{"_id":"67477361c9067ed54704dcba","slug":"district-village-industries-officer-of-kaushambi-suspended-for-negligence-in-government-work-kaushambi-news-c-261-1-kmb1003-119110-2024-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: सरकारी कार्यों में लापरवाही पर कौशाम्बी के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: सरकारी कार्यों में लापरवाही पर कौशाम्बी के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी निलंबित
Thu, 28 Nov 2024 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 28 Nov 2024 01:00 AM IST
विज्ञापन
सरकारी कार्यों में लापरवाही पर जिले के प्रभारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। इसे लेकर मुख्य विकास अधिकारी ने दो महीने के अंदर छह पत्र भेजे थे। इन्हीं को संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने यह कार्रवाई की है।
सांसद पुष्पेंद्र सरोज की अगुवाई में बीते 25 अक्तूबर को दिशा की बैठक हुई थी। इसमें प्रभारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी चंद्रशेखर वर्मा अनुपस्थित थे। अफसरों ने जब मोबाइल पर उनसे संपर्क करना चाहा तो वह भी बंद मिला था।
इसके बाद 12 नवंबर को डीएम की अध्यक्षता में हुई आकांक्षी ब्लॉक की बैठक में भी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी नहीं आए थे। यही नहीं विभागीय योजनाओं व अन्य कार्यों में भी रुचि न दिखाने समेत अन्य आरोप जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पर लगे हैं।
विज्ञापन
इसी तरह की कई लापरवाही को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामोद्योग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। जिन्हें संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने प्रभारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
यही नहीं निलंबित ग्रामोद्योग अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। इसके लिए खादी बोर्ड मुख्यालय, लखनऊ के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार दिवाकर को जांच सौंपी गई है। निलंबन की अवधि में चंद्रशेखर वर्मा को खादी बोर्ड मुख्यालय संबद्ध किया गया है।
विज्ञापन
सांसद पुष्पेंद्र सरोज की अगुवाई में बीते 25 अक्तूबर को दिशा की बैठक हुई थी। इसमें प्रभारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी चंद्रशेखर वर्मा अनुपस्थित थे। अफसरों ने जब मोबाइल पर उनसे संपर्क करना चाहा तो वह भी बंद मिला था।
विज्ञापन
इसके बाद 12 नवंबर को डीएम की अध्यक्षता में हुई आकांक्षी ब्लॉक की बैठक में भी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी नहीं आए थे। यही नहीं विभागीय योजनाओं व अन्य कार्यों में भी रुचि न दिखाने समेत अन्य आरोप जिला ग्रामोद्योग अधिकारी पर लगे हैं।
विज्ञापन
इसी तरह की कई लापरवाही को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामोद्योग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा था। जिन्हें संज्ञान लेकर उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने प्रभारी जिला ग्रामोद्योग अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
यही नहीं निलंबित ग्रामोद्योग अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी। इसके लिए खादी बोर्ड मुख्यालय, लखनऊ के उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनोज कुमार दिवाकर को जांच सौंपी गई है। निलंबन की अवधि में चंद्रशेखर वर्मा को खादी बोर्ड मुख्यालय संबद्ध किया गया है।