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Kaushambi News: गंगा का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद

Fri, 29 Aug 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Fri, 29 Aug 2025 01:18 AM IST
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Laborer missing from police custody, complaint to ACP
पिछले कई दिनों से गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। जिसका नतीजा यह हुआ कि गंगा की तराई में बसे गांव के लोगों की कछार में बोई फसलें जलमग्न होकर डूब गई। बृहस्पतिवार को तरसौरा गांव के ग्रामीणों ने बढ़ रहे पानी को लेकर चिंता जताई हहै। उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
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कछार में खेती करने वाले किसान शिवलाल ने बताया कि उनकी तीन बीघा, गुलाब की चार बीघा, बाबूलाल की पांच बीघा, बसंतलाल की छह बीघा, हजारी की चार बीघा, सुंदर लाल की दस बीघा, सुनील की चार4 बीघा, रामराज की 10 बीघा फसल जलमग्न हो गई है। किसानों ने बताया कि उन्होंने खेतों में शकरकंद, तिल्ली, बैगन, मूंगफली, मिर्ची, बाजरा, धान आदि की फसल बो रखी थी। किसानों का कहना है कि हर साल बाढ़ आती है और फसल को बर्बाद कर देती है। इसके लिए किसी प्रकार का मुआवजा तक नहीं मिलता। इसी तरह गंगा की तराई में बसे शहजादपुर, हिसामपुर परसखी, मोहनपुर गांवों में भी गंगा के जलस्तर बढ़ने से किसानों की फसल डूबी है।
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उफान पर मोक्षदायिनी डूबी पांच सौ बीघा कछार की फसल
पहाड़ी क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश से मोक्षदायिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। तहसील क्षेत्र के तराई में बसे एक दर्जन गांव के पांच सौ बीघा कछार की फसल जलमग्न हो गई। इससे धान, मक्का, तिलहन और दलहन की खेती चौपट होने के कगार पर है। जिले में लगातार दूसरी बार यमुना नदी में आई बाढ़ से तराई के गांव में जनजीवन अस्त-व्यस्त है।
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सिराथू तहसील क्षेत्र में गंगा के किनारे बसे शहजादपुर, अफजलपुर सातों, छोटा टिलवा, लेहदरी खतीब और कंथुवा आदि गांव के कछार में पानी भर गया। ऐसे में पांच सौ बीघा में मक्का, अरहर, शकरकंद, सब्जी और धान की फसल जलमग्न हो गईं। किसानों ने बताया कि बाढ़ के पानी से फसल खराब होने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने बताया कि लगातार बढ़ रहे जलस्तर से नालों से बस्ती में पानी पहुंच रहा है। फसल डूबने के बाद मवेशियों के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है।
यमुना का जलस्तर स्थिर, संपर्क मार्ग बहाल होने में लगेगा दो दिन
यमुना का जलस्तर अब स्थिर हो गया है। ऐसे में तराई में बसे लोग व प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि, अभी संपर्क मार्ग डूबे हैं। बीते 37 दिनों में लोगों की मुसीबत बन गई है।
यमुना नदी का जलस्तर पहली बार 20 जुलाई, दूसरी बार 29 जुलाई को बढ़ा था। बाढ़ से जिले के 11 गांव प्रभावित हुए थे। तराई क्षेत्र के करीब दस हजार बीघा फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गई थी। इसके नुकसान का आकलन और प्रभावित किसानों की मदद की प्रकिया चल रही है कि यमुना नदी में तीसरी बार बाढ़ की स्थित बन गई। इससे मंझनपुर तहसील के बडहरी, मल्हीपुर गांव का संपर्क टूट गया था। इसके कारण ग्रामीणों का आवागमन नाव के सहारे हो रहा है।
बुधवार शाम से बाढ़ का पानी स्थिर होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। संपर्क मार्ग खुलने में अभी एक से दो दिन लग सकते है। बृहस्पतिवार को दोपहर नायब तहसीलदार मधु जैन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बडहरी व पभोषा का निरीक्षण कर क्षेत्रीय लेखपाल पंकज कुमार को निगरानी रखने का निर्देश दिए है।
तराई क्षेत्र के लोगों की मच्छरों ने उडाई नींद
यमुना नदी का जलस्तर घटने के बाद वहां फैली गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। बडहरी, हटवा अब्बासपुर, भवनसुरी आदि गांव के विवेक तिवारी, दिलीप कुमार, बेलदा निषाद, श्याम लाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के बाद गांव में गंदगी फैली है। इस वजह से मच्छरोंं का प्रकोप बहुत ज्यादा है। बीडीओ सरसवां प्रदीप मौर्या ने बताया कि एडीओ पंचायत को शुक्रवार को ही बाढ़ प्रभावित गांवाें में साफकर्मियों की टोली लगा कर सफाई और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराने का निर्देश दिया गया है।
सड़क पर भरा बाढ़ का पानी, स्कूली बच्चों को हो रही परेशानी
नेवादा। यमुना नदी में उफान आने से बाढ़ का पानी किलनहाई नदी से होते हुए तराई क्षेत्र में फैल जाता है। बाढ़ के पानी से नेवादा के चकपिनहा कटैया संपर्क सड़क पर पानी भरा है। सड़क पर बाढ़ का पानी भरा होने से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। हालांकि, 24 घंटे से यमुना का जलस्तर स्थिर है लेकिन स्थिति सामान्य होने में दो दिन लग सकते हैं।


चकपिनहा गांव के पास किलनहाई नदी के बाढ़ का पानी सड़क पर पहुंच गया है। इससे मल्हीपुर, डिहवा, कटैया और बेनपुर गांव के स्कूली बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हो रहे हैं। सड़क पर बाढ़ का पानी आने से बच्चों को घर तक लेने और छोड़ने वाले बाइक सवार चकपिनहा गांव की ओर ही रुक जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, बुधवार दोपहर से यमुना का जलस्तर पूरी तरह से स्थिर है।
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