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लोहिया गांव: 186 शौचालयों में महज 39 निर्मित
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 12 May 2016 01:10 AM IST
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विकास खंड कौशाम्बी के लोहिया समग्र गांव धरमपुर में शौचालयों की रकम के साथ जमकर खिलवाड़ हुआ। लाभार्थियों को दिए गए 186 शौचालयों में महज 39 का निर्माण पूरा हो सका। बाकी के 147 शौचालय आज भी आधे अधूरे पड़े हुए हैं।
कौशाम्बी ब्लॉक के धरमपुर गांव को वित्तीय वर्ष 2013-14 में डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र गांव घोषित किया गया था। घोषणा के बाद गांव के 73 लाभार्थियों को 9100 रुपए की दर से शौचालय की रकम दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2014-15 में 12 हजार की दर से 113 लाभार्थियों को शौचालय मुहैया कराया गया। लाभार्थियों को दी गई शौचालय की रकम के साथ जमकर खिलवाड़ किया गया। वित्तीय साल खत्म हुए एक साल से अधिक हो गया पर महज 39 शौंचालयों का निर्माण हो सका है।
बाकी के 147 शौचालय आज भी आधे-अधूरे पड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि लोहिया समग्र गांव में विकास योजनाओं का स्थलीय सत्यापन करने के लिए पूरे साल अफसरों की टीम जाती रही। इसके बावजूद आधे-अधूरे शौचालयों पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ी? बहरहाल कुछ भी हो लोहिया समग्र गांव धरमपुर में भेजी गई शौचालयों की रकम देखरेख के अभाव में मनमानी की भेंट चढ़ चुकी है। जब लोहिया समग्र गांवों के शौचालयों का यह हाल है तो सामान्य गांवों की स्थिति क्या होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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मामले में डीपीआरओ आरपी मिश्र का कहना है कि पूर्व में दिए गए शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। इसकी लगातार जांच कराई जा रही है। जहां गड़बड़ी पकड़ में आ रही है उसे ठीक कराया जा रहा है।
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कौशाम्बी ब्लॉक के धरमपुर गांव को वित्तीय वर्ष 2013-14 में डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र गांव घोषित किया गया था। घोषणा के बाद गांव के 73 लाभार्थियों को 9100 रुपए की दर से शौचालय की रकम दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2014-15 में 12 हजार की दर से 113 लाभार्थियों को शौचालय मुहैया कराया गया। लाभार्थियों को दी गई शौचालय की रकम के साथ जमकर खिलवाड़ किया गया। वित्तीय साल खत्म हुए एक साल से अधिक हो गया पर महज 39 शौंचालयों का निर्माण हो सका है।
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बाकी के 147 शौचालय आज भी आधे-अधूरे पड़े हुए हैं। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि लोहिया समग्र गांव में विकास योजनाओं का स्थलीय सत्यापन करने के लिए पूरे साल अफसरों की टीम जाती रही। इसके बावजूद आधे-अधूरे शौचालयों पर उनकी नजर क्यों नहीं पड़ी? बहरहाल कुछ भी हो लोहिया समग्र गांव धरमपुर में भेजी गई शौचालयों की रकम देखरेख के अभाव में मनमानी की भेंट चढ़ चुकी है। जब लोहिया समग्र गांवों के शौचालयों का यह हाल है तो सामान्य गांवों की स्थिति क्या होगी सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
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मामले में डीपीआरओ आरपी मिश्र का कहना है कि पूर्व में दिए गए शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। इसकी लगातार जांच कराई जा रही है। जहां गड़बड़ी पकड़ में आ रही है उसे ठीक कराया जा रहा है।