{"_id":"793ea3325282b5fe9c7dac47798dc7ab","slug":"news-hindi-news-80","type":"story","status":"publish","title_hn":"दोआबा में 41 करोड़ की फसलें हुई तबाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दोआबा में 41 करोड़ की फसलें हुई तबाह
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Mon, 13 Apr 2015 11:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। बेमौसम की बारिश से दोआबा में किसानों की 41 करोड़ की फसलें तबाह हुई हैं। कृषि और राजस्व विभाग के सर्वे की यही रिपोर्ट सोमवार को जिलाधिकारी राजमणि यादव ने शासन को भेजी है। डीएम ने बताया कि 33 फीसदी फसलों का नुकसान झेलने वाले सभी किसानों को शासन की ओर से मुआवजा मिलेगा। उन्होंने दावा है कि सप्ताहभर के भीतर मुआवजे की रकम प्रभावित किसानों को प्रदान कर दी जाएगी।
मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि के कारण जिले के लाखों किसानों की हजारों हेक्टेयर जमीन पर तैयार गेंहू, सरसों, चना, अरहर आदि की फसलें बर्बाद हुई हैं। मौसम की मार से तबाह हुई फसलों के गम में किसानों का दम भी टूटने लगे हैं। अब तक जिले के पांच किसान सदमे के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। सदमे में किसानों की मौत की यह फेहरिस्त दिन-ब-दिन लंबी होती जा रही है। मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलें और सदमे में हो रही किसानों की मौत को देखते हुए जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर 68 अधिकारियों को फसलों के नुकसान का सर्वे कराया।
कृषि और राजस्व विभाग के सर्वे की रिपोर्ट सोमवार को जिलाधिकारी को सौंप दी। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि सर्वे के मुताबिक मौसम की मार से जिले में करीब 41 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद हुई हैं। बताया कि उन्होंने सर्वे की रिपोर्ट शासन को भेजकर 41 करोड़ रुपये का मुआवजे की मांग की है। डीएम का दावा है कि हफ्तेभर के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजे का चेक प्रदान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बताया कि उन सभी किसानों को आर्थिक मदद शासन की ओर से मुहैया होगी। जिनकी 33 फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। बता दें कि पहले 50 फीसदी नुकसान पर किसानों को मुआवजा मिलने का प्राविधान था। पर, इस बार 33 फीसदी फसलें तबाह होने पर भी शासन ने किसानों की मदद का ऐलान किया है। डीएम का दावा है कि किसानों को ईमानदारी से मुआवजा का भुगतान कराया जाएगा। साथ ही उनकी अन्य समस्याओं का भी समय से समाधान होगा।
विज्ञापन
मार्च-अप्रैल में हुई बेमौसम बरसात और ओलावृष्टि के कारण जिले के लाखों किसानों की हजारों हेक्टेयर जमीन पर तैयार गेंहू, सरसों, चना, अरहर आदि की फसलें बर्बाद हुई हैं। मौसम की मार से तबाह हुई फसलों के गम में किसानों का दम भी टूटने लगे हैं। अब तक जिले के पांच किसान सदमे के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। सदमे में किसानों की मौत की यह फेहरिस्त दिन-ब-दिन लंबी होती जा रही है। मौसम की मार से बर्बाद हुई फसलें और सदमे में हो रही किसानों की मौत को देखते हुए जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर 68 अधिकारियों को फसलों के नुकसान का सर्वे कराया।
विज्ञापन
कृषि और राजस्व विभाग के सर्वे की रिपोर्ट सोमवार को जिलाधिकारी को सौंप दी। डीएम राजमणि यादव ने बताया कि सर्वे के मुताबिक मौसम की मार से जिले में करीब 41 करोड़ रुपये की फसलें बर्बाद हुई हैं। बताया कि उन्होंने सर्वे की रिपोर्ट शासन को भेजकर 41 करोड़ रुपये का मुआवजे की मांग की है। डीएम का दावा है कि हफ्तेभर के भीतर प्रभावित किसानों को मुआवजे का चेक प्रदान कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बताया कि उन सभी किसानों को आर्थिक मदद शासन की ओर से मुहैया होगी। जिनकी 33 फीसदी फसलों को नुकसान हुआ है। बता दें कि पहले 50 फीसदी नुकसान पर किसानों को मुआवजा मिलने का प्राविधान था। पर, इस बार 33 फीसदी फसलें तबाह होने पर भी शासन ने किसानों की मदद का ऐलान किया है। डीएम का दावा है कि किसानों को ईमानदारी से मुआवजा का भुगतान कराया जाएगा। साथ ही उनकी अन्य समस्याओं का भी समय से समाधान होगा।