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गंगा-यमुना ने पार किया खतरे का निशान
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Ganga-Yamuna crossed danger mark
- फोटो : KAUSHAMBI
गंगा-यमुना ने पार किया खतरे का निशान
गंगा एक तो यमुना का पानी डेढ़ सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गंगा और यमुना नदी ने बुधवार शाम खतरे का निशान पार कर दिया। गंगा एक तो यमुना का पानी डेढ़ सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदियों के उफान से तराई के लोग दहशत में हैं। अफसरों की टीम लगातार गांवों के हालात पर नजर रख रही है।
गंगा और यमुना के जलस्तर में बुधवार को लगातार चौथे दिन वृद्धि जारी रही। नदियों के पानी ने तराई के गांवों को टापू बना दिया है। अफसरों के तमाम प्रयास के बाद ग्रामीण अपने घर खाली करने को राजी नहीं हो रहे हैं। इसे लेकर अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि दोनों नदियों के खतरे का निशान 84.73 सेंटीमीटर है। बुधवार को गंगा का पानी एक सेंटीमीटर प्रति घंटा और यमुना का पानी डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। शाम छह बजे तक फाफामऊ में गंगा खतरे का निशान पार कर 84.90 सेमी और नैनी में यमुना का जलस्तर 84.78 सेमी पर पहुंचा था। ये दोनों नदियां खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। अभी हालात ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और एसपी प्रदीप गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित हिसामबाद गढ़वा का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। नदियों के जलस्तर बढ़ने से तराई में दहशत का माहौल है।
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गंगा एक तो यमुना का पानी डेढ़ सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। गंगा और यमुना नदी ने बुधवार शाम खतरे का निशान पार कर दिया। गंगा एक तो यमुना का पानी डेढ़ सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदियों के उफान से तराई के लोग दहशत में हैं। अफसरों की टीम लगातार गांवों के हालात पर नजर रख रही है।
गंगा और यमुना के जलस्तर में बुधवार को लगातार चौथे दिन वृद्धि जारी रही। नदियों के पानी ने तराई के गांवों को टापू बना दिया है। अफसरों के तमाम प्रयास के बाद ग्रामीण अपने घर खाली करने को राजी नहीं हो रहे हैं। इसे लेकर अफसरों की मुश्किलें बढ़ गई है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि दोनों नदियों के खतरे का निशान 84.73 सेंटीमीटर है। बुधवार को गंगा का पानी एक सेंटीमीटर प्रति घंटा और यमुना का पानी डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। शाम छह बजे तक फाफामऊ में गंगा खतरे का निशान पार कर 84.90 सेमी और नैनी में यमुना का जलस्तर 84.78 सेमी पर पहुंचा था। ये दोनों नदियां खतरे का निशान पार कर चुकी हैं। अभी हालात ऐसे ही बने रहने की उम्मीद है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा और एसपी प्रदीप गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित हिसामबाद गढ़वा का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया। नदियों के जलस्तर बढ़ने से तराई में दहशत का माहौल है।
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