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जालसाज मोहनलाल ने बेच दी 11 बीघे भू-दान की जमीन
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सिराथू तहसील के अभिलेखों में हेराफेरी कर कोर्रों समेत चार गांवों में करोड़ों की भूमि को फर्जी तरीके से अपने व परिवार के नाम दर्ज कराने में जालसाज मोहनलाल सफल रहा। यही नहीं मास्टरमाइंड मोहनलाल ने ग्रामसभा कनवार स्थित 11 बीघे 12 बिस्वा भूदान की भूमि को अपने नाम दर्ज कराकर बेच भी दिया है। जिन लोगों ने भूमि का बैनामा कराया है, वह भी जांच के दायरे में हैं। इसकी जानकारी होते ही जांच अधिकारी ने बैनामे की पत्रावली तलब कर ली है।
फतेहपुर जनपद के बसवां गांव निवासी मास्टर माइंड मोहनलाल ने सिराथू तहसील के कोर्रों, केसारी, डोरमा व कनवार में स्थित लगभग 15 बीघे भूमि को अपने पिता, माता व खुद के नाम जालसाजी कर दर्ज करा लिया था।
जिलाधिकारी सुजीत कुमार के निर्देश पर मजिस्ट्रेट दीपेंद्र यादव ने जालसाज मोहनलाल की कुंडली खंगालनी शुरू की है। जांच में पता चला कि जालसाज ने ग्रामसभा कनवार स्थित आराजी संख्या 1738 छह बीघे व आराजी संख्या 2454 पांच बीघे 12 बिस्वा भूदान की जमीन को वर्ष 2002 में अपने नाम दर्ज कराकर चार लोगों को बेच दिया है। कनवार गांव के ग्रामीणों के अनुसार भूदान की जमीन की कीमत इन दिनों डेढ़ करोड़ के आसपास है। भूदान की जमीन को खरीदने वाले भी जांच अधिकारी के निशाने पर हैं।
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शासकीय अधिवक्ता शिवमूर्ति द्विवेदी से मजिस्ट्रेट ने जालसाज मोहन लाल द्वारा फर्जी तरीके से भूमि के पट्टा से संबंधित सभी रिकार्ड मंगवाए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मोहनलाल का नाम निरस्त कर ग्रामसभा में दर्ज हुई भूमि
फतेहपुर जनपद के बसवां गांव निवासी मोहनलाल सिराथू तहसील के कोर्रों, केसारी, डोरमा व कनवार में स्थित लगभग 15 बीघे भूमि को अपने पिता, माता व खुद के नाम कर दर्ज करा लिया था। छानबीन के बाद मामला प्रकाश में आया तो अफसरों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सिराथू एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर डीएम सुजीत कुमार ने ग्रामसभा कोर्रों स्थित सड़क के किनारे गाटा संख्या 109 से मोहनलाल का नाम निरस्त कर ग्रामसभा में दर्ज करा दिया है।
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फतेहपुर जनपद के बसवां गांव निवासी मास्टर माइंड मोहनलाल ने सिराथू तहसील के कोर्रों, केसारी, डोरमा व कनवार में स्थित लगभग 15 बीघे भूमि को अपने पिता, माता व खुद के नाम जालसाजी कर दर्ज करा लिया था।
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जिलाधिकारी सुजीत कुमार के निर्देश पर मजिस्ट्रेट दीपेंद्र यादव ने जालसाज मोहनलाल की कुंडली खंगालनी शुरू की है। जांच में पता चला कि जालसाज ने ग्रामसभा कनवार स्थित आराजी संख्या 1738 छह बीघे व आराजी संख्या 2454 पांच बीघे 12 बिस्वा भूदान की जमीन को वर्ष 2002 में अपने नाम दर्ज कराकर चार लोगों को बेच दिया है। कनवार गांव के ग्रामीणों के अनुसार भूदान की जमीन की कीमत इन दिनों डेढ़ करोड़ के आसपास है। भूदान की जमीन को खरीदने वाले भी जांच अधिकारी के निशाने पर हैं।
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शासकीय अधिवक्ता शिवमूर्ति द्विवेदी से मजिस्ट्रेट ने जालसाज मोहन लाल द्वारा फर्जी तरीके से भूमि के पट्टा से संबंधित सभी रिकार्ड मंगवाए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मोहनलाल का नाम निरस्त कर ग्रामसभा में दर्ज हुई भूमि
फतेहपुर जनपद के बसवां गांव निवासी मोहनलाल सिराथू तहसील के कोर्रों, केसारी, डोरमा व कनवार में स्थित लगभग 15 बीघे भूमि को अपने पिता, माता व खुद के नाम कर दर्ज करा लिया था। छानबीन के बाद मामला प्रकाश में आया तो अफसरों ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। सिराथू एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर डीएम सुजीत कुमार ने ग्रामसभा कोर्रों स्थित सड़क के किनारे गाटा संख्या 109 से मोहनलाल का नाम निरस्त कर ग्रामसभा में दर्ज करा दिया है।