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तेज हवाओं ने उड़ाई बिजली, पानी पर संकट
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 21 Aug 2016 12:51 AM IST
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बृहस्पतिवार रात चली तेज हवाओं ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था ठप कर दी। जिसका नतीजा रहा कि शनिवार को भी तार जोड़ने और खंभा खड़ा करने के लिए दिनभर कटौती करनी पड़ी। जिसकी वजह से लोग दिनभर बिजली का इंतजार करते रहे। अफसरों का कहना है कि अभी कई जगह फॉल्ट ठीक किया जाना है। ऐसे में कई दिन कटौती का सामना लोगों को करना पड़ सकता है।
बृहस्पतिवार रात तेज बारिश के साथ ही आंधी चली थी। जिसका नतीजा था कि कई जगहों पर पेड़ की डाल टूट कर तार पर गिर गई। कई जगह खंभे भी उखड़ गए। मंझनपुर मुख्यालय और महेवाघाट इलाके में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। शुक्रवार को फॉल्ट ठीक किए जाने के बाद भी आपूर्ति पूरी तरह से शुरू नहीं हो सकी। जिसकी वजह से शनिवार को भी दिनभर लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
दिन भर बिजली कटौती की वजह से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। महेवाघाट इलाके में शाहपुर उपकेंद्र में फॉल्ट की वजह से पिछले 24 घंटे से वहां बिजली की आपूर्ति बाधित है। हाल ये है कि वहां के लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूर दराज के क्षेत्र में जाना पड़ा। बिजली न होने से पानी पर भी संकट रहा।
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कनैली गांव की बत्ती 15 दिन से गुल
गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र के कनैली गांव की बत्ती पखवारे भर से गुल है। बिल की अदायगी न होने को लेकर फुंका ट्रांसफार्मर जिम्मेदार नहीं बदल रहे। इसके चलते बिल की अदायगी करने वाले उपभोक्ताओं को भी अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। उधर बकाएदार हैं कि वह विभाग की रकम पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं।
तीन हजार से अधिक आबादी वाले कनैली गांव को बिजली मुहैया कराने के लिए विभाग ने 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा रखा है। पखवारे भर पहले गांव में लगा ट्रांसफार्मर अचानक फुंक गया। बिजली आपूर्ति ठप होने पर ट्रांसफार्मर फुंकने की जानकारी ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जेई सौरभ मौर्या को दी। लेकिन जेई ने ट्रांसफार्मर बदलवाने से साफ इनकार कर दिया। जेई की माने तो गांव के उपभोक्ताओं पर विभाग की दस लाख से अधिक की धनराशि बकाया है। जब तक इसका भुगतान नहीं किया जाएगा ट्रांसफार्मर बदले जाने पर रोक है। उधर पखवारे भर से बिजली न मिलने के कारण ग्रामीण उपभोक्ताओं को परेशानी है। बकाएदारों के चक्कर में बिल की अदायगी करने वाले उपभोक्ता भी पिस रहे हैं।
कई घरों में पेयजल का संकट
स्थानीय उपभोक्ताओं ने अपने-अपने घरों के सामने पेयजल के लिए मिनी सबमर्सिबल पंप लगा रखा है। इन पंपों के सहारे पास पड़ोस के लोगों को भी पेयजल मुहैया होता है। लेकिन पखवारे भर से ठप बिजली आपूर्ति के चलते ग्रामीणों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। मजबूरी में ग्रामीण उपभोक्ताओं को घरों से दूर लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों से लाइन लगाकर पेयजल जुटाना पड़ रहा है।
शाम होते ही ढिबरी युग में चला जाता है गांव
गोपसहसा पावर हाउस का कनैली गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। घरों में मिट्टी के तेल से जल रही ढिबरी और लालटेन लोगों को कई सदी पीछे की याद दिलाने लगती है। बिजली के अभाव में लोगों के घरों में लगे इनवर्टर, विद्युत लैंप भी चार्ज नहीं हो पाते। मिट्टी का तेल भी पर्याप्त न मिलने से कई घरों में पूरी तरह से अंधेरा छाया रहता है। इन घरों के लोग शाम होने से पहले ही भोजन करके बिस्तर पकड़ लेते हैं।
कनैली गांव के उपभोक्ताओं पर बिजली विभाग का 15 लाख बकाया है। कई बार चेतावनी दी गई पर लोग धनराशि पर कुंडली मारकर बैठे हैं। चेतावनी का असर न पड़ता देख भुगतान जमा कराने के लिए एसडीओ के निर्देश पर ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा। भुगतान होते ही ट्रांसफार्मर बदलवा दिया जाएगा।
सौरभ मौर्य, जेई, गोपसहसा उपकेंद्र
दो दिन से गुल है चायल तहसील की बत्ती
