{"_id":"5977a4d74f1c1bac038b4758","slug":"dm-order-in-kaushambi","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को बाहर से दवा लिखने वाले चिकित्सकों की खैर नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को बाहर से दवा लिखने वाले चिकित्सकों की खैर नहीं
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:40 AM IST
विज्ञापन
कौशाम्बी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम मनीष कुमार वर्मा ने आधा दर्जन अफसरों की टीम के साथ संयुक्त जिला चिकित्सालय का मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से बाहर से मंगवाई गई चार दवाओं के पर्चे पकड़े। नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने हिदायत दी कि बाहर से दवाएं मंगवाने का पर्चा लिखने वाले चिकित्सक की खैर नहीं है। सीएमएस को निर्देशित किया कि अस्पताल में न होने वाली दवाओं को वह स्वयं खरीदकर मरीजों को उपलब्ध कराएं। डीएम के निरीक्षण से अस्पताल परिसर में हड़कंप रहा।
संयुक्त जिला चिकित्सालय से संचालित हो रहे एंबुलेंस के कारोबार की शिकायत किसी ने मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह से की। बताया कि जिस एम्बुलेंस को उन्होंने पखवारे भर पहले अस्पताल परिसर से ले जाकर सदर कोतवाली में सीज कराया था वह फिर परिसर में खड़ी हैं। महत्वपूर्ण सूचना पर सीडीओ फौरन मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस को खड़ी पाया। इस पर उन्होंने सीएमएस डॉ. दीपक सेठ को परिसर में तलब करते हुए डीएम को जानकारी दी। डीएम मनीष कुमार वर्मा के अस्पताल पहुंचने से जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अस्पताल पहुंचे। डीएम ने पहुंचते ही अस्पताल परिसर के बाहर खड़े दो मरीजों के हाथ में पर्चा देखा तो उसमें मेडिकल स्टोर से लाने के लिए दवाएं लिखी थी।
इसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे तो भैला मकदूमपुर व गुरौली गांव की महिला डायरिया से पीड़ित होकर भर्ती थी। चिकित्सकों ने भैला के मरीज से बाहर से दवाएं मंगवा रखी थी। देखकर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए मरीज का पैसा वापस करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने महिला विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, पैथालाजी, स्टोर का निरीक्षण किया। स्टोर में कैल्सियम की गोली चार दिन से खत्म होने की बात पता चलने पर फौरन मंगाने का निर्देश दिया। अफसरों की टीम के साथ डीएम के निरीक्षण से अस्पताल परिसर में हड़कंप रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
संयुक्त जिला चिकित्सालय से संचालित हो रहे एंबुलेंस के कारोबार की शिकायत किसी ने मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार सिंह से की। बताया कि जिस एम्बुलेंस को उन्होंने पखवारे भर पहले अस्पताल परिसर से ले जाकर सदर कोतवाली में सीज कराया था वह फिर परिसर में खड़ी हैं। महत्वपूर्ण सूचना पर सीडीओ फौरन मौके पर पहुंचे और एम्बुलेंस को खड़ी पाया। इस पर उन्होंने सीएमएस डॉ. दीपक सेठ को परिसर में तलब करते हुए डीएम को जानकारी दी। डीएम मनीष कुमार वर्मा के अस्पताल पहुंचने से जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अस्पताल पहुंचे। डीएम ने पहुंचते ही अस्पताल परिसर के बाहर खड़े दो मरीजों के हाथ में पर्चा देखा तो उसमें मेडिकल स्टोर से लाने के लिए दवाएं लिखी थी।
विज्ञापन
इसके बाद वह इमरजेंसी वार्ड में पहुंचे तो भैला मकदूमपुर व गुरौली गांव की महिला डायरिया से पीड़ित होकर भर्ती थी। चिकित्सकों ने भैला के मरीज से बाहर से दवाएं मंगवा रखी थी। देखकर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए मरीज का पैसा वापस करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने महिला विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, पैथालाजी, स्टोर का निरीक्षण किया। स्टोर में कैल्सियम की गोली चार दिन से खत्म होने की बात पता चलने पर फौरन मंगाने का निर्देश दिया। अफसरों की टीम के साथ डीएम के निरीक्षण से अस्पताल परिसर में हड़कंप रहा।
विज्ञापन