया है। विकास के नाम पर जो धन आया भी उसे प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय के कायाकल्प में खर्च कर दिया गया। गांव में पेयजल के लिए लगाए गए हैंडपंप भी भगवान भरोसे चल रहे हैं। धनाभाव में तीन हैंडपंप दो साल से खराब पड़े हैं। गांव में तमाम पात्रों को अभी तक आवास योजना से लाभान्वित नहीं किया जा सका है। गरीब अभी भी झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे हैं। वृद्धा, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन के तमाम पात्र योजना से लाभान्वित होने के लिए भटक रहे हैं। शौचालयों की हालत बेहद खराब है। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक के गोद लेने पर उन्हें उम्मीद थी कि गांव का विकास हो जाएगा। लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा है।
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बोले विधायक
चतुरीपुर गांव को गोद लिए जाने के बाद आवागमन के लिए सड़क निर्माण, विद्युतीकरण आदि के काम कराए गए। इधर छह महीने से कोरोना के चलते विकास कार्य प्रभावित हुए हैं। फिर भी आने वाले दिनों में गांव का समुचित विकास कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
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शीतला प्रसाद पटेल, विधायक, सिराथू