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बारिश देख कहीं खिले चेहरे तो कहीं छाई उदासी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 25 Sep 2016 12:16 AM IST
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शुक्रवार की रात तेज हवा के साथ हुई झमाझम बारिश ने खरीफ की खेती को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में बोई गई तिल, उड़द, मूंग, अरहर की फसलों को सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया तो दूसरी ओर ज्वार और बाजरा की अगेती फसलें तेज हवाओं के चलते जमींदोज हो गई हैं। फसलों के भारी नुकसान को देख किसानों के माथे पर सिकुड़न दिखाई देने लगी है।
दोआबा में शुक्रवार को दिनभर कड़ी धूप रही। शाम को अचानक मौसम में तब्दीली आ गई। रात लगभग आठ बजे आसमान में छाए काले बादलों से गरज के साथ बारिश होने लगी। लगभग डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश होने से खेतों में लबालब पानी भर गया। इससे पकने को तैयार तिल, उड़द, मूंग की फसलों के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा अरहर की फसलें भी फूलने फलने से पहले जलजमाव से पीली पड़कर नष्ट हो सकती हैं।
सुबह जब किसानों की नींद टूटी तो वह अपने-अपने खेतों की ओर फावड़ा लेकर पहुंचे। किसानों ने दलहनी और तिलहनी फसलों के खेतों में भरे पानी को काटकर नालियों के सहारे निकालने की कोशिश की पर रात भर पानी भरे रहने की वजह से फसलों में सड़न दौड़ने की आशंका तेज हो गई है। इसके अलावा बाजरा और ज्वार की अगेती फसलें बारिश के साथ चली तेज हवाओं के चलते लुढ़ककर जमीन छू रही हैं। इससे बालियों में पैदावार के घटने की संभावना बढ़ गई है।
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पानी से नष्ट हुई सब्जियों की खेती
मंझनपुर (ब्यूरो)। शुक्रवार की शाम जिले भर में हुई तेज बारिश ने दलहनी-तिलहनी फसलों के साथ-साथ सब्जियों की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचाने का काम किया है। खेतों में बोई गई नेनुआ, तोरई, पालक आदि सब्जियों की फसलें जलभराव के चलते सड़ने लगी हैं। इससे किसानों को फसल नुकसान का सामना तो करना ही पड़ रहा है सब्जियों के दाम में भी होने वाली बढ़ोत्तरी से प्रत्येक व्यक्ति को अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
धान और गन्ने की फसलों को हुआ फायदा
मंझनपुर (ब्यूरो)। शुक्रवार की शाम हुई बारिश ने खरीफ की खेती में दो फसलों को फायदा पहुंचाया है। इनमें धान और गन्ने की फसलें शामिल हैं। किसानों की माने तो बारिश का पानी पाने से बाली ले रही धान की फसलों में मजबूत दाने आएंगे वहीं गन्ने की फसलों में कीड़े आदि नहीं लगेंगे और गन्ना तेजी से बढ़ेगा। खरसेन के पूरा निवासी किसान जयराम सिंह का कहना है कि बारिश से धान की पिछेती फसलों को भारी फायदा है। इन फसलों में अब जल्द ही दाने आएंगे और रोग लगने की संभावना भी कम रहेगी।
खेतों में जल जमाव होने से दलहनी तिलहनी की कुछ फसलों को नुुकसान हो सकता है। वहीं धान व गन्ने की फसलों को बारिश से अच्छा फायदा होगा।
एस.एस. चौहान, डीडी कृषि
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दोआबा में शुक्रवार को दिनभर कड़ी धूप रही। शाम को अचानक मौसम में तब्दीली आ गई। रात लगभग आठ बजे आसमान में छाए काले बादलों से गरज के साथ बारिश होने लगी। लगभग डेढ़ घंटे तक झमाझम बारिश होने से खेतों में लबालब पानी भर गया। इससे पकने को तैयार तिल, उड़द, मूंग की फसलों के सड़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा अरहर की फसलें भी फूलने फलने से पहले जलजमाव से पीली पड़कर नष्ट हो सकती हैं।
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सुबह जब किसानों की नींद टूटी तो वह अपने-अपने खेतों की ओर फावड़ा लेकर पहुंचे। किसानों ने दलहनी और तिलहनी फसलों के खेतों में भरे पानी को काटकर नालियों के सहारे निकालने की कोशिश की पर रात भर पानी भरे रहने की वजह से फसलों में सड़न दौड़ने की आशंका तेज हो गई है। इसके अलावा बाजरा और ज्वार की अगेती फसलें बारिश के साथ चली तेज हवाओं के चलते लुढ़ककर जमीन छू रही हैं। इससे बालियों में पैदावार के घटने की संभावना बढ़ गई है।
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पानी से नष्ट हुई सब्जियों की खेती
मंझनपुर (ब्यूरो)। शुक्रवार की शाम जिले भर में हुई तेज बारिश ने दलहनी-तिलहनी फसलों के साथ-साथ सब्जियों की खेती को भी भारी नुकसान पहुंचाने का काम किया है। खेतों में बोई गई नेनुआ, तोरई, पालक आदि सब्जियों की फसलें जलभराव के चलते सड़ने लगी हैं। इससे किसानों को फसल नुकसान का सामना तो करना ही पड़ रहा है सब्जियों के दाम में भी होने वाली बढ़ोत्तरी से प्रत्येक व्यक्ति को अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान का सामना करना पड़ेगा।
धान और गन्ने की फसलों को हुआ फायदा
मंझनपुर (ब्यूरो)। शुक्रवार की शाम हुई बारिश ने खरीफ की खेती में दो फसलों को फायदा पहुंचाया है। इनमें धान और गन्ने की फसलें शामिल हैं। किसानों की माने तो बारिश का पानी पाने से बाली ले रही धान की फसलों में मजबूत दाने आएंगे वहीं गन्ने की फसलों में कीड़े आदि नहीं लगेंगे और गन्ना तेजी से बढ़ेगा। खरसेन के पूरा निवासी किसान जयराम सिंह का कहना है कि बारिश से धान की पिछेती फसलों को भारी फायदा है। इन फसलों में अब जल्द ही दाने आएंगे और रोग लगने की संभावना भी कम रहेगी।
खेतों में जल जमाव होने से दलहनी तिलहनी की कुछ फसलों को नुुकसान हो सकता है। वहीं धान व गन्ने की फसलों को बारिश से अच्छा फायदा होगा।
एस.एस. चौहान, डीडी कृषि