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Kaushambi : पूर्व विधायक संजय गुप्ता, पूर्व चेयरमैन समेत सात पर एफआईआर दर्ज, सीएम योगी के आदेश पर हुई कार्रवाई

Tue, 18 Nov 2025 05:31 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांंबी Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 18 Nov 2025 05:31 PM IST
सार

चायल के पूर्व भाजपा विधायक संजय गुप्ता और भरवारी के पूर्व चेयरमैन कैलाशचंद्र केसरवानी समेत सात लोगों के खिलाफ मकान पर कब्जा करने, साजिश रचने और धमकी देने का केस दर्ज किया गया है।

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FIR registered against seven people including former MLA Sanjay Gupta and former chairman
संजय गुप्ता, पूर्व विधायक चायल। - फोटो : संवाद।

विस्तार

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कोखराज थाना क्षेत्र की एक महिला की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर चायल से भाजपा के पूर्व विधायक संजय गुप्ता और दो पूर्व चेयरमैन सहित सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि फर्जी कागजात के आधार पर आरोपियों ने महिला के मकान पर कब्जा करवाया। कौशाम्बी की राजदुलारी केशरवानी मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंची थीं।

बताया कि उनके पति उमाशंकर केशरवानी ने 1970 में जमीन खरीदी और उस पर तीन मंजिला भवन बनवाया। पति की वर्ष 2004 में मृत्यु हो गई, जिसके बाद आरोपियों ने संपत्ति हड़पने की साजिश रची। राजनीतिक हैसियत का दुरुपयोग करते हुए कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए, जिसमें पति की मृत्यु 30 वर्ष पूर्व दिखाई। फिर सरकारी अभिलेखों में हेरफेर कर भवन का अवैध नामांतरण अपने सहयोगियों के नाम कर दिया।

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महिला ने बताया कि वर्षों तक स्थानीय स्तर पर उसकी शिकायत को नजरअंदाज किया गया। पुलिस ने प्राथमिकी तक दर्ज नहीं की। आरटीआई के माध्यम से सत्यापन भी नहीं होने दिया गया। पूरा मामला राजनीतिक दबाव में दबा रहा। राज्य सूचना आयोग की ओर से दो बार जुर्माना लगाए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। महिला को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

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पुलिस ने सोमवार देर रात पूर्व विधायक संजय गुप्ता, भरवारी के पूर्व चेयरमैन कैलाश चंद्र केसरवानी (सपा प्रदेश सचिव) उनकी पत्नी पूर्व चेयरमैन सुनीता केसरवानी (पूर्व चेयरमैन भरवारी), दिलीप, अजय, विजय और संजय निवासी मुंबई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। 
सोमवार को मुख्यमंत्री जनता दरबार से राजदुलारी नाम की महिला का शिकायती पत्र उनके पास आया था, जिसमें आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश किया गया था। उसी के आधार पर पूर्व विधायक, पूर्व चेयरमैन समेत सात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच की जा रही है। - राजेश कुमार, एसपी कौशाम्बी

विधायक ने आरोपों को बताया निराधार

भरवारी थाने में केस दर्ज होने के बाद विधायक ने स्पष्ट किया कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। मैं इस महिला को जानता तक नहीं हूं। वह आज तक मुझसे मिली भी नहीं है।मेरा इसमें दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। कहा कि यह भाई-भाई विवाद है। उनका आपस में विवाद चल रहा है। मेरा इससे कोई लेना देना नहीं है। एफआईआर में सिर्फ नाम भर लिखा है, कोई आरोप नहीं लगाया गया है। यह वर्ष 2004 का मामला है उस समय मैं चेयरमैन भी नहीं था। राजनीतिक विरोधियों ने मेरी बढ़ती लोकप्रियता से घबरा कर यह एफआईआर कराई है। वह इनके खिलाफ मानहानि का दावा करेंगे और मुकदमा भी दर्ज कराएंगे।

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