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डेंगू : 116 गांव- मोहल्ले हाई रिस्क श्रेणी में, दोगुना हुईं जांचें, रैपिड रिस्पांस टीमें गठित
Wed, 02 Oct 2024 04:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 02 Oct 2024 04:24 AM IST
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डेंगू मरीजों की बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले वर्ष जिन इलाकों में ज्यादा मरीज मिले थे, उन 116 गांवों व मोहल्लों को इस बार भी हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है।
मानसून की शुरुआत में डेंगू के मामले नहीं मिले, लेकिन अब कई लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉकों में रैपिड सिस्पांस टीमें गठित की हैं।
बीते पांच वर्षों में सबसे अधिक 164 डेंगू के मरीज वर्ष 2023 में ही मिले थे। इसमें इस बीमारी से पीड़ित पांच लोगों की जान भी गई थी। इस वर्ष भी डेंगू संक्रमण बढ़ने के आसार हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच कराने वालों की संख्या दोगुना हो गईं हैं। पहले जहां प्रतिदिन औसतन 40 रोगियों की जांच होती थी, वहीं अब हर दिन औसतन 80 लोग डेंगू की जांच करा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष अब तक डेंगू संक्रमण के 12 मरीज मिल चुके हैं। जिनमें से चार रोगी जनवरी में मिले थे। इस सीजन में आठ मरीज मिले, जिनमें से सात मरीज सितंबर के अंतिम तीन दिन में मिले हैं।
डेंगू संक्रमितों की अचानक बढ़ी संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। डेंगू से लोगों को बचाने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है।
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सीएचसी में बने डेंगू वार्ड और रैपिड रिस्पांस टीम
डेंगू की रोकथाम के लिए मेडिकल कॉलेज और सभी सीएचसी में एक-एक डेंगू वार्ड बनाया गया है। हर सीएचसी में एक रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। इस टीम में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन, एक वार्ड बॉय समेत छह कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
टीम को निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू का मरीज मिलने की सूचना पर पहुंच कर उपचार करें। इसके अलावा आशाओं को गांवों में जाकर लोगों को डेंगू के लक्षण व बचाव के तरीके भी बताए जाएं।
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वर्षवार मिले डेंगू के मरीजों की संख्या
वर्ष - मिले मरीज - मृत्यु
2020 - 84 - 00
2021 - 11 - 00
2022 - 55 - 00
2023 - 164 - 05
2024 - 12 - 01
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मेडिकल कॉलेज में डेंगू की हुई जांचें
माह - जांच - मिले पॉजिटिव
अप्रैल - 79 - 00
मई - 32 - 00
जून - 40 - 00
जुलाई - 31 - 00
अगस्त - 81 - 00
सितंबर - 75 - 08
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साफ पानी में ही पनपता है डेंगू का लार्वा
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. संजीव सिंह बताते हैं कि डेंगू का लार्वा नाली या तालाब में नहीं, बल्कि साफ पानी में पनपता है। ऐसे में लोगों को हमेशा अपने घरों में रखे कूलर, पानी की टंकियों की समय-समय पर सफाई करते रहना चाहिए। इसके कहीं भी पानी का ठहराव न होने दें। बचाव के लिए हमेशा फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। अधिक से अधिक पानी पीते रहें।
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डेंगू से बचाव के लिए मुकम्मल तैयारी है। सभी सीएचसी में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। आशाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जहां भी मरीज मिल रहे हैं, वहां पर टीमें भेज कर रोकथाम के लिए दवा वितरण और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
डॉ. संजय कुमार
सीएमओ
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मानसून की शुरुआत में डेंगू के मामले नहीं मिले, लेकिन अब कई लोग संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने ब्लॉकों में रैपिड सिस्पांस टीमें गठित की हैं।
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बीते पांच वर्षों में सबसे अधिक 164 डेंगू के मरीज वर्ष 2023 में ही मिले थे। इसमें इस बीमारी से पीड़ित पांच लोगों की जान भी गई थी। इस वर्ष भी डेंगू संक्रमण बढ़ने के आसार हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है, क्योंकि मेडिकल कॉलेज में डेंगू की जांच कराने वालों की संख्या दोगुना हो गईं हैं। पहले जहां प्रतिदिन औसतन 40 रोगियों की जांच होती थी, वहीं अब हर दिन औसतन 80 लोग डेंगू की जांच करा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष अब तक डेंगू संक्रमण के 12 मरीज मिल चुके हैं। जिनमें से चार रोगी जनवरी में मिले थे। इस सीजन में आठ मरीज मिले, जिनमें से सात मरीज सितंबर के अंतिम तीन दिन में मिले हैं।
डेंगू संक्रमितों की अचानक बढ़ी संख्या ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। डेंगू से लोगों को बचाने के लिए जिला मुख्यालय से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक की टीमों को अलर्ट कर दिया गया है।
सीएचसी में बने डेंगू वार्ड और रैपिड रिस्पांस टीम
डेंगू की रोकथाम के लिए मेडिकल कॉलेज और सभी सीएचसी में एक-एक डेंगू वार्ड बनाया गया है। हर सीएचसी में एक रैपिड रिस्पांस टीम गठित की गई है। इस टीम में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन, एक वार्ड बॉय समेत छह कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
टीम को निर्देश दिए गए हैं कि डेंगू का मरीज मिलने की सूचना पर पहुंच कर उपचार करें। इसके अलावा आशाओं को गांवों में जाकर लोगों को डेंगू के लक्षण व बचाव के तरीके भी बताए जाएं।
वर्षवार मिले डेंगू के मरीजों की संख्या
वर्ष - मिले मरीज - मृत्यु
2020 - 84 - 00
2021 - 11 - 00
2022 - 55 - 00
2023 - 164 - 05
2024 - 12 - 01
मेडिकल कॉलेज में डेंगू की हुई जांचें
माह - जांच - मिले पॉजिटिव
अप्रैल - 79 - 00
मई - 32 - 00
जून - 40 - 00
जुलाई - 31 - 00
अगस्त - 81 - 00
सितंबर - 75 - 08
साफ पानी में ही पनपता है डेंगू का लार्वा
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. संजीव सिंह बताते हैं कि डेंगू का लार्वा नाली या तालाब में नहीं, बल्कि साफ पानी में पनपता है। ऐसे में लोगों को हमेशा अपने घरों में रखे कूलर, पानी की टंकियों की समय-समय पर सफाई करते रहना चाहिए। इसके कहीं भी पानी का ठहराव न होने दें। बचाव के लिए हमेशा फुल आस्तीन के कपड़े पहनें। अधिक से अधिक पानी पीते रहें।
डेंगू से बचाव के लिए मुकम्मल तैयारी है। सभी सीएचसी में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। आशाओं के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जहां भी मरीज मिल रहे हैं, वहां पर टीमें भेज कर रोकथाम के लिए दवा वितरण और एंटी लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।
डॉ. संजय कुमार
सीएमओ