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सभी धर्मों को सम्मान देना भारत की महानता
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 06 Sep 2015 11:47 PM IST
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इस्लाम ने अम्न और भाईचारे का पैगाम दिया है। जो लोग अल्लाह पर पूरा भरोसा करते हैं दुनिया की कोई ताकत उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाती। यह बातें ईरान के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा धर्मगुरु सैयद अली खामनाई के प्रतिनिधि महदी महदवीपुर ने रविवार को करारी में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में कहीं। इस दौरान उन्होंने भारतीय संविधान की सराहना भी की। कहाकि सभी धर्म के लोगों को सम्मान देना भारत की महानता का परिचय है।
बता दें कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति और धर्मगुरु सैयद अली खामनाई के प्रतिनिधि महदी महदवीपुर रविवार को एक शिया समुदाय के एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने करारी आए थे। सुबह नौ बजे कस्बा पहुंचे तो शिया धर्म के लोगों ने फूल मालाओं से लादकर उनका स्वागत किया और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए उन्हें लेकर हजरतगंज मोहल्ला स्थित शिया जामा मस्जिद गए। यहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहाकि 36 साल पहले आए इंकलाबे इस्लामी के बाद अमेरिका और यूरोपी हुकूमतों ने जिस तरह से ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया था।
उससे ईरान काफी कमजोर हो गया था। दुश्वारी के उस हालात में भारत ने हर मोड़ पर ईरान का साथ देकर यह शाबित कर दिया है कि वह एक अच्छी सोच रखने और नेकी के रास्ते पर चलने वालों का देश है। कहाकि भारत सही मायने में जमहूरी मुल्क है। यहां सभी धर्मों के मानने वालों को पूरी आजादी दिया जाना इसका प्रमाण है। इस मौके पर मौलाना सैयद मोहम्मद जोहैर कैन, मौलाना सैयद जवाद हैदर, मौलाना सैयद जमीर हैदर, मौलाना सैयद रजा गरवी, मौलाना सैयद मोहम्मद अख्तर, नैयर रिजवी, मौलाना एहसान हैदर, फुरकान रिजवी, एजाज असगर, नाजिम रिजवी, नईम कुरैशी, मोहम्मद सैफ, हाजी अवैस हसन आदि मौजूद रहे।
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बता दें कि ईरान के पूर्व राष्ट्रपति और धर्मगुरु सैयद अली खामनाई के प्रतिनिधि महदी महदवीपुर रविवार को एक शिया समुदाय के एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने करारी आए थे। सुबह नौ बजे कस्बा पहुंचे तो शिया धर्म के लोगों ने फूल मालाओं से लादकर उनका स्वागत किया और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए उन्हें लेकर हजरतगंज मोहल्ला स्थित शिया जामा मस्जिद गए। यहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहाकि 36 साल पहले आए इंकलाबे इस्लामी के बाद अमेरिका और यूरोपी हुकूमतों ने जिस तरह से ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाया था।
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उससे ईरान काफी कमजोर हो गया था। दुश्वारी के उस हालात में भारत ने हर मोड़ पर ईरान का साथ देकर यह शाबित कर दिया है कि वह एक अच्छी सोच रखने और नेकी के रास्ते पर चलने वालों का देश है। कहाकि भारत सही मायने में जमहूरी मुल्क है। यहां सभी धर्मों के मानने वालों को पूरी आजादी दिया जाना इसका प्रमाण है। इस मौके पर मौलाना सैयद मोहम्मद जोहैर कैन, मौलाना सैयद जवाद हैदर, मौलाना सैयद जमीर हैदर, मौलाना सैयद रजा गरवी, मौलाना सैयद मोहम्मद अख्तर, नैयर रिजवी, मौलाना एहसान हैदर, फुरकान रिजवी, एजाज असगर, नाजिम रिजवी, नईम कुरैशी, मोहम्मद सैफ, हाजी अवैस हसन आदि मौजूद रहे।
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