फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   Dog bites brought 532 people to hospital, and 1,612 received anti-rabies injections in April.

Kaushambi News: कुत्तों के काटने से अस्पताल पहुंचे 532 लोग, अप्रैल में 1612 लोगों को लगे एंटी रेबीज इंजेक्शन

Thu, 14 May 2026 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Thu, 14 May 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
Dog bites brought 532 people to hospital, and 1,612 received anti-rabies injections in April.
जिले में आवारा कुत्तों और बंदरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। अप्रैल में जिला अस्पताल में 1612 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए। इनमें कुत्ता काटने के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने लगवाने पहुंचे 460 नए मरीज शामिल हैं। जबकि अन्य मरीजों ने अपनी निर्धारित डोज पूरी कराई।
विज्ञापन


जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल में कुत्तों के काटने के 460 मरीज अस्पताल पहुंचे, जबकि बंदरों के काटने के 52 और बिल्ली के काटने के 19 मरीजों ने भी एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई। चिकित्सकों का कहना है कि आबादी वाले क्षेत्रों में आवारा कुत्तों और बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा बना हुआ है।
विज्ञापन


शहर और गांवों में आवारा कुत्ते राहगीरों पर हमला कर रहे हैं। कई बार बाइक सवारों का पीछा करते हुए उन्हें गिरा देते हैं। वहीं बंदरों का झुंड भी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। खेतों में फसल कम होने की वजह से बंदर अब आबादी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। वे घरों से सामान छीन लेते हैं और भगाने पर हमला कर देते हैं। कई लोग इनके काटने और पंजों से घायल हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


22 वर्षीय राखी निवासी मवई केवट ने बताया कि मंगलवार शाम वह छत से कपड़े उठाने गई थी। छत पर बंदरों का झुंड बैठा था। उन्हें भगाने पर बंदरों ने हमला कर दिया और पंजे से घायल कर दिया।
35 वर्षीय सुशील कुमार निवासी घटई ने बताया कि रात में चौपाल से लौटते समय गली में कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। इसी तरह 28 वर्षीय विनोद कुमार निवासी हरदासपुर ने बताया कि पैदल जाते समय पीछे से आए कुत्ते ने पैर पर काट लिया। वहीं नौ वर्षीय प्रियंका को खेलते समय कुत्ते ने काट लिया, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे।
बचाव के लिए वैक्सीन की लगती हैं चार डोज

रेबीज से बचाव के लिए वैक्सीन चार डोज में लगाई जाती है। पहली डोज जानवर के काटते ही, दूसरी तीसरे दिन, तीसरी सातवें दिन और अंतिम डोज 28वें दिन दी जाती है। समय पर पूरा कोर्स कराना बेहद जरूरी है, क्योंकि लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।-डॉ. राकेश शुक्ला, जिला अस्पताल


आवारा कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम बनाए जाने के संबंध में शासन को पत्र भेज दिया गया है। मंझनपुर स्थित आरआरसी सेंटर में 7 से 8 कुत्तों को रखकर उनका बंध्याकरण कराने का कार्य पिछले वर्ष से ही चल रहा है। वहीं बंदरों की समस्या को लेकर नगर पालिका और डीएफओ को जिम्मेदारी दी गई है कि उन्हें पकड़कर आबादी क्षेत्र से दूर छोड़ा जाए, ताकी लोगों को राहत मिल सके।-- -- शालिनी प्रभाकर ,एडीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed