दोआबा में हरितालिका तीज का त्योहार शुक्रवार को पूरी आस्था और विश्वास के साथ मनाया गया। सनातनी महिलाओं ने पति की लंबी आयु व परिवार की समृद्घि के लिए निर्जला व्रत रखा। शाम को स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद मिट्टी की मूर्ति बनाकर भोलेनाथ, माता पार्वती, गणेशजी व भगवान कार्तिकेय आराधना की। स्नान के लिए गंगा घाटों पर भी जबर्दस्त भीड़ देखने को मिली। भाद्रपद मास की शुक्ल तृतीया को हरितालिका तीज का त्योहार मनाया जाता है। विद्वानों के अनुसार इसी दिन मां पार्वती ने कड़ी तपस्या के बाद भगवान भोलेनाथ को पति के रूप में प्राप्त किया था। तभी से सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु व कुंवारी कन्याएं योग्य वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखती हैं।
शुक्रवार को त्योहार पर महिलाओं, कन्याओं ने सुबह से ही निर्जला व्रत रखा। इसकी सभी तैयारियां पहले ही कर ली गई थीं। शाम को स्नान के बाद पूरे विधि-विधान के साथ स्त्रियों ने अपने घरों में मां पार्वती, भगवान शंकर, गणेश जी और कार्तिकेय की उपासना की। अधिकतर महिलाओं ने कथा का श्रवण भी किया। निर्जला व्रत का पारण शनिवार को पूजा के बाद किया जाएगा। वहीं, दूूसरी ओर महिलाओं ने कुबरी, संदीपन, पल्हाना, हनुमान आदि घाटों पर बड़ी संख्या में पहुंचकर गंगा स्नान भी किया। घाटों पर बाढ़ को देखते हुए सुरक्षा का प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किया गया था।

ladies celebrated the teez festival- फोटो : KAUSHAMBI