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डेंगू से भड़ेसर गांव के किशोर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 30 Nov 2015 11:48 PM IST
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कौशाम्बी में डेंगू से मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। रविवार
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रात भी सिराथू तहसील के भडे़सर गांव के किशोर की मौत हो गई। दो दिन पहले
तबीयत बिगड़ने पर उसे इलाहाबाद के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया
था। मौत से परिवार में कोहराम मचा है। सिराथू तहसील क्षेत्र के भड़ेसर
गांव निवासी ननकू लोक निर्माण विभाग में चालक पद पर तैनात है। उसका बेटा
नीरज (15) आठ दिन से बुखार से पीड़ित था। पहले तो घरवाले उसका इलाज स्थानीय
एक डॉक्टर से करा रहे थे। शुक्रवार शाम तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे
मंझनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत में तनिक भी सुधार
नहीं होने पर शनिवार रात उसे ले जाकर इलाहाबाद के एक निजी हास्पिटल में
भर्ती कराया गया।
इलाहाबाद में उपचार के दौरान रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक इलाहाबाद में जांच के बाद डॉक्टरों ने डेंगू होने की पुष्टि की थी। बता दें कि जिले में महीने भर से डेंगू का प्रकोप बना है। इसकी चपेट में आने से अब तक 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार की रात को ही हर्रायपुर गांव की रजनी (20) की भी डेंगू के कारण ही मौत हुई थी। मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि लोगों में सिर्फ डेंगू का भय पैदा हो गया है। बुखार आने पर भी प्लेट्सलेट में कमी आ जाती है। बुखार का समय से सही इलाज नहीं कराने के कारण मौतें हो रही हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि विभाग इसे लेकर गंभीर है। मंझनपुर, करारी समेत अन्य कस्बाई इलाकों और गांवों में दवा का छिड़काव लगातार कराया जा रहा है।
इलाहाबाद में उपचार के दौरान रविवार देर रात उसकी मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक इलाहाबाद में जांच के बाद डॉक्टरों ने डेंगू होने की पुष्टि की थी। बता दें कि जिले में महीने भर से डेंगू का प्रकोप बना है। इसकी चपेट में आने से अब तक 15 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। शनिवार की रात को ही हर्रायपुर गांव की रजनी (20) की भी डेंगू के कारण ही मौत हुई थी। मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. यूबी सिंह ने बताया कि लोगों में सिर्फ डेंगू का भय पैदा हो गया है। बुखार आने पर भी प्लेट्सलेट में कमी आ जाती है। बुखार का समय से सही इलाज नहीं कराने के कारण मौतें हो रही हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि विभाग इसे लेकर गंभीर है। मंझनपुर, करारी समेत अन्य कस्बाई इलाकों और गांवों में दवा का छिड़काव लगातार कराया जा रहा है।