कौशाम्बी में घर से अगवा ईंट भट्ठे के मेट का कुआं में मिला शव
जजौली गांव का रामबदन उर्फ अबरार (40) पुत्र राम आधार जिले के कई ईंट भट्ठों में मजदूर सप्लाई करता है। इन मजदूरों द्वारा प्रति एक हजार ईंट की पथाई करने पर रामबदन को 20 रुपया कमीशन मिलता था। पिछले दिनों उसके कई मजदूर लोहरा स्थित ईंट भट्ठे में काम कर रहे थे। करीब एक माह पहले लोहरा वाले भट्ठे से कुछ मजदूर भाग गए। इसी बात को लेकर रामबदन का भट्ठे की देखरेख करने वाले लोहरा गांव के यासीर, शेर अली व नरवरपट्टी के औसान से विवाद हुआ।
आठ दिसंबर को रामबदन घर से लापता हो गया। काफी खोजबीन के बाद भी कोई सुराग नहीं लगने पर नौ दिसंबर को रामबदन की पत्नी रीता देवी ने यासीर, शेरअली और औसान के खिलाफ पश्चिमशरीरा कोतवाली में अपहरण का केस दर्ज करा दिया। केस दर्ज करने के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई जगह छापा मारा। इस दौरान 10 दिसंबर को यासीर पकड़ा गया। वहीं, उसके दोनों साथी फरार थे। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ के बाद यासीर टूट गया और उसने रामबदन की हत्या की बात कूबूल कर ली।
उसने पुलिस को बताया कि वारदात के बाद उन लोगों ने रामबदन का शव लोहरा गांव के बाहर कुएं में फेंक दिया। यासीर की निशानदेही पर रविवार को सीओ मंझनपुर डॉ. केजी सिंह, सीओ सिराथू रामवीर सिंह, इंस्पेक्टर पश्चिमशरीरा सर्वेश सिंह, इंस्पेक्टर कोखराज व चरवा कोतवाली पुलिस फायरकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और शव को बाहर निकलवाया।
पुलिस ने बताया कि कातिलों ने रामबदन की हत्या के बाद लाश बोरे में भरकर कुएं में गिराया था। शव से बदबू बाहर नहीं फैले, इसे लेकर कुएं में काफी मिट्टी भी डाली गई थी। इस बाबत सीओ सदर का कहना है कि पैसे के लेनदेन को लेकर रामबदन का आरोपियों से विवाद हुआ था। जल्द ही बाकी के फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। उधर, लिखापढ़ी के बाद पुलिस ने शाम तक शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।