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Kaushambi News: अपनों में अटकी जान, ईरान में उठता धुआं कर रहा परेशान
Sun, 01 Mar 2026 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sun, 01 Mar 2026 01:03 AM IST
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ईरान में जारी बमबारी और मिसाइल हमलों ने कौशाम्बी के उन लोगों का चैन लिया जिनके परिवार के सदस्य वहां पर हैं। यहां के 28 से ज्यादा लोगों के वहां अलग-अलग स्थानों पर फंसे होने की जानकारी सामने आई है। शनिवार को उनके परिजन टीवी और मोबाइल फोन पर पल-पलभर की जानकारी लेते रहे।
प्राप्त सूचना के अनुसार करारी के 10, मझियावा के पांच, लहना के तीन, मुस्तफाबाद के दो, रसूलपुर सोनी के एक, मंझनपुर के पांच तथा अंगिऔना के दो लोग ईरान में हैं। संख्या और ज्यादा भी हो सकती है। इन सभी के परिजन गहरी चिंता में हैं।
करारी निवासी सरदार हुसैन रिजवी ने बताया कि साहब सलमानी रिजवी, मेहंदी हसन और मोहम्मद मोसिन ईरान में फंसे हैं। उन्होंने बताया कि जहां ब्लास्ट हो रहे हैं, वहां से वे करीब 500 किलोमीटर दूर रह रहे हैं, लेकिन नेटवर्क बाधित होने से संपर्क नहीं हो पा रहा है। लंहना निवासी जैगम रिजवी ने बताया कि मोहम्मद गालिब अब्बास और मोहम्मद सकलैन ईरान में हैं। टीवी चैनलों पर बमबारी की खबरें देखकर परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है।
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जिन देशों में युद्ध जैसे हालात हैं, वहां जिले से कितने लोग मौजूद हैं, इसकी सटीक संख्या अभी उपलब्ध नहीं है। प्रशासन के स्तर से जो भी सहायता आवश्यक होगी, उसे पूरी तत्परता से उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ.अमित पाल, जिलाधिकारी
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प्राप्त सूचना के अनुसार करारी के 10, मझियावा के पांच, लहना के तीन, मुस्तफाबाद के दो, रसूलपुर सोनी के एक, मंझनपुर के पांच तथा अंगिऔना के दो लोग ईरान में हैं। संख्या और ज्यादा भी हो सकती है। इन सभी के परिजन गहरी चिंता में हैं।
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करारी निवासी सरदार हुसैन रिजवी ने बताया कि साहब सलमानी रिजवी, मेहंदी हसन और मोहम्मद मोसिन ईरान में फंसे हैं। उन्होंने बताया कि जहां ब्लास्ट हो रहे हैं, वहां से वे करीब 500 किलोमीटर दूर रह रहे हैं, लेकिन नेटवर्क बाधित होने से संपर्क नहीं हो पा रहा है। लंहना निवासी जैगम रिजवी ने बताया कि मोहम्मद गालिब अब्बास और मोहम्मद सकलैन ईरान में हैं। टीवी चैनलों पर बमबारी की खबरें देखकर परिजनों की बेचैनी बढ़ गई है।
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जिन देशों में युद्ध जैसे हालात हैं, वहां जिले से कितने लोग मौजूद हैं, इसकी सटीक संख्या अभी उपलब्ध नहीं है। प्रशासन के स्तर से जो भी सहायता आवश्यक होगी, उसे पूरी तत्परता से उपलब्ध कराई जाएगी। डॉ.अमित पाल, जिलाधिकारी