फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Hospital officials are victims of unseen

अफसरों की अनदेखी के शिकार हैं अस्पताल

Sun, 28 Jun 2015 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी Updated Sun, 28 Jun 2015 02:38 AM IST
विज्ञापन
 चरवा (कौशाम्बी)। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चरवा और राजकीय महिला अस्पताल स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की अनदेखी का शिकार हो गया है। डॉक्टरों और फार्मासिस्ट के अक्सर ड्यूटी से गैरहाजिर रहने से बीमारों और दुर्घटनाग्रस्त लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। शिकायत के बाद भी डॉक्टरों की मनमानी पर लगाम नहीं लगने से ग्रामीणों में जबरदस्त गुस्सा है।
विज्ञापन


चायल तहसील के चरवा बाजार और गांव की आबादी करीब 60 हजार है। इस आबादी को सस्ता और सुलह इलाज उपलब्ध कराने के लिए करीब 40 बरस पहले यहां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 बेड वाला राजकीय महिला चिकित्सालय की स्थापना की गई थी। पीएचसी में इस समय दो चिकित्सक डॉ. प्रेम प्रकाश शर्मा, डॉ. पीके मिश्र और फार्मासिस्ट धर्मेश मिश्र की तैनाती है।
विज्ञापन


 गांव के रवींद्र पांडेय, अनूप केसरवानी, अशोक कुमार भारतीय, साजन मौर्य, मिश्रीलाल आदि ने बताया कि डॉक्टरों, फार्मासिस्ट का अस्पताल आने और जाने का कोई समय नहीं हैं। यही हाल राजकीय महिला अस्पताल का भी है। 12 बेड वाला यह अस्पताल सिर्फ एक स्टाफ नर्स और दाई के भरोसे ही संचालित है। डॉक्टरों की इस मनमानी का खामियाजा गांववालों खासकर महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। देखें तो शुक्रवार को ही क्षेत्र के चंदईतारा गांव के समीप अपराह्न करीब एक बजे दो बाइकें आपस में टकरा गई थीं। इसमें दो महिलाएं और एक युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीण घायलों को लेकर पीएचसी चरवा पहुंचे तो वहां ताला लटक रहा था। इस पर गांववालों ने घायलों का प्राथमिक उपचार एक निजी क्लीनिक में कराना पड़ा था। इससे लोगों में आक्रोश भी रहा। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इसकी शिकायत सीएमओ से की गई। मगर वह ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण डॉक्टरों की मनमानी पर लगाम नहीं लग पा रहा है। मामले में सीएमओ डॉ. राजकुमार मिश्र का कहना है कि सभी सीएचसी, पीएचसी के चिकित्सकों को समय से ड्यूटी पर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। लगातार जांच और कार्रवाई की जा रही है। लापरवाही बरतने वाले चिकित्सकों की जांच करके उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखापढ़ी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed