{"_id":"66009111a72fee8f63042337","slug":"foreigners-came-in-groups-wandered-for-hours-waiting-for-buses-kaushambi-news-c-261-1-sald1003-109917-2024-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: जत्थे में आए परदेसी, बसों के इंतजार में घंटों भटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: जत्थे में आए परदेसी, बसों के इंतजार में घंटों भटके
Mon, 25 Mar 2024 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 25 Mar 2024 02:16 AM IST
विज्ञापन
होली पर रोडवेज बसों की कमी लोगों को खली। परदेस से कमाकर लौटे लोग बसों के इंतजार में घंटों भटके। डग्गामार वाहनों के सहारे किसी तरह लोग घर पहुंचे। इक्का-दुक्का बसें आईं तो भीड़ परेशानी का कारण बनी। बैठने के लिए मारामारी मची रही।
लीडर रोड डिपो का दावा था कि रंग पर्व पर यात्रियों की सहूलियत के लिए चालकों-परिचालकों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। जिले के रास्ते से संचालित सभी 84 बसें पहले की तरह चलेंगीं। यह व्यवस्था रविवार को धड़ाम नजर आई।
मंझनपुर चौराहे पर रोडवेज से उतरे पश्चिमशरीरा के राकेश, संजय व मंजेश ने बताया कि पर्व के लिए वह बाहर से तमाम तरह की खरीदारी करके आए थे। बस नहीं होने व समान ज्यादा होने के कारण उन्हें सीएनजी (ऑटो) बुक करके जाना पड़ा।
विज्ञापन
जो किराया पहले 25 रुपये लगता था व मजबूरी में प्रति व्यक्ति सौ रुपये देना पड़ा। धाता रोड पर ई-रिक्शा चालकों ने भी मनमाना किराया वसूल किया। परदेस से आए लोगों को देखकर चालकों ने 30 रुपये की तरह 70 से 80 रुपये तक किराया वसूला।
बसों के संचालन में किसी तरह का अवरोध नहीं किया गया। यह बात सही है कि मुसाफिर आम दिनों की अपेक्षा करीब 20 फीसदी ज्यादा निकले। इसकी वजह से कुछ दिक्कत हुई होगी। अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की गई है। मुसाफिर ज्यादा निकलते हैं तो अतिरिक्त बसों का भी संचालन होगा।-आरएस वर्मा, एआरएम लीडर रोड
विज्ञापन
लीडर रोड डिपो का दावा था कि रंग पर्व पर यात्रियों की सहूलियत के लिए चालकों-परिचालकों की छुट्टी निरस्त कर दी गई है। जिले के रास्ते से संचालित सभी 84 बसें पहले की तरह चलेंगीं। यह व्यवस्था रविवार को धड़ाम नजर आई।
विज्ञापन
मंझनपुर चौराहे पर रोडवेज से उतरे पश्चिमशरीरा के राकेश, संजय व मंजेश ने बताया कि पर्व के लिए वह बाहर से तमाम तरह की खरीदारी करके आए थे। बस नहीं होने व समान ज्यादा होने के कारण उन्हें सीएनजी (ऑटो) बुक करके जाना पड़ा।
विज्ञापन
जो किराया पहले 25 रुपये लगता था व मजबूरी में प्रति व्यक्ति सौ रुपये देना पड़ा। धाता रोड पर ई-रिक्शा चालकों ने भी मनमाना किराया वसूल किया। परदेस से आए लोगों को देखकर चालकों ने 30 रुपये की तरह 70 से 80 रुपये तक किराया वसूला।
बसों के संचालन में किसी तरह का अवरोध नहीं किया गया। यह बात सही है कि मुसाफिर आम दिनों की अपेक्षा करीब 20 फीसदी ज्यादा निकले। इसकी वजह से कुछ दिक्कत हुई होगी। अतिरिक्त बसों की भी व्यवस्था की गई है। मुसाफिर ज्यादा निकलते हैं तो अतिरिक्त बसों का भी संचालन होगा।-आरएस वर्मा, एआरएम लीडर रोड