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Kaushambi News: तीन बार बढ़ चुकी समय सीमा, यमुना पुल अब भी अधर में
Mon, 30 Mar 2026 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 30 Mar 2026 01:08 AM IST
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मनराज केसरवानी
- फोटो : credit
कौशाम्बी ब्लॉक के चक गुलाम से चित्रकूट के बियावल घाट के बीच यमुना नदी पर बन रहा पुल वर्षों से चर्चा में है। करीब 116.97 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस 970.88 मीटर लंबे दो लेन पुल का निर्माण दो अप्रैल 2021 को शुरू हुआ था। अब तक तीन बार समय सीमा बढ़ाने के बाद भी पुल पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है।
वहीं, स्थानीय व्यापारी और आम लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पुल बनते ही न केवल दूरी कम होगी बल्कि कौशाम्बी और चित्रकूट के बीच व्यापार और आवागमन को भी नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी चित्रकूट जाने के लिए राजापुर, महिला घाट पुल या अन्य घाटों के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
पुल बन जाने पर दूरी करीब 20 से 25 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों और आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
पुल बनने से निर्माण सामग्री के कारोबार को बड़ा लाभ होगा। अभी हमें चित्रकूट और आसपास के इलाकों में सामान भेजने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इससे ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ता है और समय भी ज्यादा लगता है। अगर पुल बन जाएगा तो सीधा रास्ता मिल जाएगा। -समशाद हुसैन, बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारी
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पुल बनने से छोटे व्यापारियों के लिए नए बाजार खुलेंगे। हम लोग छोटे व्यापारी हैं और रोजी-रोटी के लिए आसपास के बाजारों पर निर्भर रहते हैं। पुल बनने से चित्रकूट और आसपास के गांवों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ग्राहक भी बढ़ेंगे और व्यापार को नई रफ्तार भी मिलेगी। - शिव भोला निषाद, जूता-चप्पल विक्रेता
पुल बनने से न सिर्फ व्यापारियों को फायदा होगा बल्कि आम लोगों को भी राहत मिलेगी। अभी लोगों को रोजाना लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। पुल बनते ही समय और खर्च दोनों बचेंगे और बाजारों में भी रौनक बढ़ेगी। साथ ही दोनों जिलों के लोगों का जुड़ाव भी आसान हो जाएगा। - मनराज केसरवानी ,किराना व्यवसायी
पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अधिकांश काम पूरा हो चुका है। शेष काम को जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जून तक पुल बनकर तैयार हो जाएगा। पुल निर्माण कार्य की समय सीमा भले ही बढ़ाई गई है, लेकिन इसकी लागत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। - सुलभेंद्र प्रताप सिंह, डीपीएम सेतु निगम
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वहीं, स्थानीय व्यापारी और आम लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि पुल बनते ही न केवल दूरी कम होगी बल्कि कौशाम्बी और चित्रकूट के बीच व्यापार और आवागमन को भी नई गति मिलेगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी चित्रकूट जाने के लिए राजापुर, महिला घाट पुल या अन्य घाटों के रास्ते लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
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पुल बन जाने पर दूरी करीब 20 से 25 किलोमीटर कम हो जाएगी, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों और आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
पुल बनने से निर्माण सामग्री के कारोबार को बड़ा लाभ होगा। अभी हमें चित्रकूट और आसपास के इलाकों में सामान भेजने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। इससे ट्रांसपोर्ट का खर्च भी बढ़ता है और समय भी ज्यादा लगता है। अगर पुल बन जाएगा तो सीधा रास्ता मिल जाएगा। -समशाद हुसैन, बिल्डिंग मैटेरियल व्यापारी
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पुल बनने से छोटे व्यापारियों के लिए नए बाजार खुलेंगे। हम लोग छोटे व्यापारी हैं और रोजी-रोटी के लिए आसपास के बाजारों पर निर्भर रहते हैं। पुल बनने से चित्रकूट और आसपास के गांवों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ग्राहक भी बढ़ेंगे और व्यापार को नई रफ्तार भी मिलेगी। - शिव भोला निषाद, जूता-चप्पल विक्रेता
पुल बनने से न सिर्फ व्यापारियों को फायदा होगा बल्कि आम लोगों को भी राहत मिलेगी। अभी लोगों को रोजाना लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। पुल बनते ही समय और खर्च दोनों बचेंगे और बाजारों में भी रौनक बढ़ेगी। साथ ही दोनों जिलों के लोगों का जुड़ाव भी आसान हो जाएगा। - मनराज केसरवानी ,किराना व्यवसायी
पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अधिकांश काम पूरा हो चुका है। शेष काम को जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जून तक पुल बनकर तैयार हो जाएगा। पुल निर्माण कार्य की समय सीमा भले ही बढ़ाई गई है, लेकिन इसकी लागत में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। - सुलभेंद्र प्रताप सिंह, डीपीएम सेतु निगम

मनराज केसरवानी- फोटो : credit

मनराज केसरवानी- फोटो : credit

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