बृहस्पतिवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के चलते चायल तहसील को कई लाइन ध्वस्त हो गई। पोल टूटने के चलते तहसील परिसर की बिजली आपूर्ति दो दिन से ठप है। मामले की शिकायत तहसीलदार चायल ने जेई मनौरी से करते हुए ठीक कराने का निर्देश दिया था। मगर दो दिन का समय बीत जाने के बाद भी तहसील परिसर की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसे लेकर तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी है।
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बृहस्पतिवार रात तेज बारिश के साथ ही आंधी चली थी। जिसका नतीजा था कि कई जगहों पर पेड़ की डाल टूट कर तार पर गिर गई। कई जगह खंभे भी उखड़ गए। मंझनपुर मुख्यालय और महेवाघाट इलाके में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। शुक्रवार को फॉल्ट ठीक किए जाने के बाद भी आपूर्ति पूरी तरह से शुरू नहीं हो सकी। जिसकी वजह से शनिवार को भी दिनभर लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा।
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दिन भर बिजली कटौती की वजह से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। महेवाघाट इलाके में शाहपुर उपकेंद्र में फॉल्ट की वजह से पिछले 24 घंटे से वहां बिजली की आपूर्ति बाधित है। हाल ये है कि वहां के लोगों को मोबाइल चार्ज करने के लिए दूर दराज के क्षेत्र में जाना पड़ा। बिजली न होने से पानी पर भी संकट रहा।
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कनैली गांव की बत्ती 15 दिन से गुल
गोपसहसा विद्युत उपकेंद्र के कनैली गांव की बत्ती पखवारे भर से गुल है। बिल की अदायगी न होने को लेकर फुंका ट्रांसफार्मर जिम्मेदार नहीं बदल रहे। इसके चलते बिल की अदायगी करने वाले उपभोक्ताओं को भी अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। उधर बकाएदार हैं कि वह विभाग की रकम पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं।
तीन हजार से अधिक आबादी वाले कनैली गांव को बिजली मुहैया कराने के लिए विभाग ने 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा रखा है। पखवारे भर पहले गांव में लगा ट्रांसफार्मर अचानक फुंक गया। बिजली आपूर्ति ठप होने पर ट्रांसफार्मर फुंकने की जानकारी ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जेई सौरभ मौर्या को दी। लेकिन जेई ने ट्रांसफार्मर बदलवाने से साफ इनकार कर दिया। जेई की माने तो गांव के उपभोक्ताओं पर विभाग की दस लाख से अधिक की धनराशि बकाया है। जब तक इसका भुगतान नहीं किया जाएगा ट्रांसफार्मर बदले जाने पर रोक है। उधर पखवारे भर से बिजली न मिलने के कारण ग्रामीण उपभोक्ताओं को परेशानी है। बकाएदारों के चक्कर में बिल की अदायगी करने वाले उपभोक्ता भी पिस रहे हैं।
कई घरों में पेयजल का संकट
स्थानीय उपभोक्ताओं ने अपने-अपने घरों के सामने पेयजल के लिए मिनी सबमर्सिबल पंप लगा रखा है। इन पंपों के सहारे पास पड़ोस के लोगों को भी पेयजल मुहैया होता है। लेकिन पखवारे भर से ठप बिजली आपूर्ति के चलते ग्रामीणों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। मजबूरी में ग्रामीण उपभोक्ताओं को घरों से दूर लगे इंडिया मार्का हैंडपंपों से लाइन लगाकर पेयजल जुटाना पड़ रहा है।
शाम होते ही ढिबरी युग में चला जाता है गांव
गोपसहसा पावर हाउस का कनैली गांव शाम होते ही अंधेरे में डूब जाता है। घरों में मिट्टी के तेल से जल रही ढिबरी और लालटेन लोगों को कई सदी पीछे की याद दिलाने लगती है। बिजली के अभाव में लोगों के घरों में लगे इनवर्टर, विद्युत लैंप भी चार्ज नहीं हो पाते। मिट्टी का तेल भी पर्याप्त न मिलने से कई घरों में पूरी तरह से अंधेरा छाया रहता है। इन घरों के लोग शाम होने से पहले ही भोजन करके बिस्तर पकड़ लेते हैं।
कनैली गांव के उपभोक्ताओं पर बिजली विभाग का 15 लाख बकाया है। कई बार चेतावनी दी गई पर लोग धनराशि पर कुंडली मारकर बैठे हैं। चेतावनी का असर न पड़ता देख भुगतान जमा कराने के लिए एसडीओ के निर्देश पर ट्रांसफार्मर नहीं बदला जा रहा। भुगतान होते ही ट्रांसफार्मर बदलवा दिया जाएगा।
सौरभ मौर्य, जेई, गोपसहसा उपकेंद्र
दो दिन से गुल है चायल तहसील की बत्ती
बृहस्पतिवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के चलते चायल तहसील को कई लाइन ध्वस्त हो गई। पोल टूटने के चलते तहसील परिसर की बिजली आपूर्ति दो दिन से ठप है। मामले की शिकायत तहसीलदार चायल ने जेई मनौरी से करते हुए ठीक कराने का निर्देश दिया था। मगर दो दिन का समय बीत जाने के बाद भी तहसील परिसर की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इसे लेकर तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी है।