{"_id":"69124a6581e193090f0f5cae","slug":"efforts-to-save-the-suspended-accountant-of-compensation-scam-kaushambi-news-c-261-1-kmb1004-132280-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: मुआवजा घोटाले के निलंबित लेखपाल को बचाने की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: मुआवजा घोटाले के निलंबित लेखपाल को बचाने की कवायद
Tue, 11 Nov 2025 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 11 Nov 2025 01:56 AM IST
विज्ञापन
फोरलेन सड़क में प्रभावित भूमि की नाप-जोख करते राजस्व कर्मी। संवाद
प्रयागराज से कौशाम्बी तक बन रही फोरलेन सड़क के मुआवजे में करोड़ों रुपये के घोटाले के मास्टरमाइंड बताए जा रहे कोसम इनाम के तत्कालीन निलंबित हल्का लेखपाल को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि तत्कालीन डीएम मधुसूदन हुल्गी के तबादले के बाद मामले की जांच की दिशा बदलने लगी है।
पीड़ित किसानों व शिकायतकर्ताओं एडवोकेट इंद्रेश कुमार, अयोध्या प्रसाद तिवारी, जयसिंह, पितंबर लाल और अमृत लाल का आरोप है कि तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार ने फोरलेन परियोजना के मुआवजे में गड़बड़ी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
शिकायत पर तत्कालीन डीएम मधुसूदन हुल्गी ने 10 जून को राजस्व और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि होने पर छह सितंबर को लेखपाल कमलेश कुमार को निलंबित कर दिया गया था, जबकि दो अन्य राजस्व कर्मियों को मंझनपुर मुख्यालय से संबद्ध किया गया।
विज्ञापन
डीएम के तबादले के बाद नई जांच टीम गठित की गई। नायब तहसीलदार कपिल मिश्रा, राजस्व निरीक्षक करारी तथा अन्य लेखपालों ने सोमवार को फिर से नाप-जोख की कार्रवाई की। आरोप है कि जब निलंबित लेखपाल भी मौके पर पहुंचा तो इसका काश्तकारों ने विरोध किया, जिसके बाद वह भाग निकला।
गठित टीम की ओर से नापजोख कराई गई है। जांच के बाद जो सत्य होगा उसी के आधार पर अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी। निलंबित लेखपाल कमलेश कुमार जांच टीम में शामिल नहीं है। काश्तकारों ने विरोध किया तो उसे मौके से भगा दिया गया है।- कपिल मिश्रा, नायब तहसीलदार, मंझनपुर
विज्ञापन
पीड़ित किसानों व शिकायतकर्ताओं एडवोकेट इंद्रेश कुमार, अयोध्या प्रसाद तिवारी, जयसिंह, पितंबर लाल और अमृत लाल का आरोप है कि तत्कालीन लेखपाल कमलेश कुमार ने फोरलेन परियोजना के मुआवजे में गड़बड़ी कर सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
विज्ञापन
शिकायत पर तत्कालीन डीएम मधुसूदन हुल्गी ने 10 जून को राजस्व और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि होने पर छह सितंबर को लेखपाल कमलेश कुमार को निलंबित कर दिया गया था, जबकि दो अन्य राजस्व कर्मियों को मंझनपुर मुख्यालय से संबद्ध किया गया।
विज्ञापन
डीएम के तबादले के बाद नई जांच टीम गठित की गई। नायब तहसीलदार कपिल मिश्रा, राजस्व निरीक्षक करारी तथा अन्य लेखपालों ने सोमवार को फिर से नाप-जोख की कार्रवाई की। आरोप है कि जब निलंबित लेखपाल भी मौके पर पहुंचा तो इसका काश्तकारों ने विरोध किया, जिसके बाद वह भाग निकला।
गठित टीम की ओर से नापजोख कराई गई है। जांच के बाद जो सत्य होगा उसी के आधार पर अधिकारियों को रिपोर्ट दी जाएगी। निलंबित लेखपाल कमलेश कुमार जांच टीम में शामिल नहीं है। काश्तकारों ने विरोध किया तो उसे मौके से भगा दिया गया है।- कपिल मिश्रा, नायब तहसीलदार, मंझनपुर