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Kaushambi News: स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही, जांच से दूर हैं शुगर और बीपी के मरीज

Tue, 22 Jul 2025 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 22 Jul 2025 12:57 AM IST
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Negligence of health department, sugar and BP patients are away from testing
मखऊपुर गांव ​स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर।   संवाद
मंझनपुर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 226 आरोग्य मंदिर हैं। यहां सालभर में 30 साल से अधिक उम्र के 6.48 लोगों की बीपी और शुगर की जांच होनी है। इसके लिए शासन एनसीडी स्क्रीनिंग कार्यक्रम का संचालन कर रही है। लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 51,877 लोगों की ही जांच हो सकी। जबकि, करीब डेढ़ लाख से अधिक लोगों की जांच का लक्ष्य है।
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आपको खांसी आ रही है, सांस लेने में दिक्कत हो रही है या फिर सीने में दर्द है। हर समस्या का समाधान स्वास्थ्य विभाग के पास है। इसके लिए आपको अपने गांव के आरोग्य मंदिर जाना है लेकिन जागरूकता के अभाव में लोगों को जानकारी ही नहीं है कि उनकी लिए एनसीडी स्क्रीनिंग (गैर-संचारी रोग) योजना संचालित है।
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योजना के तहत 30 साल से अधिक उम्र के लोगों के ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच होनी है। जागरूकता के अभाव में लोग केंद्र तक नहीं आते और विभाग लक्ष्य से दूर होता जा रहा है। अप्रैल, मई और जून में 1,62 लाख होने चाहिए लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण यहां केवल 51,877 लोगों की ही जांच हो पाई है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मरीजों की जांच के बाद अगर किसी व्यक्ति में हृदय रोग, ब्लडप्रेशर (बीपी), डायबिटीज आदि रोगों से पीड़ित हो रहे हैं तो उन्हें चिह्नित कर उनका इलाज किया जाएगा। संवाद
उदासीनता बनी कारण
आम तौर पर स्वास्थ्य विभाग के पास ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने की जिम्मेदारी है। यहां शासन ने आरोग्य मंदिर बनाए है। इनमें कर्मचारियों की तैनाती भी है। उदासीनता और विभागीय देखरेख के कारण इन केंद्रों में तैनात कर्मचारी लापरवाह बने है। जबकिए इनकी तैनाती का मकसद था कि शासन की योजनाओं को यह गांव के लोगों को बताएंगे और उनको लाभ देंगे। लापरवाही के कारण लोगों को एनसीडी स्क्रीनिंग की जानकारी तक नहीं है।
जगन्नाथपुर के भइया लाल ने बताया कि उनके गांव में उपकेंद्र है। वह कब खुलता है और कब बंद रहता है। इसकी जानकारी ही नहीं है। उनको कोई समस्या होती है तो वह सिराथू व मंझनपुर ही जाते हैं। वहीं गोराजू के महंत प्रसाद का कहना है कि गांव के आरोग्य मंदिर में किन बीमारी का उपचार होगा इसकी जानकारी नहीं है। ऐसे में वह निजी अस्पताल में हर माह शुगर की जांच कराते हैं।

ब्लॉकवार कराई गई एनसीडी स्क्रीनिंग
ब्लॉक मई जून
कड़ा 1061 1863
कनैली 8440 13840
चायल 2146 3612
मंझनपुर 2738 8327
सरसवां 817 1984
मूरतगंज 1629 2710
नेवादा 1757 3250
सिराथू 7923 16214
मुख्यालय 31 77
कुल 26542 51877


गांव के आरोग्य मंदिर में तैनात कर्मचारियों को साफ निर्देश है कि वह लोगों के बीपी व शुगर जैसी बीमारियों की जांच करें। पहली तिमाही का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ। इसको लेकर कर्मचारियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें वृद्धि के लिए प्रत्येक केंद्र की निगरानी की व्यवस्था की जा रही है।- डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
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