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हाईकोर्ट : अपने ही बेटे की हत्या का आरोपी पिता बरी, उम्रकैद की सजा रद्द, तत्काल जेल से रिहा करने का निर्देश

Thu, 23 Mar 2023 10:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 23 Mar 2023 10:00 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौशाम्बी के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में अपने ही 13 वर्षीय बेटे की हत्या के आरोपी पिता अशोक यादव को सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद व जुर्माने की सजा को सबूत के अभाव के कारण रद्द कर दिया है और आरोपी पिता को जेल से तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है।

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High Court: Father acquitted of murder of his own son, life sentence cancelled, instructions to release him fr
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौशाम्बी के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र में अपने ही 13 वर्षीय बेटे की हत्या के आरोपी पिता अशोक यादव को सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई उम्रकैद व जुर्माने की सजा को सबूत के अभाव के कारण रद्द कर दिया है और आरोपी पिता को जेल से तत्काल रिहा करने का निर्देश दिया है।

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कोर्ट ने कहा कि सत्र अदालत ने साक्ष्यों को समझने में गलती की। अभियोजन संदेह से परे हत्या अपराध साबित करने में नाकाम रहा। मौत तालाब में डूबने से हुई। दो गवाहों के बयान विरोधाभासी है। वे प्रति परीक्षा में पक्षद्रोही हो गये। हत्या करने का कोई ठोस सबूत नहीं है। कोर्ट ने सजा के खिलाफ जेल अपील मंजूर कर ली है। यह फैसला न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र तथा न्यायमूर्ति शिव शंकर प्रसाद की खंडपीठ ने अभियुक्त अशोक यादव की जेल अपील पर दिया है।

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याची की ओर से कहा गया कि आरोपी पर अपने बेटे की हत्या करने का संदेह से परे कोई सबूत नहीं है। तालाब से लाश बरामद की गई। आरोपी ने रात तीन बजे शिकायतकर्ता को बेटे के घर से भाग जाने की जानकारी दी थी। उसकी पत्नी छोड़ कर चली गई है। बेटा गंगादीन मां के साथ जाने की जिद कर रहा था। जिस पर उसने मारा तो वह देर रात घर से भाग गया। शिकायतकर्ता आरोपी के भतीजे बसंत लाल का कहना था कि उसने 16/17 अगस्त 2011 की रात चिल्लाते सुना।

चाचा के घर जाकर पूछा तो कहा मां के पास जाने के लिए चिल्ला रहा है। थोड़ी देर बाद चिल्लाने की आवाज बंद हो गई। देर रात तीन बजे आरोपी शिकायत कर्ता के घर आया, बोला बेटा घर से भाग गया है। खोजने की कोशिश की गई। गांव के दो लोगों ने बताया कि रात 12 बजे आरोपी कथरी लिए पावर हाउस के पास मिला था। कहा इलाज कराने जा रहे हैं। बाद में लाश तालाब में मिली। गवाहों के पक्षद्रोही होने और हत्या करने का ठोस सबूत न होने के आधार पर हाईकोर्ट ने सत्र अदालत द्वारा हत्या का दोषी मान उम्रकैद की दी गई सजा को रद कर दिया। कहा संदेह से परे अपराध साबित नहीं किया गया।

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