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दो पुत्रों समेत पिता को आजीवन कारावास
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 21 Sep 2015 11:21 PM IST
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जमीन के लालच में बेटों संग मिल भाई की हत्या करने वाले अधेड़ और उसके दो बेटों को सोमवार को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पडे़गी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक पिपरी थाना क्षेत्र के पेरई गांव निवासी छोटेलाल के कोई संतान नहीं थी। उसकी संपत्ति पर छोटे भाई बडे़लाल की नजर टिकी थी। जमीन बेटों के नाम करने को लेकर कई बार कहासुनी भी हो चुकी थी। आठ अप्रैल 2011 को वह पत्नी आशा देवी के साथ गेहूं की कटाई करने गया था। इसी दौरान बडे़लाल अपने बेटे पिंटू और पप्पू के साथ खेत पर पहुंचा और ललकारते हुए तमंचे से ताबड़तोड़ गोली मारकर छोटेलाल की हत्या कर दी।
मृतक की पत्नी आशा देवी की तहरीर पर बडे़लाल, पिंटू, पप्पू और शांती देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। यह मामला चार साल तक अपर जिला जज की अदालत में चला। सोमवार को अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता त्रिलोकी चंद्र केसरवानी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद एडीजे डॉ. राकेश कुमार नैन ने शांति देवी को बरी करते हुए बडे़लाल और उसके बेटों पिंटू और पप्पू को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। अर्थदंड चुकता नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास हत्यारों को भुगतना पड़ेगा। चार साल बाद पति के हत्यारों को सजा सुनाए जाने से विधवा आशा देवी की आंखें छलक पड़ीं।
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मृतक की पत्नी आशा देवी की तहरीर पर बडे़लाल, पिंटू, पप्पू और शांती देवी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। यह मामला चार साल तक अपर जिला जज की अदालत में चला। सोमवार को अभियोजन पक्ष के शासकीय अधिवक्ता त्रिलोकी चंद्र केसरवानी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद एडीजे डॉ. राकेश कुमार नैन ने शांति देवी को बरी करते हुए बडे़लाल और उसके बेटों पिंटू और पप्पू को हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद और 25-25 हजार रुपये अर्थ दंड की सजा सुनाई। अर्थदंड चुकता नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास हत्यारों को भुगतना पड़ेगा। चार साल बाद पति के हत्यारों को सजा सुनाए जाने से विधवा आशा देवी की आंखें छलक पड़ीं।
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