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एक साल से सुलग रही थी अदावत की चिंगारी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Thu, 23 Feb 2017 12:29 AM IST
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कोतवाली के कोर्रो गांव में शिवसेना कार्यकर्ता और उसके पड़ोसी के बीच एक साल से अदावत की चिंगारी सुलग रही थी। सेहन की जमीन पर बनी चरही को लेकर कई बार तीखी झड़प के साथ मारपीट हो चुकी थी। इसी रंजिश में बुधवार की सुबह हुई कहासुनी के दौरान शिवसेना कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस हत्यारोपियों की तलाश के साथ घटना की असली वजह खंगालने में जुट गई है।
मंझनपुर कोतवाली के कोर्रो गांव का रहने वाला राम विलास पुत्र बच्चा लाल का पड़ोसी अरूण कुमार और सुनील के बीच एक साल से चरही को लेकर खुन्नस चल रही थी। दोनों परिवारों के बीच कई बार हाथापाई भी हो चुकी है पर, मामले का निपटारा नहीं हो सका। चरही बिगाड़ने का विरोध करने पर बुधवार की सुबह पड़ोसियों ने राम विलास को मौत के घाट उतार दिया। नि:संतान राम विलास पत्नी रन्नो देवी के साथ भाई की बेटी को गोद लेकर परिवार की जीविका चलाता था। जिस अंदाज में सुबह पड़ोसी से उसकी झड़प हुई थी उसे क्या पता कि आज उसे मौत की नींद सुला दिया जाएगा। निहत्था होने के बाद पड़ोसी उस पर भारी पडे़। राम विलास की मौत से पत्नी व बच्चों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
रात में प्रचार कर रहा था राम विलास
शिवसेना समर्थक राम विलास मंगलवार की रात गांव में शिवसेना का प्रचार कर रहा था। वहीं उसके विपक्षी दूसरी पार्टी का प्रचार कर रहे थे। इसको लेकर दोनों परिवारों में मंगलवार की रात ही तनातनी हो गई थी। बुधवार की भोर में चरही के विवाद में दोनों खुलकर सामने आ गए तो बात बिगड़ गई। सुनसान होने के कारण आरोपी पक्ष ने राम विलास को दबोचकर वहीं मार डाला। आरोपियों ने पीट-पीट कर रामविलास को बेरहमी से मारा था। मौत हो जाने पर आरोपी उसे जिला अस्पताल के बाहर फेंक कर भाग निकले थे।
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दरवाजे पर शव दफनाए जाने से तनाव
सदर कोतवाली के कोर्रों गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। हत्या की घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। इससे दूसरा पक्ष सहमा हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच बजे शव आया तो स्थिति एकदम से बदल गई। मृतक के परिजन मारपीट पर आमादा हो गए थे। खून का बदला खून से लेने का ऐलान करते हुए वादी पक्ष ने शव को आरोपियों के घर के बाहर ही दफन कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस तमाशा देखती रही। पुलिस कर्मियों ने विरोध किया तो गुस्साए लोगों ने दौड़ा लिया। मृतक के परिजनों की इस हरकत से पूरे गांव के लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीचोंबीच किसी का शव दफनाया जाना ठीक नहीं था। पुलिस ने भी किसी तरह का विरोध नहीं किया। इस मामले में मो. हासिम का कहना है कि चरही की जमीन पर शव दफन किया गया है। घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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मंझनपुर कोतवाली के कोर्रो गांव का रहने वाला राम विलास पुत्र बच्चा लाल का पड़ोसी अरूण कुमार और सुनील के बीच एक साल से चरही को लेकर खुन्नस चल रही थी। दोनों परिवारों के बीच कई बार हाथापाई भी हो चुकी है पर, मामले का निपटारा नहीं हो सका। चरही बिगाड़ने का विरोध करने पर बुधवार की सुबह पड़ोसियों ने राम विलास को मौत के घाट उतार दिया। नि:संतान राम विलास पत्नी रन्नो देवी के साथ भाई की बेटी को गोद लेकर परिवार की जीविका चलाता था। जिस अंदाज में सुबह पड़ोसी से उसकी झड़प हुई थी उसे क्या पता कि आज उसे मौत की नींद सुला दिया जाएगा। निहत्था होने के बाद पड़ोसी उस पर भारी पडे़। राम विलास की मौत से पत्नी व बच्चों का रो-रोकर हाल बेहाल है।
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रात में प्रचार कर रहा था राम विलास
शिवसेना समर्थक राम विलास मंगलवार की रात गांव में शिवसेना का प्रचार कर रहा था। वहीं उसके विपक्षी दूसरी पार्टी का प्रचार कर रहे थे। इसको लेकर दोनों परिवारों में मंगलवार की रात ही तनातनी हो गई थी। बुधवार की भोर में चरही के विवाद में दोनों खुलकर सामने आ गए तो बात बिगड़ गई। सुनसान होने के कारण आरोपी पक्ष ने राम विलास को दबोचकर वहीं मार डाला। आरोपियों ने पीट-पीट कर रामविलास को बेरहमी से मारा था। मौत हो जाने पर आरोपी उसे जिला अस्पताल के बाहर फेंक कर भाग निकले थे।
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दरवाजे पर शव दफनाए जाने से तनाव
सदर कोतवाली के कोर्रों गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया है। हत्या की घटना के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। इससे दूसरा पक्ष सहमा हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद शाम करीब पांच बजे शव आया तो स्थिति एकदम से बदल गई। मृतक के परिजन मारपीट पर आमादा हो गए थे। खून का बदला खून से लेने का ऐलान करते हुए वादी पक्ष ने शव को आरोपियों के घर के बाहर ही दफन कर दिया। मौके पर मौजूद पुलिस तमाशा देखती रही। पुलिस कर्मियों ने विरोध किया तो गुस्साए लोगों ने दौड़ा लिया। मृतक के परिजनों की इस हरकत से पूरे गांव के लोग आक्रोशित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बीचोंबीच किसी का शव दफनाया जाना ठीक नहीं था। पुलिस ने भी किसी तरह का विरोध नहीं किया। इस मामले में मो. हासिम का कहना है कि चरही की जमीन पर शव दफन किया गया है। घटना की जांच की जा रही है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।