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गैर इरादतन हत्या में पिता-पुत्र की दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 18 May 2017 01:22 AM IST
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कौशाम्बी
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फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में पिता-पुत्र को दस-दस साल की कैद व 21-21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। घटना वर्ष 2006 में करारी के बदलेपुर गांव में खेत की नाली के विवाद को लेकर हुई थी।
अभियोजन के अनुसार बदलेपुर निवासी वादी रामखेलावन ने 23 जुलाई वर्ष 2006 को करारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसका बेटा देशराज खेत में काम कर रहा था। गांव के ही बलराम सिंह यादव व उसके बेटे सत्येंद्र सिंह ने खेत की नाली के विवाद में उसके बेटे को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। गंभीर चोटें आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी थी। इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
विवेचना के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) दिनेश पाल यादव की अदालत में हुई। शासकीय अधिवक्ता त्रिलोकीचंद्र केशरवानी ने वादी समेत छह गवाहों को पेश किया। आरोपी बलराम सिंह यादव व उसके बेटे सत्येंद्र सिंह पर आरोप साबित होने पर अदालत ने दस-दस साल कैद और 21-21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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अभियोजन के अनुसार बदलेपुर निवासी वादी रामखेलावन ने 23 जुलाई वर्ष 2006 को करारी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसका बेटा देशराज खेत में काम कर रहा था। गांव के ही बलराम सिंह यादव व उसके बेटे सत्येंद्र सिंह ने खेत की नाली के विवाद में उसके बेटे को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया। गंभीर चोटें आई। पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रकरण की जांच शुरू कर दी थी। इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया था।
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विवेचना के बाद पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था। प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) दिनेश पाल यादव की अदालत में हुई। शासकीय अधिवक्ता त्रिलोकीचंद्र केशरवानी ने वादी समेत छह गवाहों को पेश किया। आरोपी बलराम सिंह यादव व उसके बेटे सत्येंद्र सिंह पर आरोप साबित होने पर अदालत ने दस-दस साल कैद और 21-21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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