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जाड़े में भी बिजली की अंधाधुंध कटौती
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Tue, 13 Jan 2015 12:18 AM IST
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गर्मी के मौसम में बिजली कटौती से त्राहि-त्राहि करने वाले दोआबाबासी जाड़े में भी परेशान हैं। सबसे ज्यादा मुसीबत जर्जर उपकरण और तारों से है। इसके कारण भरवारी उपकेंद्र के 25 और गुपसहसा उपकेंद्र के 36 गांवों में 24 घंटे के दौरान 2 घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी फाल्ट ठीक करके रोस्टर मुताबिक बिजली आपूर्ति नहीं दी जा रही है।
बता दें कि भरवारी उपकेंद्र से जुड़े बड़ेगांव, मटियारा, अशरफपुर, जलीलपुर, अरई सुमेरपुर, सिरियावां, पांडेयमऊ, टिनईया टीकुर, रसूलपुर गिरिसा, असवां आदि 25 गांवों में बिजली आपूर्ति वर्ल्ड बैंक फीडर से की जाती है। पांडेयमऊ गांव के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद, राम भवन, अजय दूबे, अजय मिश्र, नागेंद्र श्रीवास्तव, कल्लू राम, गनेश प्रसाद आदि ने बताया कि हफ्तेभर से उनके फीडर में 24 घंटे के दौरान दो घंटे की भी बिजली आपूर्ति नहीं दी जा रही है। गांववाले बताते हैं कि जब भी बिजली आपूर्ति होती है। जर्जर तार कहीं न कहीं टूटकर गिर जाते हैं।
इससे पूरे-पूरे दिन बत्ती गुल रहती है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या को दूर नहीं करा रहे हैं। ऐसी ही समस्या गुससहसा उपकेंद्र से जुड़े हिसामबाद, जोगापुर, दाई का पुरा, बिजिया, मुस्तफाबाद, बेहन का पुरा, रजईपुर, कोसम, मढ़ी, बारा, ढोकसहा, बेरौंचा, धाना, महिला आदि गांव के लोगों को भी भुगतनी पड़ रही है। ग्रामीण बताते हैं कि इन गांवों को बिजली आपूर्ति के लिए खींची गई बिजली की लाइन के तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इसके कारण आए दिन तार टूटने की घटनाएं होती रहती है।
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जिसकी वजह से 24 घंटे में दो-तीन घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। मामले में अवर अभियंता अरूण कुमार ने बताया कि उपकेंद्र के उपकरण और लाइनों के तार जर्जर हैं। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। बगैर उपकरण और तार बदले समस्या का समाधान संभव नहीं है।
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बता दें कि भरवारी उपकेंद्र से जुड़े बड़ेगांव, मटियारा, अशरफपुर, जलीलपुर, अरई सुमेरपुर, सिरियावां, पांडेयमऊ, टिनईया टीकुर, रसूलपुर गिरिसा, असवां आदि 25 गांवों में बिजली आपूर्ति वर्ल्ड बैंक फीडर से की जाती है। पांडेयमऊ गांव के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद, राम भवन, अजय दूबे, अजय मिश्र, नागेंद्र श्रीवास्तव, कल्लू राम, गनेश प्रसाद आदि ने बताया कि हफ्तेभर से उनके फीडर में 24 घंटे के दौरान दो घंटे की भी बिजली आपूर्ति नहीं दी जा रही है। गांववाले बताते हैं कि जब भी बिजली आपूर्ति होती है। जर्जर तार कहीं न कहीं टूटकर गिर जाते हैं।
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इससे पूरे-पूरे दिन बत्ती गुल रहती है। आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी समस्या को दूर नहीं करा रहे हैं। ऐसी ही समस्या गुससहसा उपकेंद्र से जुड़े हिसामबाद, जोगापुर, दाई का पुरा, बिजिया, मुस्तफाबाद, बेहन का पुरा, रजईपुर, कोसम, मढ़ी, बारा, ढोकसहा, बेरौंचा, धाना, महिला आदि गांव के लोगों को भी भुगतनी पड़ रही है। ग्रामीण बताते हैं कि इन गांवों को बिजली आपूर्ति के लिए खींची गई बिजली की लाइन के तार पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। इसके कारण आए दिन तार टूटने की घटनाएं होती रहती है।
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जिसकी वजह से 24 घंटे में दो-तीन घंटे भी बिजली मिलनी मुश्किल है। मामले में अवर अभियंता अरूण कुमार ने बताया कि उपकेंद्र के उपकरण और लाइनों के तार जर्जर हैं। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। बगैर उपकरण और तार बदले समस्या का समाधान संभव नहीं है।