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Kaushambi News: मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में सुधार, मरीजों की संख्या में ढाई गुना तक इजाफा
Fri, 05 Jul 2024 05:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 05 Jul 2024 05:33 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में पर्चा काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़। संवाद
बीते एक साल के अंदर मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। इसी का नतीजा है कि बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार कराने आ रहे हैं। ओपीडी में इलाज कराने वालों की संख्या में करीब ढाई गुना तक इजाफा हुआ है। वहीं, पैथालॉजी में जांचें छह गुना बढ़ गईं हैं। इसके अलावा आईपीडी, जनरल सर्जरी, सिजेरियन डिलिवरी भी पहले की अपेक्षा अधिक हो रहीं हैं।
जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय को अप्रैल-2023 में मेडिकल कॉलेज घोषित किया गया था। पहले अव्यवस्थाओं के कारण यहां इलाज कराना आसान नहीं था। दो बजे के बाद इमरजेंसी में विशेषज्ञों की सलाह नहीं मिल पाती थी। ओपीडी में डॉक्टर समय से बैठते नहीं थे। वक्त पर आ भी गए तो ओपीडी के बीच में ही कुर्सी छोड़कर चले जाते थे। मेडिकल कॉलेज का ओहदा मिलने के बाद सुधार आना शुरू हुआ। पहले जहां 25 डॉक्टर थे, वहीं अब प्रोफेसर, सीनियर व जूनियर रेजीडेंट मिलाकर 80 चिकित्सक तैनात हैं। पहले दंत रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त था। अब दो-दो दंत रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। जनरल सर्जन पहले दो थे, अब तीन हो गए हैं।
इसी तरह नाक, कान, गला रोग, नेत्र रोग विभाग में एक-एक विशेषज्ञ की नियुक्ति और हो गई है। पहले इन विभागों में सिर्फ एक-एक डॉक्टर थे। पैथालॉजिस्ट पहले एक थे, जो अब तीन हो गए हैं। चिकित्सकों की संख्या में इजाफे के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी लापरवाह चिकित्सकों व कर्मचारियों पर शिकंजा कसा। किसी विभाग की ओपीडी में दो तो किसी में तीन चिकित्सक बैठते हैं। इसकी वजह से रोगियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता। इसके अलावा इमरजेंसी में भी विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई जाने लगी है। ओपीडी में ऑन लाइन पंजीकरण की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू की गई। यही सब कारण हैं कि एक साल के अंदर मरीजों की संख्या खासा बढ़ गई है।
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मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने वाले मरीज
विभाग - वर्ष 2022 - 2023
ओपीडी - 193692 - 285592
आईपीडी - 14899 - 19813
जनरल सर्जरी - 1160 - 1620
सीजेरियन डिलिवरी - 265 - 715
सामान्य प्रसव - 4160 - 4039
पैथालॉजी की जांच - 186720 - 649934
एक्स-रे की जांच - 20050 - 28002
सिटी स्कैन - 6815 - 8717
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मेडिकल कॉलेज बनने के बाद चिकित्सकों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा ओपीडी में चिकित्सकों की उपस्थिति से लेकर आईपीडी में इलाज तक की सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते पहले की अपेक्षा अधिक रोगी यहां आ रहे हैं। आने वाले दिनों में और भी कई नई सुविधाएं बढ़ेंगी।
डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज
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जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला चिकित्सालय को अप्रैल-2023 में मेडिकल कॉलेज घोषित किया गया था। पहले अव्यवस्थाओं के कारण यहां इलाज कराना आसान नहीं था। दो बजे के बाद इमरजेंसी में विशेषज्ञों की सलाह नहीं मिल पाती थी। ओपीडी में डॉक्टर समय से बैठते नहीं थे। वक्त पर आ भी गए तो ओपीडी के बीच में ही कुर्सी छोड़कर चले जाते थे। मेडिकल कॉलेज का ओहदा मिलने के बाद सुधार आना शुरू हुआ। पहले जहां 25 डॉक्टर थे, वहीं अब प्रोफेसर, सीनियर व जूनियर रेजीडेंट मिलाकर 80 चिकित्सक तैनात हैं। पहले दंत रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त था। अब दो-दो दंत रोग विशेषज्ञों की तैनाती है। जनरल सर्जन पहले दो थे, अब तीन हो गए हैं।
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इसी तरह नाक, कान, गला रोग, नेत्र रोग विभाग में एक-एक विशेषज्ञ की नियुक्ति और हो गई है। पहले इन विभागों में सिर्फ एक-एक डॉक्टर थे। पैथालॉजिस्ट पहले एक थे, जो अब तीन हो गए हैं। चिकित्सकों की संख्या में इजाफे के साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी लापरवाह चिकित्सकों व कर्मचारियों पर शिकंजा कसा। किसी विभाग की ओपीडी में दो तो किसी में तीन चिकित्सक बैठते हैं। इसकी वजह से रोगियों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता। इसके अलावा इमरजेंसी में भी विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई जाने लगी है। ओपीडी में ऑन लाइन पंजीकरण की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू की गई। यही सब कारण हैं कि एक साल के अंदर मरीजों की संख्या खासा बढ़ गई है।
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मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने वाले मरीज
विभाग - वर्ष 2022 - 2023
ओपीडी - 193692 - 285592
आईपीडी - 14899 - 19813
जनरल सर्जरी - 1160 - 1620
सीजेरियन डिलिवरी - 265 - 715
सामान्य प्रसव - 4160 - 4039
पैथालॉजी की जांच - 186720 - 649934
एक्स-रे की जांच - 20050 - 28002
सिटी स्कैन - 6815 - 8717
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद चिकित्सकों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा ओपीडी में चिकित्सकों की उपस्थिति से लेकर आईपीडी में इलाज तक की सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके चलते पहले की अपेक्षा अधिक रोगी यहां आ रहे हैं। आने वाले दिनों में और भी कई नई सुविधाएं बढ़ेंगी।
डॉ. एसके शुक्ला, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज