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Kaushambi News: फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर गांव-गांव पहुंचकर स्वास्थकर्मी खिलाएंगे दवा

Sun, 08 Feb 2026 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Sun, 08 Feb 2026 01:30 AM IST
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Health workers will go from village to village to administer medicine for filariasis eradication
मुख्यालय ​स्थित सीएमओ कार्यालय।  संवाद
जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। अभियान के तहत दवा वितरण, कर्मचारियों की तैनाती और सामाजिक सहभागिता को लेकर सभी स्तरों पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सरसवां और चायल ब्लॉकों में आबादी के अनुसार दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता कर दी गई है। यह अभियान 10 से 28 फरवरी तक चलेगा, जिसके दौरान घर-घर दवा पहुंचाने और अधिकतम लोगों को कवर करने पर विशेष जोर रहेगा।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सरसवां ब्लॉक की कुल आबादी 2,21,830 है। यहां अभियान के संचालन के लिए 207 स्वास्थ्य कर्मचारी और 42 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। दवा वितरण के लिए डीईसी 100 एमजी की 5,54,575 टेबलेट, एल्बेंडाजोल 400 एमजी की 2,21,830 टेबलेट और आइवरमेक्टिन तीन एमजी की 5,54,575 टेबलेट उपलब्ध कराई गई हैं।
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वहीं, चायल ब्लॉक की आबादी 1,36,693 है, जहां 116 कर्मचारी और 23 सुपरवाइजर लगाए गए हैं। यहां डीईसी 100 एमजी की 3,41,733 टेबलेट, एल्बेंडाजोल 400 एमजी की 1,36,693 टेबलेट और आइवरमेक्टिन तीन एमजी की 3,41,733 टेबलेट वितरण के लिए रखी गई हैं। जिले में फाइलेरिया से पीड़ित गंभीर रोगियों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार लिम्फोडिमा के 879 मरीज और हाइड्रोसील के 125 मरीज चिह्नित किए गए हैं। इन सभी रोगियों को नियमित उपचार और परामर्श उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान को जन आंदोलन का रूप देने के लिए सामाजिक सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है।
पीसीआई, पाथ और सीएफएआर के सहयोग से ग्राम प्रधानों, कोटेदारों, स्कूलों व मदरसों के शिक्षकों, नगर पंचायत चायल, चरवा और पश्चिमशरीरा के प्रतिनिधियों और समूह सखियों का संवेदीकरण किया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जनसहयोग से ही जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा।

अभियान में सरसवां ब्लॉक के 77 गांव शामिल
सरसवां ब्लॉक के अंतर्गत कुल 77 गांव फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में शामिल किए गए हैं। इनमें ऊनों, लौंगावा, बक्सीपार, सरसवां, गरौली, पश्चिमशरीरा, पूरबशरीरा, कुम्हियांवा, शिवरा, अजरौली, अढ़ौली, डकशरीरा, निखोदा, अंधावा, रक्सौली, पचामा, कोरीपुर, कोल्हुआ, टिकरी नागी, मवई, निगहा, सन्याशीपुर, ढेरहा, हिनौता, गौरा तफारिक, पौर काशीरामपुर, अलवारा, जमुनापुर, राम नगर, महेवा, नौबस्ता, उमारावां, मुबारकपुर, शाहपुर, हटवा अब्बासपुर, रानीपुर, बैरमपुर, सेंगरहा, पलरा, नगरेहा कला, नगरेहा खुर्द, पुनवार, बरुआ, परई उग्रसेनपुर, जाफरपुर महावा, दानपुर, पथरकला, इशकपुर पथरा, लोधौरा कायमपुर, देवाना, पारासिया, डहरई, खरौना, दुगौली, चक गुरौनी, लकौड़ा उर्फ फैजीपुर, सोनौली, बरौली, धवाड़ा, बउली, रानीपुर, घासीपुर, भगवतपुर, बड़हरी, कटरी, लालमनी का ढेरा, डेढ़ावल, चांदेराई, गोराजू, अमीना, पभोषा, सिंघवल, मोहनपुर चंपहा और बनीखास गांव शामिल हैं।

अभियान में शामिल चायल ब्लॉक के गांव
रतगहां, निजामपुर पुरैनी, मोहम्मदपुर, मीरपुर, शेखपुर रसूलीपुर, नोहारी का पूरा, चकबाद शाहपुर, पहाड़पुर सुधवर, जानकीपुर, फरीदनपुर, भरेहड़ी कायमपुर, नौवापुर, मेडुआपुर, फरीदपुर सुलेमपुर, चिल्ला शाहबाजी, मोहम्मदपुर मनौरी, कोइलहा, गोलकइयापुर, दनियालपुर, चक मोहिउद्दीनपुर, रैया देह माफी, पूरे आयोध्या, केशी का पूरा, चरवा, धमसिड़ा, मदूकी, सिरसी, पूरेकलापत, चरवा खुर्द, शिव गुलाम का पुरा, पिपरी, सझिया, ओदारपुर, बाबातारा, बिलासपुर, भोजपुर, कसेंदा, फतेहपुर सहावपुर, मुरादपुर, चलौली, गिरिया खालसा, सिंहपुर, लालापुर, चक गिरिया, चौराडीह, जलालपुर शाना, समदा, सानानिबी, रहौनी, हरदुआ खास, हरदुआ जोत, बलीपुर टाटा गांव शामिल हैं।


रोकथाम के उपाय
- घर के आसपास गंदा पानी जमा न होने दें।
- मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
- बच्चों पर विशेष ध्यान दें।

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सरसवां और चायल ब्लॉकों में आबादी के अनुसार दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अभियान के दौरान घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। साथ ही लिम्फोडिमा और हाइड्रोसील के रोगियों को नियमित उपचार व परामर्श दिया जा रहा है। जनसहयोग से ही जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
- डॉ. अनुपमा मिश्रा, जिला मलेरिया अधिकारी
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