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Kaushambi News: जुलूस के मार्ग पर विवाद, प्रशासन की सख्ती से निकला समाधान
Sat, 06 Sep 2025 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Sat, 06 Sep 2025 01:13 AM IST
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क्षेत्र के गुवारा तैयबपुर गांव में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी का जुलूस निकालने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। मुस्लिम समुदाय के लोग जुलूस को परंपरागत रास्ते से हटाकर नए मार्ग से ले जाना चाहते थे, जबकि हिंदू समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया। सूचना मिलते ही एसडीएम सदर एसपी सिंह, सीओ शिवांक सिंह और कोतवाल सियाकांत चौरसिया भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
मुस्लिम पक्ष का कहना था कि पुराने मार्ग पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है जिसके कारण वहां से जुलूस निकालना कठिन हो गया है। इसलिए वे नरेश पासी के घर और पुरवा की ओर से जुलूस ले जाना चाहते थे।
दूसरी ओर हिंदू समुदाय का कहना था कि जुलूस हमेशा से समसाद के घर से जामा मस्जिद तक पारंपरिक मार्ग से निकलता आया है और इसे बदलना परंपरा के विपरीत होगा। पुलिस और प्रशासन ने दोनों पक्षों के बुजुर्गों व ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की सच्चाई जानी।
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जांच में पाया गया कि जुलूस कभी भी दक्षिण दिशा से होकर रामरतन यादव के घर की ओर नहीं गया। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि जुलूस में चार पहिया वाहन का प्रयोग नहीं होता था। वर्ष 2024 में एक बार नए मार्ग से निकालने का प्रयास किया गया था, जिसे तत्कालीन इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने रोक दिया था।
एसडीएम और सीओ ने दोनों वर्गों को समझा-बुझाकर विवाद शांत कराया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मुस्लिम समुदाय ने सहमति जताई और जुलूस परंपरागत मार्ग से ही निकाला गया। समय रहते पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से विवाद टल गया और गांव में शांति बनी रही।
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मुस्लिम पक्ष का कहना था कि पुराने मार्ग पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है जिसके कारण वहां से जुलूस निकालना कठिन हो गया है। इसलिए वे नरेश पासी के घर और पुरवा की ओर से जुलूस ले जाना चाहते थे।
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दूसरी ओर हिंदू समुदाय का कहना था कि जुलूस हमेशा से समसाद के घर से जामा मस्जिद तक पारंपरिक मार्ग से निकलता आया है और इसे बदलना परंपरा के विपरीत होगा। पुलिस और प्रशासन ने दोनों पक्षों के बुजुर्गों व ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की सच्चाई जानी।
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जांच में पाया गया कि जुलूस कभी भी दक्षिण दिशा से होकर रामरतन यादव के घर की ओर नहीं गया। साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि जुलूस में चार पहिया वाहन का प्रयोग नहीं होता था। वर्ष 2024 में एक बार नए मार्ग से निकालने का प्रयास किया गया था, जिसे तत्कालीन इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने रोक दिया था।
एसडीएम और सीओ ने दोनों वर्गों को समझा-बुझाकर विवाद शांत कराया। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मुस्लिम समुदाय ने सहमति जताई और जुलूस परंपरागत मार्ग से ही निकाला गया। समय रहते पुलिस-प्रशासन की सक्रियता से विवाद टल गया और गांव में शांति बनी रही।