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लकदक कपड़े, चमाचम कुप्पी युद्ध के लिए तैयार
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 11 Oct 2016 12:39 AM IST
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दारानगर के ऐतिहासिक कुप्पी युद्ध की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मंगलवार को दोपहर बाद यहां चार राउंड कुप्पी युद्ध होगा। इसके लिए राम व रावण की सेना में शामिल होने वाले युवकों ने अपने नाम दर्ज करा दिए हैं। इनके कपड़े तैयार हो गए हैं, एकदम लकदक। कुप्पी भी चमाचम कर ली गई है। युद्ध क्षेत्र की बैरीकेटिंग हो गई है। कमेटी के अध्यक्ष अवध नारायण मिश्र ने एक दिन पहले से मोर्चा संभालकर इस क्षेत्र की कमान अपने हाथ में ले ली है। अब बस इंतजार है मंगलवार को एक सीटी बजने का।
दारानगर की रामलीला जितनी विख्यात है, उतना ही यहां का कुप्पी युद्ध। यहां रावध वध से पहले लक्ष्मण और मेघनाद में युद्ध होता है। यह युद्ध सजीव होता है। देश का ऐसा पहला यह युद्ध क्षेत्र है, जहां राम और रावण की सेना के बीच सजीव युद्ध होता है। राम की सेना लाल और रावण की सेना काले वस्त्रों में कुप्पी लेकर भिड़ती है। मंगलवार को पहले दिन चार राउंड युद्ध होगा। एक सीटी बजते ही पहले से तैयार खड़ी सेनाएं एक दूसरे पर टूट पड़ती हैं। जबर्दस्त मार होती है। सेना के जवान घायल भी हो जाते हैं। एकदम सतर्क खड़े वालेंटियर किसी के घायल होने पर उसे तत्काल बाहर निकाल लेते हैं और उसकी जगह दूसरे सैनिक को उतार देते हैं।
पहले दिन के युद्ध का परिणाम नहीं आता है। बुधवार को राम-लक्ष्मण और उनकी सेना रावण के साथ मेघनाद, अहिरावण का वध करेगी। यह युद्ध तीन राउंड में होगा। मेला कमेटी के अध्यक्ष अवध नारायण मिश्र कहते हैं कि युद्ध क्षेत्र तैयार हो गया है। सोमवार को ही लंका दहन की लीला के साथ ही म्योहरा-गढ़ी के बीच स्थित चार बीघा के युद्ध क्षेत्र को उन्होंने अपने हाथ में ले लिया है। युद्ध क्षेत्र की बैरीकेटिंग भी करवा दी गई है। स्थानीय पुलिस भी तैनात हो गई है। बताया की मंगलवार को डीएम अखंड प्रताप सिंह व एसपी वीके मिश्र की मौजूदगी में पहले दिन का युुद्ध होगा।
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युद्ध देखने वालों ने डाल दिया डेरा
कुप्पी युद्ध देखने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ फतेहपुर, प्रतापगढ़ से आती है। इनके अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग आते हैं। म्योहरा के प्रभाकर शुक्ल ने बताया कि युद्ध देखने की लालसा बहुत लोगों में रहती है, इसलिए वह लोग इस इलाके अपने रिश्तेदारों से जान-पहचान बढ़ाकर एक दिन पहले आ जाते हैं। बताया कि म्योहरा, गढ़ी, सैनी, दारानगर , कमंगलपुर आदि गांवों के लोगों के यहां रिश्तेदारों का जमावढ़ा हो गया है। मंगलवार को दोपहर होते ही यह लोग युद्ध क्षेत्र पहुंच जाएंगे।
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दारानगर की रामलीला जितनी विख्यात है, उतना ही यहां का कुप्पी युद्ध। यहां रावध वध से पहले लक्ष्मण और मेघनाद में युद्ध होता है। यह युद्ध सजीव होता है। देश का ऐसा पहला यह युद्ध क्षेत्र है, जहां राम और रावण की सेना के बीच सजीव युद्ध होता है। राम की सेना लाल और रावण की सेना काले वस्त्रों में कुप्पी लेकर भिड़ती है। मंगलवार को पहले दिन चार राउंड युद्ध होगा। एक सीटी बजते ही पहले से तैयार खड़ी सेनाएं एक दूसरे पर टूट पड़ती हैं। जबर्दस्त मार होती है। सेना के जवान घायल भी हो जाते हैं। एकदम सतर्क खड़े वालेंटियर किसी के घायल होने पर उसे तत्काल बाहर निकाल लेते हैं और उसकी जगह दूसरे सैनिक को उतार देते हैं।
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पहले दिन के युद्ध का परिणाम नहीं आता है। बुधवार को राम-लक्ष्मण और उनकी सेना रावण के साथ मेघनाद, अहिरावण का वध करेगी। यह युद्ध तीन राउंड में होगा। मेला कमेटी के अध्यक्ष अवध नारायण मिश्र कहते हैं कि युद्ध क्षेत्र तैयार हो गया है। सोमवार को ही लंका दहन की लीला के साथ ही म्योहरा-गढ़ी के बीच स्थित चार बीघा के युद्ध क्षेत्र को उन्होंने अपने हाथ में ले लिया है। युद्ध क्षेत्र की बैरीकेटिंग भी करवा दी गई है। स्थानीय पुलिस भी तैनात हो गई है। बताया की मंगलवार को डीएम अखंड प्रताप सिंह व एसपी वीके मिश्र की मौजूदगी में पहले दिन का युुद्ध होगा।
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युद्ध देखने वालों ने डाल दिया डेरा
कुप्पी युद्ध देखने के लिए सबसे ज्यादा भीड़ फतेहपुर, प्रतापगढ़ से आती है। इनके अलावा दूसरे राज्यों से भी लोग आते हैं। म्योहरा के प्रभाकर शुक्ल ने बताया कि युद्ध देखने की लालसा बहुत लोगों में रहती है, इसलिए वह लोग इस इलाके अपने रिश्तेदारों से जान-पहचान बढ़ाकर एक दिन पहले आ जाते हैं। बताया कि म्योहरा, गढ़ी, सैनी, दारानगर , कमंगलपुर आदि गांवों के लोगों के यहां रिश्तेदारों का जमावढ़ा हो गया है। मंगलवार को दोपहर होते ही यह लोग युद्ध क्षेत्र पहुंच जाएंगे।