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म्योहर को मिला आदर्श गांव का तमगा, सुविधाएं नदारद

Sun, 23 Jun 2019 12:44 AM IST
shailendra Kumar अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Published by: shailendra Kumar Updated Sun, 23 Jun 2019 12:44 AM IST
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Meohar got the award for the Adarsh village, yet not the facilities
कौशाम्बी - फोटो : kaushambi
म्योहर। कौशाम्बी विकास खंड के सबसे बड़े गांव म्योहर को भले ही आदर्श गांव का तमगा मिला हो, लेकिन यहां जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। बिजली, पानी और गंदगी की समस्या बनी हुई है। शिकायत के बाद भी ग्राम पंचायत के जिम्मेदार समस्या की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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म्योहर ग्राम सभा जिले की माडल ग्राम सभाओं में एक है। यहां की आबादी करीब 25 हजार है। इसके अलावा ग्राम सभा में 12 परिषदीय स्कूल, कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। गांव में इन दिनों नालियां गंदगी से चोक हो गई हैं। नाली का पानी सड़क पर फैल रहा है। इसके कारण बीमारी फैलने की आशंका जताई जा रही है। गांव की सफाई के लिए महज ो कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में वह लोग स्कूलों की सफाई से ही फुर्सत नहीं पा रहे हैं। पिछले दिनों मजदूरों को लगाकर सफाई का काम कराया गया था। अब बरसात होने को है, लेकिन किसी भी नाली को साफ नहीं कराया जा सका।
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 ग्राम सभा के कई पुरवों में बिजली का काम अधूरा पड़ा है। नौबस्ता, गड़रियन का पूरा, गड़हीपर सौभाग्य योजना से पोल तो लगा दिए गए हैं, लेकिन तार नहीं खींची जा सकी। योजना के तहत लोगों को मुफ्त में कनेक्शन भी दे दिया गया, लेकिन शायद ही किसी परिवार के यहांबल्ब जला हो। कुछ लोगों ने काफी लंबी केबल खींचकर अपने घर तक बिजली पहुंचाई है। गांव में सिंचाई की समस्या को देखते हुए चार सरकारी नलकूप लगाए गए थे। इसमें से इन दिनों दो नलकूप खराब पड़े हैं। ऐसे में ग्रामीणों को निजी नलकूप का ही सहारा लेना पड़ रहा है। खराब पड़े नलकूपों के बाबत प्रधान ने कई बार सिंचाई विभाग से शिकायत की है, लेकिन खराब नलकूपों को अब तक ठीक नहीं कराया जा सका।
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 गांव व उससे जुड़े पुरवों में पेयजल के लिए 42 हैंडपंप लगाए गए हैं। इसमें से 10 गर्मी के कारण पानी नहीं दे रहे हैं। सात से आठ हैंडपंप पानी छोड़ देते हैं। यहीं हाल रहा तो आने वाले दिनों में गांव के लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। गांव में इन दिनों अन्ना मवेशियों का झुंड किसानों की परेशानी का कारण बना हुआ है। बताया जाता है कि ब्लाक प्रशासन के कहने पर प्रधान ने दो मर्तबा गोशाला का निर्माण कराया, लेकिन पैसा नहीं मिलने के कारण उसने मवेशियों की तरफ से ध्यान हटा लिया। ऐसे हालात में अन्ना मवेशी फसल चट कर रहे हैं और सड़क पर विचरण करते हैं।

गांव में पहले चार सफाई कर्मी थे। दो का तबादला हो गया है। इस कारण दिक्कत आ रही है। समय-समय पर मजदूर लगवाकर गांव की नालियों व गलियों की सफाई कराई जाती है। इस बार भी सफाई का कार्य प्रस्तावित है। बिजली के बाबत विभागीय अफसरों को पत्र लिखकर सूचित किया जा चुका है।- प्रधान म्योहर  दिनेश कुमार गौतम का कहना है कि
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