{"_id":"6a0220774e4ba7e5ae08aadd","slug":"diaper-prices-rise-by-up-to-20-due-to-rising-raw-material-costs-kaushambi-news-c-261-1-kmb1025-141179-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: कच्चे माल की महंगाई से 20 फीसदी तक बढ़े डायपर के दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: कच्चे माल की महंगाई से 20 फीसदी तक बढ़े डायपर के दाम
Tue, 12 May 2026 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Tue, 12 May 2026 12:01 AM IST
विज्ञापन
दवाखाना की दुकान में बिक्री के लिए रखे डायपर। संवाद
वैश्विक बाजार में कच्चे माल की कीमतों में उछाल का असर अब बेबी प्रोडक्ट्स पर भी दिखने लगा है। बच्चों और बुजुर्गों के उपयोग में आने वाले डायपर के दाम पिछले एक महीने में 15 से 20 फीसदी तक बढ़ गए हैं।
व्यापारियों के अनुसार डायपर बनाने में इस्तेमाल होने वाले सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर, नॉन-वोवन फैब्रिक और प्लास्टिक शीट जैसे कच्चे माल के दाम बढ़ने से कंपनियों ने कीमतों में वृद्धि की है। पहले 775 रुपये में मिलने वाला बड़ा पैकेट अब 910 रुपये तक पहुंच गया है।
महंगे होने की वजह से ग्राहक अब छोटे पैक खरीद रहे हैं या सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं। इससे बिक्री पर असर पड़ा है।-- सुनील साहू, मेडिकल स्टोर संचालक
विज्ञापन
पहले लोग बड़े पैकेट ज्यादा लेते थे, लेकिन अब ग्राहक खर्च कम करने के लिए छोटे पैक मांग रहे हैं। कुछ कंपनियों की सप्लाई भी पहले जैसी नियमित नहीं आ रही। - संजय कुमार, मेडिकल स्टोर संचालक
बच्चों के लिए डायपर जरूरी हो गया है, लेकिन हर महीने खर्च बढ़ता जा रहा है। पहले जो पैकेट आठ सौ रुपये में मिलता था, अब वह 900-1000 रुपये तक पहुंच गया है। - अखिलेश कुमार, अविभावक
कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने का सीधा असर बेबी प्रोडक्ट्स पर पड़ा है। डायपर के दाम बढ़ने से आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। सरकार को आवश्यक उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। -अरविंद केसरवानी, जिलाध्यक्ष, जिला उद्योग व्यापार मंडल कौशाम्बी
विज्ञापन
व्यापारियों के अनुसार डायपर बनाने में इस्तेमाल होने वाले सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर, नॉन-वोवन फैब्रिक और प्लास्टिक शीट जैसे कच्चे माल के दाम बढ़ने से कंपनियों ने कीमतों में वृद्धि की है। पहले 775 रुपये में मिलने वाला बड़ा पैकेट अब 910 रुपये तक पहुंच गया है।
विज्ञापन
महंगे होने की वजह से ग्राहक अब छोटे पैक खरीद रहे हैं या सस्ते विकल्प तलाश रहे हैं। इससे बिक्री पर असर पड़ा है।
विज्ञापन
पहले लोग बड़े पैकेट ज्यादा लेते थे, लेकिन अब ग्राहक खर्च कम करने के लिए छोटे पैक मांग रहे हैं। कुछ कंपनियों की सप्लाई भी पहले जैसी नियमित नहीं आ रही। - संजय कुमार, मेडिकल स्टोर संचालक
बच्चों के लिए डायपर जरूरी हो गया है, लेकिन हर महीने खर्च बढ़ता जा रहा है। पहले जो पैकेट आठ सौ रुपये में मिलता था, अब वह 900-1000 रुपये तक पहुंच गया है। - अखिलेश कुमार, अविभावक
कच्चे माल और परिवहन लागत बढ़ने का सीधा असर बेबी प्रोडक्ट्स पर पड़ा है। डायपर के दाम बढ़ने से आम परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा है। सरकार को आवश्यक उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। -अरविंद केसरवानी, जिलाध्यक्ष, जिला उद्योग व्यापार मंडल कौशाम्बी

दवाखाना की दुकान में बिक्री के लिए रखे डायपर। संवाद

दवाखाना की दुकान में बिक्री के लिए रखे डायपर। संवाद

दवाखाना की दुकान में बिक्री के लिए रखे डायपर। संवाद