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कार और रुपयों की लालच में की गई पानीपत के नरेंद्र की हत्या

Sat, 23 Oct 2021 01:15 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 01:15 AM IST
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Narendra of Panipat was murdered in the greed of car and money
Narendra of Panipat was murdered in the greed of car and money - फोटो : KAUSHAMBI
चायल। पिपरी पुलिस ने नरेंद्र सिंह के दो हत्यारों को शुक्रवार की दोपहर गिरफ्तार कर लिया। नरेंद्र की हत्या कार और उसके रुपयों को हड़पने के लिए की गई थी। पकड़े गए दोनों युवकों ने जुर्म कबूल लिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजा दिया। हत्या में शामिल मुख्य आरोपी घनश्याम अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
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हरियाणा में पानीपत के सनोली रोड चांदनीबाग निवासी नरेंद्र सिंह (35) अपनी स्विफ्ट डिजायर कार बुकिंग पर चलाता था। यहीं पर पानीपत में रहने वाले पिपरी कोतवाली के जवई गांव निवासी घनश्याम दुबे से उसकी मुलाकात हुई। दोनों के बीच गहरी दोस्ती भी हो गई। 15 अक्तूबर को घनश्याम नरेंद्र सिंह की कार बुक करके गांव आया था। यहां पर घनश्याम और नरेंद्र दोनों गांव में ही रुके। 17 अक्टूबर की रात घनश्याम ने अपने घर पर एक पार्टी आयोजित की। इसमें उसने अपने दो साथी शिवपूजन निवासी तिल्हापुर व सुनील पाठक को भी बुलाया था। पुलिस ने बताया कि पार्टी के दौरान घनश्याम के मन में नरेंद्र की कार और उसके पास रहे रुपये की लालच समा गई। पार्टी के बाद सभी ने नरेंद्र सिंह को मार कर उसे ठिकाने लगाते हुए गाड़ी और रुपये हड़पने की योजना बनाई। इसके बाद रस्सी से गला दबाकर सभी ने नरेंद्र सिंह की हत्या कर उसका शव लेकर दुर्गापुर गांव के बाहर स्थित नहर के पास ठिकाने लगा ही रहे थे कि लोगों ने देख लिया।
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इस पर वह शव को झाड़ियों में फेंक कर भाग निकले और गाड़ी को सरायअकिल के इमली गांव में छोड़ कर फरार हो गए। 18 अक्तूबर की सुबह शव मिलने की जानकारी पर ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की तहकीकात शुरू की। इस बीच लावारिश कार मिलने की सूचना पर पुलिस ने जांच की। कार ने शव की पहचान समेत अन्य बिंदुओं से पर्दा हटा दिया। कार में मिले पहचान पत्रों और चप्पल आदि से शव की पहचान नरेंद्र सिंह के रूप में की गई। मामले में मृतक के भाई ज्ञान सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 22 अक्टूबर को जवई गांव निवासी घनश्याम दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना लोधौर चौकी प्रभारी हनुमान प्रसाद को सौंपी। शुक्रवार को पुलिस टीम ने पिपरी के बूंदा गांव से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि मुख्य आरोपी घनश्याम अभी पुलिस की पकड़ से दूर है । पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने बताया कि लिखा-पढ़ी के बाद पकड़े गए आरोपियों का चालान न्यायालय भेज दिया गया।
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नेवादा। पिपरी कोतवाली के दुर्गापुर गांव के समीप पांच दिन पहले हरियाणा के पानीपत निवासी नरेंद्र हत्याकांड के दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पर, वारदात के असली गुनहार घनश्याम और काजल अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। गिरफ्तारी में लगी टीम को सुराग लगा है कि काजल पानीपत में है। फिलहाल एक टीम गोपनीय तरीके से पानीपत के लिए रवाना हो चुकी है।

दुर्गापुर गांव के समीप 19 अक्तूबर को पानीपत के नरेंद्र सिंह की लाश मिली थी। शुक्रवार को पुलिस ने वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि नरेंद्र सिंह की हत्या रुपयों के चक्कर में हुई थी। पुलिस ने हत्याकांड की जांच के दौरान प्रकाश में आए तिल्हापुर गांव के शिव पूजन पासी व जवई गांव के सुशील पाठक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी में शामिल एसओजी प्रभारी का कहना है कि घनश्याम पानीपत में प्राइवेट नौकरी करता था। उसने नरेंद्र से कुछ पैसे उधार लिए थे। यही उधारी का पैसा वह वापस लेने घनश्याम के गांव आया था। इस पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ। इसे लेकर घनश्याम ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर नरेंद्र की हत्या कर दी और फरार हो गया।
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