Kaushambi Loksabha : कई जगहों पर किया गया मतदान का बहिष्कार, अधिकारी मान मनौवल में जुटे रहे
धर्मपुर में 8 .49 बजे पहला वोट गांधी सिंह ने और दूसरा वोट प्रधान संतोष सिंह ने डाला। यहां ग्रामीणों की मांग थी सड़क बनाई जाए, लेकिन सड़क न बनने से वोट का बहिष्कार किया था। इसकी जानकारी होने पर एडीएम न्यायिक प्रबुद्ध सिंह, एडीएम राजस्व एवं वित्त अरुण कुमार के साथ अपर पुलिस अधीक्षक कौशांबी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान संतोष सिंह से वार्ता कर समझा बुझाकर मतदान शुरू कराया।
विस्तार
कौशाम्बी लोकसभा चुनाव के लिए जहां एक ओर कई बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतार लगी हुई है, वहीं कुछ गांवों के लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है। सिराथू विधानसभा क्षेत्र के धर्मपुर और हिसामपुर माढ़ो गांव के लोगों ने सड़क समेत गांव की अन्य समस्या को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया है। अधिकारी ग्रामीणों की मान मनौवल में जुटे रहे, लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली।
धर्मपुर में 8 .49 बजे पहला वोट गांधी सिंह ने और दूसरा वोट प्रधान संतोष सिंह ने डाला। यहां ग्रामीणों की मांग थी सड़क बनाई जाए, लेकिन सड़क न बनने से वोट का बहिष्कार किया था। इसकी जानकारी होने पर एडीएम न्यायिक प्रबुद्ध सिंह, एडीएम राजस्व एवं वित्त अरुण कुमार के साथ अपर पुलिस अधीक्षक कौशांबी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान संतोष सिंह से वार्ता कर समझा बुझाकर मतदान शुरू कराया। बावजूद इसके मतदान की गति काफी धीमी रही।
इसी तरह हिसामपुर माढो 10.30 तक एक भी मतदान नहीं हुआ है। एसडीएम और सीओ के समझाने के बाद भी ग्रामीण मतदान के लिए राजी नहीं हुए। समस्या का समाधान न होने पर गांव के लोगों ने पहले ही बहिष्कार की चेतावनी दी थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे नजरअंदाज कर दिया था। आज जब गांव के लोग वोट डालने के लिए नहीं निकल रहे हैं तो अधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं।
भरवारी में कई घंटे तक मतदान का बहिष्कार
नगर पालिका परिषद भरवारी के मतदान केंद्र संख्या सात ग्रामीण बहरिया में ग्रामीणों ने मूलभूत समस्याओं को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया है। बिजली,पानी, नाली,पानी की निकासी और रास्ते को लेकर समस्याओं का हल नहीं होने के चलते ग्रामीणों ने मतदान का सुबह बहिष्कार कर दिया है।
लोगों का आरोप है कि इसी नाली के विवाद में गांव में एक महिला की हत्या भी ही चुकी है,लेकिन नगर प्रशासन ने कोई भी समस्या का समाधान नहीं किया है,जिसके चलते ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है। सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ लेकिन 10 बजे तक मात्र पांच मत ही पड़े है। मतदान के बहिष्कार की सूचना पर नायब तहसीलदार सौरभ सिंह बूथ पर पहुंचे और मतदान के बहिष्कार की जानकारी ली और नगर के अधिशासी अधिकारी सहित उच्च अधिकारियों को सूचना दी,नायब तहसीलदार लोगों को मनाने में जुटे हुए है,लेकिन मतदाता किसी सक्षम अधिकारी के आए बिना मतदान नहीं करने की बात कह रहे है।
सूचना पर पहुंचे एडीएम प्रबुद्ध सिंह,एएसपी अशोक कुमार वर्मा, एसडीएम योगेश कुमार ने वॉर्ड के सभासद शानू कुशवाहा को बुलवा कर बहरिया के मतदाताओं को बुलाया और कहा कि जल्द ही आपको पानी, बिजली, सड़क और नाली की समस्या दूर हो जाएगी। मौके पर ईओ रामसिंह और लिपिक बबलू गौतम को कहा कि एक सप्ताह के अंदर पानी और बिजली, एक महीने के अंदर नाली, सड़क को बनवा दें नही तो विभागीय कार्यवाही की जाएगी। इसके बाद दोपहर 11 बजे लोगों ने मतदान करना शूरू किया।
कौशांबी लोकसभा सीट के सिराथू विधानसभा क्षेत्र के हिसामपुर माढों में स्थित मतदान केंद्र 315 में करीब 1700 मतदाता है। सोमवार को पड़ने वाले मतदान में ग्रामीणों ने समस्याओं के निस्तारण के लिए बैनर लगाकर मतदान के सामूहिक बहिष्कार की घोषणा कर दी है। मतदान शुरू होने के पांच घंटे बाद तक एक भी मतदान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना था कि वह जब तक इस बात का आश्वासन नहीं पाएंगे कि उनके गांव में आने जाने के लिए सड़क व रेलवे ब्रिज कब तक बनेगा। इसका आश्वासन मिलने पर ही वह मतदान के बारे में विचार करेंगे।
फिलहाल पुलिस की सुरक्षा कर्मियों ने मतदान केंद्र को सुरक्षा के घेरे में ले रखा है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि उन्हें जिम्मेदार अफसर समझाने व आश्वासन देने के लिए आते हैं तो वह अपने फैसले पर विचार कर सकते हैं। हालाकि दोपहर बाद डीएम एसपी के समझाने व समस्या से निजात दिलाए जानें के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने मतदान शुरू किया।
सिराथू तहसील क्षेत्र के हिसामपुर माढ़ो गांव में ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह , कुलदीप सिंह , विमल कुमार , बाल गोविंद , नीलू पांडेय सहित समस्त ग्रामीणों ने जनसमस्याओं को लेकर लोकसभा चुनाव में मतदान करने से इंकार कर दिया। ग्रामीणों ने रास्ते को लेकर रेलवे पर पुल नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि हमारे गांव में ग्रामीण और स्कूली बच्चे रेलवे लाइन को पारकर दूसरे रास्ते से जाते है। तब अपने खेत और स्कूल जा पाते है, साथ ही रेलवे लाइन के लिए बने पुल के नीचे पानी भरा रहता है जिससे आवागमन में परेशानी होती है जिससे आए दिन खतरा बना रहता है। वही कई लोग काल के गाल में समा चुके है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया की विधायक और सांसद यहां वोट मांगने आते है। ग्रामीणों के रास्ता की समस्या को देखने नहीं आते हैं। नेताओं को तो सिर्फ वोट से मतलब होता है। जनता कैसे जी रही है उससे कोई मतलब नहीं। ग्रामीणों ने बताया कि सरकार और प्रशासन को रास्ते की समस्या से निजात दिलाए जाने हेतु अंडर पास अथवा ओवरब्रिज बनवाना पड़ेगा, जब तक रास्ता का मामला हल नहीं होगा हम लोग मतदान का बहिष्कार करेंगे।
मतदान के वहिष्कार की सूचना पर पहुंचे सेक्टर मजिस्ट्रेट के समझाने बुझाने पर ग्रामीणों ने मतदान नहीं किया और आलाधिकारियो के आने का इंतजार करते रहे । सेक्टर मजिस्ट्रेट की सूचना पर पहुंचे मुख्य विकास अधिकारी डा रवि किशोर त्रिवेदी , डीपीआरओ रवि शंकर दिवेदी, एसडीएम सिराथू महेंद्र कुमार सिंह , सीओ सिराथू अवधेश कुमार विश्वकर्मा , नायब तहसीलदार विनय कुमार सिंह , खंड विकास अधिकारी दिनेश चंद्र , एडीओ पंचायत अवधेश तिवारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
ग्रामीण जिद पर अड़े रहे जिसके बाद समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दया शंकर यादव , विधानसभा अध्यक्ष शाहनवाज अहमद ने भी प्रयास किया । जिसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम राजेश कुमार रॉय व एसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव हिसामपुर माढों गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर समस्या के निस्तारण के लिए आश्वासन दिया जिसके बाद गांव के पवन मिश्रा , कुलदीप सिंह , अश्वनी मिश्रा आदि लोगो ने लगभग 12:05 मिनट पर मतदान शुरू किया।