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मंझनपुर गोदाम में कोटेदार के पति ने किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Fri, 01 Jul 2016 11:51 PM IST
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सदर ब्लॉक के गोदाम में कोटेदारों को राशन कम दिया जाता है। जाहिर है कि बचे राशन की कालाबाजारी की जाती है। इसके लिए शायद अब किसी प्रमाण की जरूरत नहीं रह गई है। शुक्रवार को घटतौली को लेकर ही मंझनपुर गोदाम में जमकर बवाल हुआ। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसके बाद कर्मचारियों ने तीन क्विंटल राशन देकर मामला रफादफा किया।
मंझनपुर गोदाम से किसी भी कोटेदार को उठान वाले दिन मिलने वाले बोरों को तौल लिया जाय तो उसमें प्रति क्विंटल पांच से छह किलो राशन कम रहता है। यह बात तो घटतौली की है। इसके अलावा कोटेदार को बोरी भी कम दी जाती है। बानगी के तौर पर सदर ब्लॉक के मीरापुर गांव को लिया जा सकता है। यहां की कोटेदार गुड्डी देवी को गोदाम में तैनात एमआई के भाई ने तीन क्विंटल खाद्यान्न कम दिया। घर पहुंचने पर जब कोटेदार ने गिनती में बोरे कम पाया तो शुक्रवार की सुबह कोटेदार का पति गोदाम पहुंचा।
उसने एमआई के भाई से राशन कम देने की बात बताई। इस पर एमआई का भाई कुछ मानने को तैयार ही नहीं हुआ। बाद में महिला कोटेदार का पति जब हाथापाई पर उतर आया तो एमआई के भाई ने तीन क्विंटल राशन का उठान फिर से कराया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब कोटेदारों को राशन गोदाम से ही कम दिया जाता है कि वह गांव में कालाबाजारी करने से कैसे बाज आएंगे और फिर गोदाम में बचने वाले राशन को कर्मचारी क्या करेंगे। जाहिर है कि उसकी भी कालाबाजारी कर दी जाएगी।
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मंझनपुर गोदाम के सत्यापन की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। महीने की 21 और 22 तारीख को सत्यापन किया जाता है। किसी कोटेदार को कम राशन दिया गया था यह शिकायत नहीं मिली। गोदाम में बचा हुआ माल स्टॉक रजिस्टर में इंट्री रहता है। गोदाम में कितना राशन है यह रजिस्टर देखने के बाद ही पता लग पाएगा।
लालजी मिश्र, एसडीएम मंझनपुर
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मंझनपुर गोदाम से किसी भी कोटेदार को उठान वाले दिन मिलने वाले बोरों को तौल लिया जाय तो उसमें प्रति क्विंटल पांच से छह किलो राशन कम रहता है। यह बात तो घटतौली की है। इसके अलावा कोटेदार को बोरी भी कम दी जाती है। बानगी के तौर पर सदर ब्लॉक के मीरापुर गांव को लिया जा सकता है। यहां की कोटेदार गुड्डी देवी को गोदाम में तैनात एमआई के भाई ने तीन क्विंटल खाद्यान्न कम दिया। घर पहुंचने पर जब कोटेदार ने गिनती में बोरे कम पाया तो शुक्रवार की सुबह कोटेदार का पति गोदाम पहुंचा।
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उसने एमआई के भाई से राशन कम देने की बात बताई। इस पर एमआई का भाई कुछ मानने को तैयार ही नहीं हुआ। बाद में महिला कोटेदार का पति जब हाथापाई पर उतर आया तो एमआई के भाई ने तीन क्विंटल राशन का उठान फिर से कराया। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब कोटेदारों को राशन गोदाम से ही कम दिया जाता है कि वह गांव में कालाबाजारी करने से कैसे बाज आएंगे और फिर गोदाम में बचने वाले राशन को कर्मचारी क्या करेंगे। जाहिर है कि उसकी भी कालाबाजारी कर दी जाएगी।
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मंझनपुर गोदाम के सत्यापन की जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। महीने की 21 और 22 तारीख को सत्यापन किया जाता है। किसी कोटेदार को कम राशन दिया गया था यह शिकायत नहीं मिली। गोदाम में बचा हुआ माल स्टॉक रजिस्टर में इंट्री रहता है। गोदाम में कितना राशन है यह रजिस्टर देखने के बाद ही पता लग पाएगा।
लालजी मिश्र, एसडीएम मंझनपुर