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Kaushambi News: बैशकांटी पीएचसी में नहीं आते डॉक्टर, मरीज परेशान
Mon, 22 Sep 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 22 Sep 2025 01:52 AM IST
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शिवकुमार।
- फोटो : गढ़ी गांव में खलिहान की भूमि से जेसीबी के माध्यम से हटाया जा रहा अतिक्रमण।
बैशकांटी गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) डॉक्टर की अनुपस्थिति से जूझ रहा है। यहां रोजाना 30 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन डॉक्टर के जेल ड्यूटी पर जाने से मरीजों को केवल फार्मासिस्ट के सहारे ही प्राथमिक उपचार मिल पा रहा है। गंभीर स्थिति में रोगियों को 30 से 35 किलोमीटर दूर मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता है।
पीएचसी बैशकांटी में आषाढ़ा, सोनौली, पारा-हसनपुर, फताहीपुर और छिमिरछा सहित करीब 20 गांवों के मरीज इलाज कराने आते हैं। यहां तैनात डॉ. सुधीर कुमार यादव की एक सितंबर से एक महीने के लिए जिला जेल में ड्यूटी लगा दी गई है। इस कारण मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह के मजबूरन फार्मासिस्ट अर्जुन प्रसाद से उपचार कराते हैं।
अस्पताल में इस समय दो लैब अस्टिटेंट (एलए) और एक वार्ड-बॉय की तैनाती है, जबकि एलटी और स्वीपर के पद खाली हैं। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जंगली झाड़ियां उगी हैं। देखरेख के अभाव में कर्मचारियों के लिए बने आवास भी जर्जर हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि तत्काल अस्पताल परिसर में साफ-सफाई के साथ ही नियमित डॉक्टर की तैनाती की जाए, ताकि ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज न जाना पड़े।
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बोले मरीज
कई दिनों से बुखार आ रहा है। कई जगहों पर इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। घर वालों की सलाह पर रविवार को पीएचसी इलाज कराने आया तो डॉक्टर नहीं मिले। इसलिए मजबूरी में नजदीकी निजी अस्पताल जाना पड़ा। - शिवकुमार, फताहीपुर
करीब एक सप्ताह से बच्चे को पेट में परेशानी है। दवा कराने सरकारी अस्पताल आया था। यहां देखा की डॉक्टर नहीं मिलें, उनकी जगह फार्मासिस्ट इलाज कर रहे थे। जानकारी ली गई तो कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी जेल में लगी है। इसलिए वहां से वापस लौट आए। सोमवार को बच्चे को लेकर मेडिकल कॉलेज जाएंगे। - संतोष, सदुल्लापुर
- बैशकांटी पीएचसी में मरीजों की सुविधा प्राथमिकता है। डॉक्टर की अस्थायी ड्यूटी के बीच फार्मासिस्ट दे रहे हैं। इस दौरान अगर कोई गंभीर मरीज आता है तो उसे नजदीकी सीएचसी केंद्र भेजा जाता है। - डॉ. संजय कुमार, सीएमओ
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पीएचसी बैशकांटी में आषाढ़ा, सोनौली, पारा-हसनपुर, फताहीपुर और छिमिरछा सहित करीब 20 गांवों के मरीज इलाज कराने आते हैं। यहां तैनात डॉ. सुधीर कुमार यादव की एक सितंबर से एक महीने के लिए जिला जेल में ड्यूटी लगा दी गई है। इस कारण मरीज बिना चिकित्सकीय सलाह के मजबूरन फार्मासिस्ट अर्जुन प्रसाद से उपचार कराते हैं।
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अस्पताल में इस समय दो लैब अस्टिटेंट (एलए) और एक वार्ड-बॉय की तैनाती है, जबकि एलटी और स्वीपर के पद खाली हैं। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जंगली झाड़ियां उगी हैं। देखरेख के अभाव में कर्मचारियों के लिए बने आवास भी जर्जर हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की कि तत्काल अस्पताल परिसर में साफ-सफाई के साथ ही नियमित डॉक्टर की तैनाती की जाए, ताकि ग्रामीणों को इलाज के लिए दूर-दराज न जाना पड़े।
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बोले मरीज
कई दिनों से बुखार आ रहा है। कई जगहों पर इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। घर वालों की सलाह पर रविवार को पीएचसी इलाज कराने आया तो डॉक्टर नहीं मिले। इसलिए मजबूरी में नजदीकी निजी अस्पताल जाना पड़ा। - शिवकुमार, फताहीपुर
करीब एक सप्ताह से बच्चे को पेट में परेशानी है। दवा कराने सरकारी अस्पताल आया था। यहां देखा की डॉक्टर नहीं मिलें, उनकी जगह फार्मासिस्ट इलाज कर रहे थे। जानकारी ली गई तो कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर की ड्यूटी जेल में लगी है। इसलिए वहां से वापस लौट आए। सोमवार को बच्चे को लेकर मेडिकल कॉलेज जाएंगे। - संतोष, सदुल्लापुर
- बैशकांटी पीएचसी में मरीजों की सुविधा प्राथमिकता है। डॉक्टर की अस्थायी ड्यूटी के बीच फार्मासिस्ट दे रहे हैं। इस दौरान अगर कोई गंभीर मरीज आता है तो उसे नजदीकी सीएचसी केंद्र भेजा जाता है। - डॉ. संजय कुमार, सीएमओ

शिवकुमार।- फोटो : गढ़ी गांव में खलिहान की भूमि से जेसीबी के माध्यम से हटाया जा रहा अतिक्रमण।