कौशाम्बी : दुष्कर्म में दोषी को ताउम्र जेल, मददगार को दस साल की सजा
कौशाम्बी में पिपरी इलाके से छह साल पहले किशोरी को अगवाकर किया था दुष्कर्म, विशेष न्यायाधीश पोक्सो कोर्ट ने क्रमश: 40 हजार व दस हजार का लगाया जुर्माना।
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किशोरी को अगवाकर दुष्कर्म के एक मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट अरविंद कुमार द्वितीय ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने दुष्कर्मी को सश्रम आजीवन कारावास और मददगार को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों आरोपियों पर क्रमश: 40 तथा 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन के अनुसार पिपरी कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति की 14 वर्षीय नाबालिग बेटी एक अक्तूबर 2015 की रात घर से रहस्मय हालत में गायब हो गई थी। खोजबीन के दौरान पता चला कि पिपरी थाने के काठगांव का रहने वाला अजय भारतीय अपने दोस्त अरविंद उर्फ नाटे के साथ मिलकर किशोरी को अगवा कर ले गया है। अजय ने साथी की मदद से करीब डेढ़ महीने तक किशोरी के साथ दुष्कर्म भी किया।
पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने दो अक्तूबर 2015 को मुकदमा दर्ज कर 17 नवंबर को किशोरी को बरामद कर लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट में हुई। इस दौरान पुलिस ने आरोपी अजय और उसके साथी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र तिवारी ने मामले में कोर्ट के समक्ष कुल नौ गवाहों को पेश किया।
दोनों पक्षों की बहस सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने अजय को अपहरण समेत किशोरी से दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने अजय के खिलाफ 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जबकि अपहरण में सहयोगी अरविंद उर्फ नाटे को 10 वर्ष के कठोर कारावास समेत दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पीड़िता को मिलेगा 45 हजार रुपये प्रतिकर
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट ने सजा सुनाने के बाद अभियुक्तों पर लगाए गए अर्थदंड में से 45 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया है। इसमें मुख्य आरोपी पर लगाए गए 40 हजार की समूची धनराशि व मददगार पर लगाए गए जुर्माने की आधी धनराशि पांच हजार रुपये शामिल है। दूसरी ओर अभियुक्तों ने सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने की बात कही है। यह धनराशि अपील का निस्तारण होने के बाद ही पीड़िता को पॉक्सो कोर्ट के जरिये मुहैया कराई जाएगी।