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Kaushambi News: नाबालिग से छेड़खानी के दोषी पांच साल की सजा, 15 हजार जुर्माना
Thu, 11 Jul 2024 06:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 11 Jul 2024 06:09 PM IST
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नाबालिग से छेड़खानी के दोषी पांच साल की सजा, 15 हजार जुर्माना
-- कोखराज कोतवाली इलाके में 14 मई 2021 को हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अशोक श्रीवास्तव की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग से छेड़खानी के आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोखराज इलाके के एक व्यक्ति ने बताया कि 14 मई 2021 को उसकी 10 वर्षीय नाबालिग बेटी बाग में आम बीनने गई थी। इसी दौरान हर्रायपुर निवासी महेश्वरी प्रसाद ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। चीख-पुकार सुन आसपास रहे लोगों को जुटता देख आरोपी धमकी देते हुए भाग निकला। पीड़ित पिता की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अशोक श्रीवास्तव की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने वादी और पीड़िता समेत सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। दोनों पक्षों के बयान सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अशोक श्रीवास्तव की अदालत ने बृहस्पतिवार को नाबालिग से छेड़खानी के आरोपी को पांच साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
कोखराज इलाके के एक व्यक्ति ने बताया कि 14 मई 2021 को उसकी 10 वर्षीय नाबालिग बेटी बाग में आम बीनने गई थी। इसी दौरान हर्रायपुर निवासी महेश्वरी प्रसाद ने उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। चीख-पुकार सुन आसपास रहे लोगों को जुटता देख आरोपी धमकी देते हुए भाग निकला। पीड़ित पिता की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो अशोक श्रीवास्तव की अदालत में चला। शासकीय अधिवक्ता शशांक खरे ने वादी और पीड़िता समेत सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर गवाही कराई। दोनों पक्षों के बयान सुनने और पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद बृहस्पतिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।
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