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चायल विधायक से डीपीएम ने की बदसलूकी, केस दर्ज
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चायल विधायक से डीपीएम ने की बदसलूकी, केस दर्ज
गलत बयानबाजी के बारे में पूछने पर अमर्यादित शब्दों का किया इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सिहोरी टोल प्लॉजा के डीपीएम (डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर) ने भाजपा विधायक संजय गुप्ता से शनिवार को बदसलूकी की। आरोप है कि गलत बयानबाजी करने के बारे में पूछने पर डीपीएम ने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। विधायक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
चायल विधायक ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 18 जनवरी को काशी में आयोजित जनसभा के लिए जिले भर से कार्यकर्ताओं को जाना था। सुबह दस बजे स्टॉफ कार से वह सिहोरी टोल प्लॉजा से गुजरे तो जाम लगा था। कर्मियों को इशारा किया तो टोल का गेट खोल दिया गया। इसके बाद मैं चला गया। इस दौरान किसी से कोई बहस नहीं हुई। अखबार में टोल प्लॉजा के डीपीएम डीपी चतुर्वेदी ने बयान दिया कि विधायक जबरन 30 गाड़ियां निकाल ले गए। विधायक ने आरोप लगाया कि डीपीएम खुद ओवरलोड वाहनों को आधी रात के बाद बिना टोल लिए पास कराते हैं। इसकी शिकायत पखवाड़े भर पहले एसपी कौशाम्बी को दी गई थी। सूचना पर एसपी ने 30 ओवरलोड वाहनों को पकड़कर एआरटीओ से चालान कराया था। इसी खुन्नस में डीपीएम ने झूठे आरोप लगाकर छवि खराब करने की कोशिश की। पूछने पर धमकी भरे शब्दों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। विधायक की तहरीर पर पुलिस ने धमकी देने, बदसलूकी आदि धाराओं में केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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गलत बयानबाजी के बारे में पूछने पर अमर्यादित शब्दों का किया इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। सिहोरी टोल प्लॉजा के डीपीएम (डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर) ने भाजपा विधायक संजय गुप्ता से शनिवार को बदसलूकी की। आरोप है कि गलत बयानबाजी करने के बारे में पूछने पर डीपीएम ने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। विधायक की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
चायल विधायक ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 18 जनवरी को काशी में आयोजित जनसभा के लिए जिले भर से कार्यकर्ताओं को जाना था। सुबह दस बजे स्टॉफ कार से वह सिहोरी टोल प्लॉजा से गुजरे तो जाम लगा था। कर्मियों को इशारा किया तो टोल का गेट खोल दिया गया। इसके बाद मैं चला गया। इस दौरान किसी से कोई बहस नहीं हुई। अखबार में टोल प्लॉजा के डीपीएम डीपी चतुर्वेदी ने बयान दिया कि विधायक जबरन 30 गाड़ियां निकाल ले गए। विधायक ने आरोप लगाया कि डीपीएम खुद ओवरलोड वाहनों को आधी रात के बाद बिना टोल लिए पास कराते हैं। इसकी शिकायत पखवाड़े भर पहले एसपी कौशाम्बी को दी गई थी। सूचना पर एसपी ने 30 ओवरलोड वाहनों को पकड़कर एआरटीओ से चालान कराया था। इसी खुन्नस में डीपीएम ने झूठे आरोप लगाकर छवि खराब करने की कोशिश की। पूछने पर धमकी भरे शब्दों के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया। विधायक की तहरीर पर पुलिस ने धमकी देने, बदसलूकी आदि धाराओं में केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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