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जिला अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में हुई फर्जी भर्ती

Thu, 06 Apr 2017 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Thu, 06 Apr 2017 12:30 AM IST
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hospital nicu ward
कौशाम्बी
जिला अस्पताल के एनआईसीयू वार्ड में फर्जी भर्ती की गई है। फर्जीवाड़ा करने वालों ने साक्षात्कार कराकर बाकायदा नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया है। नियुक्ति पत्र जिनको दिया गया है, उनकी हवा में ज्वाइनिंग भी करा दी गई है। इस फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ तो स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। जिला अस्पताल व सीएमओ दफ्तर में इस प्रकरण को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हैं। सीएमओ ने इस मामले की जांच शुरू करा दी है।
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    स्वास्थ्य विभाग में धांधली रुकने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में जिला अस्पताल के न्यू मेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) वार्ड में भर्ती के लिए युवाओं से सीधे आवेदन पत्र लिए गए थे। इस खेल में जिला अस्पताल की एक महिला कर्मचारी की अहम भूमिका थी। आवेदन लेने के लिए जिला अस्पताल परिसर में ही इस महिला कर्मचारी ने बाकायदा आवेदन करने वालों का साक्षात्कार कराया। साक्षात्कार जब हुआ तो कर्मचारियों में इसको लेकर तमाम तरह की चर्चाएं थीं, लेकिन किसी ने इस पर आपत्ति नहीं जाहिर की। इसके बाद युवाओं को फर्जी नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिया गया। साथ ही उनको 22 से 27 अप्रैल के बीच मंझनपुर पीएचसी में बुलाकर उनके शैक्षणिक अभिलेखों का सत्यापन कराया गया और उनकी ज्वाइनिंग भी करा दी गई।
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यह पूरी प्रक्रिया हवा में हुई। इसकी भनक न तो सीएमओ डॉ. एसके उपाध्याय को लगी, न ही सीएमएस डॉ. दीपक सेठ को। इस फर्जीवाड़े का शिकार हुआ जबर सिंह पुत्र अमर सिंह नियुक्ति पत्र लेकर जिला अस्पताल पहुंचा तो इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा। सीएमएस ने यह कहकर जबर सिंह को वापस कर दिया कि ऐसी कोई नियुक्ति नहीं हुई। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया तो खलबली मच गई। विभाग में चर्चा है कि 14 लोगों की तैनाती के लिए सात-सात लाख रुपये लिया गया है। इनमें से एक युवक को तीन दिन पहले सात लाख रुपये वापस भी किया गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह फर्जीवाड़ा जिला अस्पताल व सीएमओ कार्यालय परिसर में संचालित मंझनपुर पीएचसी में हुआ और अधिकारी बेखबर रहे। सीएमओ ने इसकी जांच शुरू करा दी है।
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एनआईसीयू वार्ड में एक भी पद रिक्त नहीं है। स्टाफ पर्याप्त है। ऐसे में भर्ती का सवाल ही नहीं उठता। इस वार्ड के स्टाफ की भर्ती सीएमओ करते हैं। नियुक्ति अधिकारी वही हैं। इस पूरे मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है।

डॉ. दीपक सेठ (सीएमएस)

एनआईसीयू वार्ड में पर्याप्त स्टाफ है। कोई पद रिक्त नहीं है। फर्जी नियुक्ति पत्र जारी होने की सूचना मिली है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद वह एफआईआर दर्ज कराकर इस मामले में कार्रवाई कराएंगे। इस खेल में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
डॉ. एसके उपाध्याय (सीएमओ)
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